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अभी तक हमने इसी बारे में सुना था कि कंसीव करने के लिए या डिलीवरी के लिए सर्दी का मौसम सबसे ठीक होता है लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए भी मौसम पर ध्यान देना जरूरी है।
क्या कहती है स्टडी
ब्राजील के साओ पाओलो के डॉक्टर डैनिएला ब्रागा की टीम ने इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई) के लिए 1932 मरीजों के एग रिट्रिवल पर साइटोलॉजिकल और बायोकेमिकल पैरामीटर्स पर ध्यान दिया।
इस अध्ययन में सर्दी में 435 महिलाओं, वसंत में 444 महिलाओं, गर्मी में 469 महिलाओं और पतझड़ में 584 महिलाओं को शामिल किया गया था।
ये मौसम था सबसे सही
अध्ययन में पाया गया कि एग विकसित करने, हाई क्वालिटी भ्रूण, इंप्लांटेशन और प्रेग्नेंसी रेट में किसी भी ग्रुप में कोई भिन्नता नहीं थी। फर्टिलाइजेशन रेट स्प्रिंग के मौसम में बाकी मौसमों से बहुत ज्यादा नहीं था लेकिन स्प्रिंग में फर्टिलाइजेशन रेट ज्यादा था।
स्प्रिंग का मौसम है बेहतर
इस टीम ने अलग-अलग हार्मोंस के लेवल की भी जांच की जिसमें पाया गया कि 17 बीटा एस्ट्राडियोल का लेवल स्प्रिंग के सीजन में ज्यादा था।
स्प्रिंग का मौसम है बेहतर
डॉ ब्रागा कहते हैं कि इस स्टडी में सामने आया है कि हो सकता है कि स्प्रिंग के मौसम में आईवीएफ साइकिल का रिजल्ट ज्यादा बेहतर आए। स्टडी में स्प्रिंग में फर्टिलाइजेशन रेट बाकी मौसमों की तुलना में डेढ़ गुना बेहतर था।
इसका मतलब है कि अगर आपको कंसीव करने में दिक्कत आ रही है तो आप स्प्रिंग के मौसम में आईवीएफ की मदद ले सकती हैं।
क्या है इसका कारण
अध्ययन में बताया गया है कि मस्तिष्क में न्यूरॉन्स पर लाइट में बदलाव के प्रभाव के कारण ऐसा हो सकता है। इससे गोनाडोट्रोफिन रिलीजिंग हार्मोंस बनते हैं। ये न्यूरॉन्स गोनोडोट्रोफिन हार्मोंस के स्राव को नियंत्रित करते हैं जिससे ओवरी से एस्ट्राडियोल के स्राव को कंट्रोल किया जाता है।
स्टडी में पाया गया कि स्प्रिंग के मौसम में 17 बीटा एस्ट्राडियोल का स्तर बाकी मौसमों की तुलना में सबसे ज्यादा होता है। आईवीएफ में होने वाली इन असिस्टेड रिप्रोडक्शन के अंतर्गत एग के मैच्योर होने और फर्टिलाइजेशन और भ्रूण के विकास समेत अन्य रिप्रोडक्टिव प्रक्रियाओं में एस्ट्राडियोल का लेवल पर्याप्त होना जरूरी है।
गर्मी का मौसम भी है बेहतर
स्प्रिंग के अलावा एक्स्पर्ट्स गर्मी के मौसम को भी आईवीएफ के लिए सही मानते हैं। कंसेप्शन और प्रेग्नेंसी के लिए गर्मी का मौसम बहुत फायदेमंद होता है। प्रेगनेंट महिलाओं के लिए विटामिन डी दवा की तरह काम करता है इसलिए गर्मी में आईवीएफ के सफल होने की संभावना दोगुनी हो जाती है।
मेलाटोनिन हार्मोन महिलाओं की फर्टिलिटी को बढ़ाता है। ये हार्मोन गर्मी के मौसम में महिलाओं की फर्टिलिटी को बढ़ाता है।
क्या करें
अगर आप लंबे समय से कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन इसमें आपको सफलता नहीं मिल पा रही है तो आप डॉक्टर की सलाह के बाद आईवीएफ ट्रीटमेंट ले सकती हैं।
वहीं अगर आप प्रेग्नेंसी के लिए पहले से ही बहुत ज्यादा लेट हो चुकी हैं तो किसी मौसम का इंतजार करना आपके लिए सही नहीं होगा। आप डॉक्टर की सलाह से जल्दी आईवीएफ प्रोसेस शुरू कर सकती हैं।
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