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ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक (TIA): इस तरह के स्ट्रोक का कारण मुख्यत: रक्त का थक्का (Blood Clot) होता है, जो आमतौर पर अपने आप वापस रक्त में घुल जाता है. 10-15 फीसद स्ट्रोक ट्रांजिएट इस्केमिक अटैक होते हैं.
इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic stroke): इस तरह का स्ट्रोक ब्लड क्लॉट या धमनी में प्लाक जमा होने के कारण आई रुकावट की वजह से होता है. इस्केमिक स्ट्रोक के लक्षण और जटिलताएं TIA की तुलना में ज्यादा समय तक रह सकती हैं और यह स्थायी भी हो सकते हैं. सीडीसी के अनुसार करीब 87 फीसद स्ट्रोक इस्केमिक स्ट्रोक होते हैं.
हेमोरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic stroke): इसे रक्तस्रावी स्ट्रोक भी कहा जाता है. मस्तिष्क में मौजूद किसी रक्त वाहिका के फटने या उसमें लीकेज होने की वजह से मस्तिष्क में खून रिसने की वजह से हेमोरेजिक स्ट्रोक होता है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार 13 फीसद स्ट्रोक होमोरेजिक होते हैं.
सबरैकनोइड स्ट्रोक (subarachnoid stroke)
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