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अपूर्ण गर्भपात उपचार प्रक्रिया – अधूरा गर्भपात का इलाज कैसे किया जाता हैं
एक असफल हुए गर्भपात को अन्य गर्भपात की तरह उपचार नहीं किया जाता, उदाहरण – क्युकी यहां तो प्रेगनेंसी का ही पता नहीं रहता – फिटस डेवलप हो रहा है या नहीं, ब्लीडिंग भी नहीं होती
अधूरा गर्भपात का इलाज करने के लिए जिन तरीको का उपयोग किया जाता हैं लगभग सभी सामान रूप से इफेक्टिव होते हैै ये है वे तरीके…
इंतजार करना – अधूरा गर्भपात पूरा होने का
भले ये थोडा अस्वाभाविक लग सकता है मगर गर्भपात जो अपूर्ण रहता है कुछ समय पश्चात स्वतत: पूर्ण भी हों जाता है इसलिए आपको इंतजार करना चाहिए।
यहां चिंता की जरूरत नहीं, हां कुछ केसो में सर्जरी की जरूरत पड़ती हैं क्युकी ये बिना सर्जरी (खर्चे) के होता है इसमें अत्याधिक रक्त स्राव का खतरा भी होता है जो खतरनाक साबित हो सकता हैं।
भारी रक्त स्राव की अवस्था में D&C सर्जरी की ओर इशारा किया जाता है सर्जरी के बाद भी अगर ब्लीडिंग कम ना हों तब ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया जाता है।
D&C सर्जरी – अधूरे गर्भपात का इलाज
Dilation & Curettage कराने के पीछे दो कारण होते हैं पहला ये, यह महिला की मर्जी से हो रहा है तथा दूसरा हैवी ब्लीडिंग रोकने के लिए, D&C से अधूरे गर्भपात का उपचार कैसे किया जाता हैं?
वैसे तो इस समय महिला की सर्विक्स पहले ही खुली रहती हैं, इसलिए डॉक्टरों को सर्विक्स डाईलेट करने की अवश्यकता नहीं पड़ती…
डॉक्टर गर्भाशय में एक सक्शन डिवाइस यूज करते हैं यह शार्प इंस्ट्रूमेंट होता हैं इस प्रक्रिया को क्योरटेज भी कहा जाता है। जिसमें गर्भाशय की दीवारों से प्रेगनेंसी के अवशेषों को बाहर निकला जाता है।
D&C सर्जरी में खतरे –
सर्वाइकल डैमेज का खतरा
कांसेप्शन प्रोडक्ट पूरी तरह बाहर ना आना
इंफेक्शन
ब्लीडिंग
गर्भाशय में छेद
गर्भाशय में निशान पड़ना
कॉम्प्लिकेशन ऑफ एनेस्थीसिया
हालंकि, Dilation & Curettage एक सेफ प्रोसीजर है मगर जैसे कोई भी सर्जरी की तरह इसमें भी कुछ रिस्क जुड़े होते हैं। D&C सर्जरी प्रोसीजर से पहले आपको एनिस्थिसिया दे दिया जाता हैं
महिलाएं जिन्हें D&C सर्जरी के बाद भी ब्लीडिंग हो, डिस्चार्ज के साथ दुर्गंध, पेट में दर्द – ऐठन हो उन्हें डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए
मेडिकल ट्रीटमेंट – अधूरे गर्भपात का इलाज
असफल गर्भपात का मेडिकली उपचार करने में जिस मेडिसीन का उपयोग किया जाता हैं – मीसोप्रोसटल (cytotec), इस मेडिसिन को child abortion में भी प्रयोग किया जाता है
मीसोप्रोसटल, मौखिक अथवा योनि मार्ग में प्रयोग किया जाता है ये मेडिसिन गर्भाशय में संकुचन लाता हैं जिससे प्रेगनेंसी अवशेष बाहर आ जाते हैं।
मीसोप्रोसटल (cytotec) को पहले अल्सर के ईलाज में उपयोग किया जाता था। अब इसे अपूर्ण गर्भपात के ईलाज में उपयोग किया जाता है।
मीसोप्रोसटल साइड इफेक्ट
डायरिया
जी मचलना
दर्द
उल्टी
मीसोप्रोसटल (cytotec) लगभग 80 से 99% असरदार रहता है खासकर 13 सप्ताह से पहले हुए गर्भपात में,
कुछ महिलाओं के लिए ये ट्रीटमेंट इफेक्टिव नहीं रहता, उन्हें D&C की जरूरत पड़ सकती है वैसे इसमें किसी प्रकार का खतरा नहीं होता, हां… ब्लड लॉस का रिस्क होता है।
असफल गर्भपात के उपचार में बहुत सी महिलाएं दवाइयों से अपूर्ण गर्भपात ईलाज करने को बेहतर मानती है क्युकी सर्जरी में रिस्क इन्वॉल्व होता है मगर इंतेजार करने से यह बेहतर ही है।
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