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बार-बार सफाई करना भी है एक बीमारी! ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के बारे में जानें
ऑब्सेसिव कंपस्लिव डिसऑर्डर के लक्षण.
Symptoms Of Obsessive Compulsive Disorder-अगर व्यक्ति बार-बार सफाई करता रहता हैं और कोई चीज जरा भी जगह से हिल जाए फिर भी उस चीज को जब तक दोबारा ऑर्गनाइज न कर लिया जाए तब तक संतुष्ट नहीं हो पाता है तो यह ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर बीमारी हो सकती है. वेब एम डी के अनुसार इस डिसऑर्डर में व्यक्ति को एक ही चीज बार-बार करने का मन करता है और जब तक वह किसी एक चीज को बार-बार सोच नहीं लेता है या करता नहीं है तो उसे मानसिक संतुष्टि नहीं मिल पाती है. इसमें जरूरी नहीं है कि व्यक्ति के दिमाग में बुरे ख्याल ही आते हैं. इसमें व्यक्ति के दिमाग में कोई भी ख्याल वह रिपीट होता रहता है. व्यक्ति एक ही चीज को बार-बार करने का आदी हो जाता है. आइए जानते हैं ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के लक्षणों के बारे में विस्तार से.
ओसीडी के लक्षण
-खुद के या दूसरों के हर्ट होने की चिंता होना.
-बार-बार आंख झपकते रहना, सांस लेना या अन्य गतिविधियों को एक साथ बार-बार करना.
-एक ही क्रम में बार-बार एक ही चीज को करते रहना.
-कदमों या किसी भी चीज को गिनने की जरूरत महसूस करना.
-किसी भी चीज के छू जाने पर खुद को अछूत समझना.
-मन में हर समय चिंता जैसे गैस खुली रह गई, दरवाजा खुला रह गया या दरवाजा बंद हो गया.
कारण
अब तक पूरी तरह से इसका स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया है लेकिन स्ट्रेस होना इसका मुख्य कारण हो सकता है. महिलाओं में यह ज्यादा देखने को मिलता है. इसके रिस्क फैक्टर में फैमिली में किसी ऐसे व्यक्ति का होना, दिमाग के कुछ भागों में अंतर होना, डिप्रेशन या चिंता होना और बचपन में ट्रॉमा या किसी गहरी चोट आदि से गुजरना शामिल हो सकते हैं.
इलाज
इसके इलाज में साइको थेरेपी शामिल है जिससे व्यक्ति को मानसिक रूप से काफी अच्छा महसूस करने में मदद मिलती है. योग, ध्यान और मसाज जैसी तकनीकों को अपना कर रिलैक्स हुआ जा सकता है. अगर डॉक्टर को स्थिति ज्यादा गंभीर लगती है तो वह दवाई भी दे सकते हैं. न्यूरो मॉड्यूलेशन और टीएमएस जैसी तकनीकों का प्रयोग भी बहुत कम केसों में देखने को मिल सकता है.
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