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भारी माहवारी
भारी माहवारी क्या होती है?
भारी पीरियड्स(भारी मासिक) को मीनोरेजिया(menorrhagia) भी कहा जाता है, जब एक महिला को लगातार पीरियड्स (मासिक) के दौरान बहुत ज्यादा खून आता है, तो उसे हैवी पीरियड्स या मीनोरेजिया कहते हैं।
मेनोरेजिया स्वयं या अन्य लक्षणों के साथ संयोजन में हो सकता है, जैसे कि मासिक धर्म में दर्द (dysmenorrhoea)
। भारी रक्तस्राव का मतलब जरूरी नहीं है कि कुछ भी गंभीर रूप से गलत है, लेकिन यह एक महिला को शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से प्रभावित कर सकता है, और रोजमर्रा की जिंदगी में व्यवधान पैदा कर सकता है।
अगर आप अपने पीरियड्स के दौरान या बीच में ज्यादा ब्लीडिंग को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर को दिखाएं।
पीरियड में कितना भारी रक्त्स्त्राव हो सकता है?
बिल्कुल ठीक-ठीक ये बता पाना मुश्किल है कि भारी माहवारी कितनी मात्रा में होती है क्योंकि पीरियड के दौरान हर महिला में खून निकलने की मात्रा बहुत अलग-अलग होती है।
एक अवधि के दौरान निकलने वाले रक्त की औसत मात्रा 30-40 मिली(मिली लीटर) होती है, जिसमें दस में से नौ महिलाओं को 80 मिलीलीटर से कम रक्तस्त्राव होता है। इसलिए, प्रत्येक चक्र में भारी मासिक धर्म रक्तस्राव 60-80 मिलीलीटर या उससे अधिक माना जाता है।
हालांकि, शायद ही कभी मासिक धर्म में होने वाली रक्त हानि को नापने की जरूरत पड़ती है। अधिकांश महिलाओं को ये बात अच्छी तरह पता होती है कि पीरियड के दौरान उनके लिए कितनी ब्लीडिंग सामान्य है। और अगर यह मात्रा कम या ज्यादा होती है, तो वे बता सकती हैं।
एक संकेत जिससे ज्ञात हो कि आपके रक्त की हानि अत्यधिक है यदि:
आपको लगता है कि आप असामान्य रूप से अधिक संख्या में टैम्पोन या पैड का उपयोग कर रहे हैं
आप अपने कपड़ों या बिस्तर पर भी ब्लीडिंग का अनुभव करती हैं।
आपको टैम्पोन व तौलिया एक साथ उपयोग करना पड़ता है।
भारी माहवारी क्यों होती है?
अधिकांश मामलों में, हैवी पीरियड्स का कोई विशेष कारण समझ में नहीं आता है। हालांकि, कुछ स्थितियां और इलाज मीनोरेजिया से जुड़े होते हैं, इनमें शामिल हैं-
हैवी पीरियड्स का निदान
आपका डॉक्टर को सिर्फ़ आपके लक्षणों से भारी माहवारी का निदान करने में सक्षम होना चाहिए।
आपके मीनोरेजिया(menorrhagia) का कारण पता लगाने के लिए कभी-कभी आगे जांच की जरूरत पड़ सकती है। अमूमन, इसमें पेल्विक (श्रोणि) और खून की जांच की जाती है।
अगर फिर भी कारण का पता नहीं चलता है, तो आपको अल्ट्रासाउंड स्कैन कराना पड़ सकता है।
हैवी पीरियड्स के परीक्षण
भारी माहवारी का इलाज
कुछ मामलों में, पीरियड्स यानी भारी माहवारी के लिए इलाज कराने की जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि थोड़ी-बहुत कम-ज्यादा ब्लीडिंग होना सामान्य है और यह आपकी जीवनशैली पर असर नहीं डालता है
यदि उपचार आवश्यक है, तो दवा का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। हालांकि, आपके लिए सबसे उपयुक्त दवा खोजने में थोड़ा समय लग सकता है, क्योंकि उनकी प्रभावशीलता सभी के लिए अलग-अलग होती है और कुछ गर्भ निरोधकों के रूप में भी काम करते हैं। यदि दवा काम नहीं करती है, तो सर्जरी भी एक विकल्प हो सकता है।
भारी पीरियड्स के कारण
भारी पीरियड्स (मीनोरेजिया) के 40 से 60 फीसदी मामलों में कोई विशेष कारण पता नहीं चलता है। इसके अलावा, भारी पीरियड्स के संभावित कारणों में ये शामिल हैं:
सर्विकल या एंडोमेट्रियल पॉलिप्स(cervical or endometrial polyps)- गर्भाशय या सर्विक्स(गर्भाशय ग्रीवा) की आंतरिक परत में गैर कैंसरकारी कोशिकाएं विकसित होना
एंडोमेट्रियोसिस(endometriosis) :
जब गर्भाशय की कोशिकाओं के छोटे टुकड़े गर्भाशय के बाहर फैलने लगते हैं, जैसे- फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय, मूत्राशय या योनि में
यूटरिन फाइब्रॉयड (fibroids ):
गर्भाशय में ग़ैर कैन्सरस कोशिकाओं का विकसित होना, जो श्रोणि (पेल्विक) में दर्द की वजह बनती हैं
इंट्रायूटरिन कंट्रासेप्टिव डिवाइसेज (IUD) (द क्वाइल के नाम से भी जानी जाती है):
सर्विकल या एंडोमेट्रियल पॉलिप्स(cervical or endometrial polyps)- गर्भाशय या सर्विक्स(गर्भाशय ग्रीवा) की आंतरिक परत में गैर कैंसरकारी कोशिकाएं विकसित होना
एंडोमेट्रियोसिस(endometriosis) :
जब गर्भाशय की कोशिकाओं के छोटे टुकड़े गर्भाशय के बाहर फैलने लगते हैं, जैसे- फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय, मूत्राशय या योनि में
यूटरिन फाइब्रॉयड (fibroids):
गर्भाशय में ग़ैर कैन्सरस कोशिकाओं का विकसित होना, जो श्रोणि (पेल्विक) में दर्द की वजह बनती हैं
इंट्रायूटरिन कंट्रासेप्टिव डिवाइसेज (IUD) (द क्वाइल के नाम से भी जानी जाती है): आईयूडी डालने के बाद 40 से 50 फीसदी तक रक्त हानि बढ़ सकती है।
पेल्विक इंफ्लामेंट्री डिजीज (PID): पेल्विस (श्रोणि) में लगातार संक्रमण (इंफेक्शन) जो श्रोणि में दर्द, बुखार और यौन संबंध बनाने के बाद या पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग का कारण बनता है।
पॉलीसिस्टिक
ओवरी सिंड्रोम(पीसीओएस): पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं के अंडाशय में खास तौर से कई गांठें बनती हैं।
खून का थक्का जमने की विकृति जैसे- वॉन विलेब्रांड डिजीज( von Willebrand disease)
एडिनोमायोसिस(adenomyosis) - जब गर्भाशय सतह की ग्रंथियां गर्भाशय की मांसपेशी में अंत:स्थापित हो जाती है
एक अंडरएक्टिव थायराइड ग्रंथि (हाइपोथायराइडिज्म): यह थकान, कब्ज, असहनीय ठंड और बालों व त्वचा में बदलावों का कारण बन सकती है
लिवर (यकृत) या किडनी (गुर्दा) की बीमारी
गर्भाशय का कैंसर (हालांकि, यह बहुत दुर्लभ है)
इलाज, जिनकी वजह से भारी पीरियड्स हो सकते हैं
भारी मासिक धर्म कभी-कभी चिकित्सा उपचार के कारण हो सकता है। इनमें शामिल हो सकते हैं:
एंटीकोएगुलांट दवाएं(anticoagulant medicines)-
खून का थक्का जमने की क्षमता कम करने के लिए दी जाने वाली दवा
कीमोथेरेपी (कैंसर का इलाज)
भारी पीरियड्स का इलाज
हैवी पीरियड्स (menorrhagia) का मुख्य इलाज दवा है। लेकिन कुछ मामलों में सर्जरी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
अगर आप मीनोरेजिया(menorrhagia) से पीड़ित पाई जाती हैं तो आपके डॉक्टर इसके संभावित इलाज के विकल्पों के बारे में आपसे बातचीत करेंगे, जिनमें ये शामिल हैं:
इलाज की प्रभावशीलता
संबंधित इलाज से होने वाले संभावित दुष्प्रभाव
गर्भनिरोधक की जरूरत होगी या नहीं
इलाज का प्रजनन क्षमता से संबंध
कुछ मामलों में इलाज की जरूरत नहीं होती। अगर भारी पीरियड्स से आपकी जिंदगी प्रभावित नहीं होती है या किसी गंभीर कारण का संदेह नहीं है तो आप ये सोचकर आश्वस्त हो सकती हैं कि कुछ समय के साथ पीरियड्स की मात्रा में बदलाव हो सकता है।
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