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हाइपरथॉयराइडिज्म होने के कारण (Causes of Hyperthyroidism in Hindi)
हाइपरथॉयराइडिज्म होने के पीछे बहुत सारे कारण है एक तो किसी बीमारी के कारण होता है दूसरा जीवनशैली, आहार, आनुवांशिकता के कारण भी होता है।
पहले जानते हैं कि किन रोगों के कारण हाइपरथॉयराइडिज्म होता है-
1- हैशीमोटो डिजीज (Hashimoto’s disease) – यह रोग थायरॉइड ग्रंथि के किसी एक भाग को निष्क्रिय बना देता है।
2- थॉयरोडिटिस (Thyroiditis)– यह थायरॉइड ग्रंथि में सूजन आने के कारण होता है। प्रारम्भ में इसमें थाइरॉइड हार्मोन का अधिक उत्पादन होता है और बाद में इसमें कमी आ जाती है जिस कारण हाइपरथॉयराइडिज्म (Hypothyrodism) हो जाता है। कईं बार यह महिलाओं में गर्भावस्था के बाद देखा जाता है।
3- डायट -आहार में आयोडीन की कमी के कारण हाइपरथॉयराइडिज्म (Hypothyrodism) हो जाता है इसलिए आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना चाहिए।
4- ग्रेव्स डिजीज (Graves-disease)– ग्रेव्स रोग व्यस्क लोगों में हाइपरथॉयराइडिज्म होने का मुख्य कारण है। इस रोग में शरीर की प्रतिक्षा प्रणाली ऐसे एंटीबॉडिज (Antibodies) का उत्पादन करने लगती है जो टीएसएच (TSH) को बढ़ाती है। यह आनुवांशिक बीमारी है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है।
5- गॉयटर (Goitre)- घेंघा रोग के कारण।
6- विटामिन बी12(Vitamin B12)- विटामिन बी12 के कारण भी हाइपरथॉयराइडिज्म (Hypothyrodism) हो सकता है।
इसके अलावा डायट, लाइफस्टाइल और हेरिडिटी के कारण भी हाइपरथॉयराइडिज्म होने का खतरा होता है-
-अधिक तनावपूर्ण जीवन जीने से थायरॉइड हार्मोन (Thyroid hormone) की सक्रियता पर असर पड़ता है।
-आहार में आयोडीन की मात्रा कम या ज्यादा होने से थायरॉइड ग्रंथियाँ विशेष रूप से प्रभावित होती है।
-यह रोग अनुवांशिक भी हो सकता है। यदि परिवार के दूसरे सदस्यों को भी यह समस्या रही हो तो इसके होने के संभावना अधिक रहती है।
-महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान थायरॉइड हार्मोन्स में असंतुलन देखा जाता है क्योंकि इस समय महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं।
-भोजन में सोया उत्पादों का अधिक इस्तेमाल करने के कारण।
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