healthplanet.net

Posted on

हार्माेन अधिक होने से दिमाग का बॉडी से संतुलन हटने लगता है. इसी कारण व्यक्ति में कंपन शुरू हो जाता है. जैसे ही स्ट्रैस कम होता है, हार्माेन कम स्त्रावित होने लगता है. ब्रेन बॉडी पर काबू पाने लगता है और व्यक्ति नार्मल हो जाता है.

मल्‍टीपल स्‍केलरोसिस: इस बीमारी में ब्रेन की नर्व सेल्‍स इंसुलेटिंग कवर हो जाती हैं जिससे शरीर में कम्‍पन की समस्‍या हो जाती है।

स्‍ट्रोक: अगर किसी भी व्‍यक्ति को दौरे पड़ने की समस्‍या है तो उसके शरीर में कम्‍पन होना स्‍वाभाविक है। यह काफी गंभीर समस्‍या होती है।

टीबीआई या ट्रामेटिक ब्रेन चोट: दिमाग में बाहर से ज्‍यादा चोट लगने पर अंदर की नसें दब जाती है या उनमें और भी कई विकृतियां आ जाती हैं। इसे टीबीआई कहते हैं। यह एक गंभीर बीमारी होती है।

पार्किंसन: इस बीमारी को एमएनडी भी कहा जाता है इसमें नर्व सिस्‍टम में समस्‍या आ जाती है, जिससे शरीर में पहले झनझनाहट सी होती रहती है और बाद में वह बेकार हो जाती है। यह लगभग लाइलाज बीमारी है।

नींद का नहीं आना: अगर कोई व्‍यक्ति अनिद्रा से जूझ रहा है तो उसके शरीर में कांपने की समस्‍या हो सकती है, क्‍योंकि उसकी बॉडी की आराम सम्‍बंधी आवश्‍यकताएं पूरी नहीं हो पाती है जिससे दिमाग पर बुरा असर पड़ता है।



solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info