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प्रसव पीड़ा का मतलब क्‍या होता है?
गर्भ में पल रहे शिशु को और प्‍लेसेंटा को योनि के जरिये बाहर निकालने की प्रक्रिया को प्रसव (लेबर) कहा जाता है। जब आपका गर्भाशय शिशु को बाहर निकालने के लिए संकुचित होता है तो आपको दर्दभरे संकुचन महसूस होंगे। ये संकुचन ही प्रसव के दौरान दर्द का मुख्‍य कारण होते हैं। जब आपका शिशु नीचे की और खिकता है तो ग्रीवा, योनि और आसपास के क्षेत्र में खिंचाव और दबाव पडता है, जिससे अलग-अलग प्रबलता का दर्द होता है।

प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) इस बात का संकेत है कि आपका शरीर शिशु को जन्‍म दिलाने के लिए काम कर रहा है। यह दर्द अन्‍य किसी भी दर्द से अलग होता है। यह टांग टूटने पर होने वाला दर्द नहीं है और यह लगातार भी नहीं होता।

यह हल्‍के, नियमित संकुचनों से शुरू होता है। यह दर्द आता - जाता रहता है और जैसे-जैसे आपका शारीर डिलीवरी के विभिन्‍न चरणों से गुजरता है वैसे - वैसे समय के साथ यह दर्द और प्रबल होता जाता है। यह बीच - बीच में रुककर आपको सांस लेने का समय देता है ताकि आप इस समय का पूरा फायदा ऊठा सकें। डॉक्‍टर आपको प्रसव के दौरान उचित दर्द निवारक दवा भी देंगी।

लेबर पेन हर महिला के लिए अलग होता है और यहां तक कि एक ही महिला में पहली डिलीवरी और दूसरी डिलीवरी में भी यह दर्द अलग हो सकता है।

बहुत सी महिलाएं बताती हैं कि इस दर्द का मकसद शिशु का जन्म करवाना होता है और डिलीवरी होने के बाद यह गायब हो जाता है।


कौन से शुरुआती लक्षण बताते हैं कि प्रसव जल्‍द ही शुरू होने वाला है?
गर्भावस्था के अंतिम चरण में आप शायद कुछ ऐसे लक्षण महसूस करेंगी जो बताते हैं कि आपका शरीर प्रसव के लिए तैयार होना शुरु हो गया है। ये आपकी ड्यू डेट से कुछ दिन, कुछ हफ्ते या महीने पहले महसूस होने शुरु हो सकते हैं। आपका प्रसव शुरु होने वाला है, इस बात के निम्नांकित संकेत हो सकते हैं:

जब गर्भस्थ शिशु का सिर जन्म लेने की अवस्था में आपकी श्रोणी में नीचे की तरफ आ जाए, इसे अंग्रेजी में लाइटनिंग कहा जाता है। आप शायद ज्यादा गहरी सांस ले पाएंगी और अच्छे से खा-पी सकेंगी मगर आपको बार-बार पेशाब भी जाना पड़ रहा होगा। आपको चलने-फिरने में ज्यादा दिक्कत हो सकती है।
ज्यादा योनि स्त्राव होना जिसमें साफ या पीला श्लेम हो।
बार-बार और संभवतया ज्यादा प्रबल ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन होना। इन्‍हें अभ्‍यास संकुचन या फाल्‍स लेबर भी कहा जाता है।
आपकी ग्रीवा विस्फारित और पतली होना शुरू हो जाती है। डिलीवरी से कुछ दिन और हफ्तों पहले ग्रीवा के संयोजक उत्‍तकों में आने वाले बदलावों की वजह से यह मुलायम हो जाती है और ग्रीवा पतली होकर खुलने लगती है। जब आपकी ड्यू डेट आ चुकी होती है या आसपास होती है तो डॉक्‍टर प्रसवपूर्व चेकअप के दौरान योनि की अंदरूनी जांच करेंगी। इससे वह पता लगाएंगी कि आपकी ग्रीवा विस्फारित और पतली होना शुरू हुई है या नहीं।
मनोभावों में उतार-चढ़ाव।
बार-बार नींद टूटना
अचानक से घर साफ करने या सब चीजें सही ढंग से लगाने की तीव्र इच्छा होना!

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