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क्या होती है विटिलिगो डाइट, जानें किस तरह यह सफेद दाग को बढ़ने से रोकता है

विटिलिगो डाइट के फायदे
Benefits of vitiligo diet in leucoderma- विटिलगो को ल्यूकोडर्मा भी कहा जाता है. यह त्वचा से जुड़ी एक ऑटो इम्यून बीमारी है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरोधक क्षमता ही असंतुलित होकर त्वचा को नुकसान पहुंचाने का काम करती है. ऐसे में त्वचा के रंग को बनाए रखने वाले मेलेनोसाइट्स सेल्स कमजोर होते हैं और स्किन पर सफेद दाग नजर आने लगते हैं. आमतौर पर इसके लिए जेनेटिक कारण बताए जाते हैं लेकिन यह किसी भी तरह संक्रमित नहीं होते, यानी कि दूसरों को छूने पर यह रोग नहीं फैलता है. विटिलगो का प्रभाव ज्यादातर आंख नाक और होठों के आसपास ज्यादा होता है और फिर फैलते हुए हाथ पैरों तक पहुंचता है. आइए जानते हैं कि विटिलगो में क्या डाइट लेनी चाहिए और ये कैसे फायदा कर सकती है.

क्या है विटिलगो डाइट
विटिलगो डाइट वो होती है जिसका पालन करके आप सफेद दागों को बढ़ने से रोक सकते हैं. इसमें व्यक्ति को वात और पित्त को कंट्रोल में रखने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाता है और ध्यान रखा जाता है कि डाइट में जो भी लिया जाए वो शरीर में वात और पित्त का संतुलन बनाए रखे. 

विटिलगो में ऐसी होनी चाहिए डाइट –
वैरीवेल फैमिली के अनुसार अनाज में गेहूं के साथ साथ जौ का भी इनटेक बढ़ाएं
-चावल नया और पॉलिश्ड नहीं होना चाहिए, जितना पुराना चावल खाएंगे उतना फायदा होगा.
-दालों की बात करें तो अपने डिनर में रोज मूंग और अरहर की दाल को शामिल करना चाहिए.
-करेले, सहजन, टिंडे और परवल को डेली डाइट में शामिल करना चाहिए.
-मूली और गाजर जैसी जड़ वाली सब्जियों का सेवन करें.
-रोज काले चने को भिगोकर इसका सेवन करना चाहिए.
-सूखे मेवे में बादाम खा सकते हैं.
-पानी पीने के लिए तांबे के बर्तन में रखा पानी ही पिएं.
-फलों में केला, सेब, बीटरूट का सेवन फायदेमंद होगा.

किन चीजों से करना चाहिए परहेज
.-वात पित्त को बढ़ावा देने वाले फूड कॉम्बिनेशन जैसे , दूध और मछली, दही और बैंगन का एक साथ सेवन नहीं करना चाहिए.
-उड़द का दाल से परहेज करना चाहिए औऱ फ्रिज में रखा या पैकेट बंद खाने से परहेज करना चाहिए.
-अल्कोहल का प्रयोग ना करें, मांस-मछली और खासकर रेड मीट से दूरी बनाकर रखें

विटिलगो डाइट कैसे करेगी फायदा
दरअसल आर्युवेद के अनुसार विटिलगो को कंट्रोल करने के लिए शरीर में वात और पित्त नामक द्रव्यों का सही संतुलन जरूरी है. इस डाइट के जरिए वात और पित्त की मात्रा और सही इनटेक पूरा होता है जिससे प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है. इसके अलावा शरीर के इम्यून सिस्टम को बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ, जिसमें बीटा-कैरोटीन, एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोकेमिकल्स शामिल हैं, ऐसी डाइट लेना इस बीमारी में फायदेमंद होता है. विटामिन बी, सी, अमीनो एसिड और फोलिक एसिड से भरपूर डाइट प्लान लेने पर विटिलगो में फायदा पहुंचता है

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