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एक ही बात को बार-बार सोचने की आदत है तो यह ओवरथिंकिंग की बीमारी है जिसका असर मानसिक और शारीरिक हेल्थ पर बहुत अधिक होता.

क्या आप भी किसी भी बात को लेकर बहुत ज्यादा सोचने लगते हैं. इतना सोचते हैं कि वह बात आपको टेंशन देने लगती है. कई बार किसी भी चीज के बारे में बहुत अधिक सोचने से थकान महसूस हो सकती है. दिमाग और मन पर बोझ बढ़ जाता है. ओवरथिंकिंग की समस्या आपको मानसिक रूप से बीमार कर सकती है. कुछ लोग एक ही समस्या को सार दिन सोचते रहते हैं. आपके आस-पास ऐसे कई लोग मिल जाएंगे. चिंताएं, परेशानियां, तनाव हर किसी की जिंदगी में होती है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप किसी भी एक बात को लेकर बैठे रहें, सोचते रहें. चिंता करने की आदत ही आगे चलकर ओवरथिंकिंग में बदल जाती है. आइए जानते हैं ओवरथिंकिंग के लक्षण और इससे बचने के उपाय.

क्या है ओवरथिंकिंग?

ओवरथिंकिंग जब हद से ज्यादा बढ़ जाए तो इसे मानसिक बीमारी की कैटेगरी में रखा जाता है. जब कोई व्यक्ति छोटी सी बात को भी लंबे समय तक सोचने लगे तो यह ओवरथिंकिंग कहलाती है. किसी भी काम को करने या फैसला लेने से पहले लोग सोचते हैं, जो सही भी है. यह इंसान का नेचुरल स्वभाव है, लेकिन जब यह स्वभाव हद से ज्यादा बढ़ जाए तो ओवरथिंकिंग कहलाती है.

ओवरथिंकिंग के लक्षण

अपने साथ हुई किसी खराब और शर्मिंदा करने वाले लम्हे को याद करते रहना.
बार-बार सोचते रहने से नींद सही से नहीं आना.
पुरानी बातों को याद करते रहना, उसमें समय बर्बाद करना.
आपकी गलतियां कोई बताए तो उसे सोचते रहना.
किसी ने कुछ कह दिया तो उसे दिल, दिमाग से लगाना.
अपने पास्ट और भविष्य के बारे में अत्यधिक सोचते रहना.
अपनी चिंताओं से खुद को उबार पाने में असफल होना.

ओवरथिंकिंग से बचने के उपाय :

-यदि आप बार-बार कुछ गलत चीजों के बारे में सोचते रहते हैं तो इससे दिमाग को भटकाने के लिए कुछ पसंदीदा काम करें. कोई ऐसी एक्टिविटी करें, जिसे करके आपको खुशी महसूस हो. नया किचन स्किल सीखें, वर्कआउट क्लास ज्वाइन करें. पेंटिंग करें, गाना सुनें, डांस करें. इससे आपका दिमाग रिलैक्स महसूस करेगा और आप बेफिजूल की बातों को सोचने से भी बचेंगे.

-आप जब कभी भी खुद को ओवरथिंकिंग के भंवर जाल में उलझता पाएं, तो तेज गहरी सांस लें. आंखें बंद कर लें. सांस अंदर और बाहर छोड़ें. इस एक्सरसाइज को दिन भर में लगभग 3 बार 5 मिनट के लिए करें. आपको काफी रिलैक्स और शांति महसूस होगी.

-ओवरथिंकिंग से बचना है तो आप नियमित रूप से ध्यान यानी मेडिटेशन का अभ्यास भी करें. इससे आपके अंदर का डर, घबराहट कम होगा. मेंटली आपको रिलैक्स महसूस होगा. एक शांत जगह पर बैठकर प्रतिदिन आप सिर्फ 5 मिनट के लिए मेडिटेशन करें.

-यदि आपसे कोई गलती हो गई है तो उसे सोचकर कुछ हासिल नहीं होगा. आप अपने आप को उस गलती के लिए मांफ करें और लाइफ में आगे बढ़ें. अपने भविष्य के बारे में सोचें. अपने डर, घबराहट को गले लगाएं, उसका डट कर सामना करें. यदि आपसे कोई गलती हुई है तो हमेशा याद रखें कि हर किसी से कभी ना कभी गलती होती है.

-अकेले रहने से बचें. अपने परिवार के साथ बैठकर अपनी समस्याओं के बारे में बताएं. अपने दोस्तों के साथ समय बिताएं. घूमने-फिरने के लिए जाएं. यदि परेशानी कम नहीं हो रही है तो किसी काउंसिलर से मिलें.

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