healthplanet.net

Posted on

हायपोथर्मिया (Hypothermia) वह मेडिकल एमरजेंसी है जो तब होती है जब बॉडी का तापमान बहत कम होने लगता है यानि कि बॉडी बहुत ज्‍यादा ठंडी हो जाती है। इस स्थिति में बॉडी उतनी जल्‍दी गर्म नहीं हो पाती है जितनी जल्‍दी गर्मी छोड़ती है। यह स्थिति तब हो सकती है जब कोई व्‍यक्ति ठंडी जगह पर रह रहा हो, कड़ाके की ठंड में बाहर हो या लंबे समय तक लो टेम्‍परेचर में हो। एक सामान्‍य व्‍यक्ति के शरीर का तापमान 98.6°F (37 C) होता है। लेकिन हायपोथर्मिया होने पर शरीर का तापमान Hypothermia (hi-poe-THUR-me-uh) 95°F (35 C) हो जाता है।

जब किसी व्‍यक्ति के शरीर का तापमान गिरता है तो नर्वस सिस्‍टम, हार्ट और अन्‍य अंग सही तरह से काम नहीं कर पाते हैं। यदि हायपोथर्मिया को नजरअंदाज किया जाए या समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह हार्ट और श्‍वसन तंत्र को पूरी तरह से खराब कर सकता है। जिसके चलते उस व्‍यक्ति की मौत भी हो सकती है। ठंडे मौसम या ठंडे पानी के संपर्क में आना इस समस्‍या का कारण हो सकता है। हायपोथर्मिया के शुरुआती इलाज में शरीर को गर्म कर तापमान को सामान्‍य करने की कोशिश की जाती है। यदि ऐसा न किया गया तो व्‍यक्ति बेहोश भी हो सकता है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info