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तीन दिनों तक बुखार रहने के बाद ही बच्चों को दें एंटीबायोटिक
वायरल बुखार का प्रकोप फिलहाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में बच्चों के खानपान से लेकर रहन-सहन पर भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। यदि 100 डिग्री फैरेनहाइट से अधिक बुखार तीन दिनों तक रहे तो इसके बाद डाक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक दवा देने की जरूरत है। इससे पहले एंटीबायोटिक दवाएं देना बच्चों में इनके प्रति प्रतिरोधी क्षमता (रेसिस्टेंस) बढ़ाने का खतरा बढ़ाता है। ऐसे में अनावश्यक एंटीबायोटिक देना भी खतरनाक है। दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम 'हेलो डाक्टर' में रविवार को पीएमसीएच के पूर्व विभागाध्यक्ष सह वरीय शिशु रोग विशेषज्ञ डा. निगम प्रकाश नारायण ने पाठकों के प्रश्नों के जवाब में दीं। प्रस्तुत है चुनिंदा प्रश्न और उनके जवाब-
: हर 10 में एक मरीज डेंगू से पीड़ित :
डा. निगम प्रकाश नारायण ने बताया कि वायरल बुखार हर सीजन में आता है। इस बार बिना फ्लू के भी इंफेक्शन आ रहा है। यह तीन-चार दिनों में ठीक हो जाता है। यदि तीन दिनों के बाद भी बुखार नहीं उतर रहा है तो नजदीकी डाक्टर की सलाह पर बच्चों को एंटीबायोटिक दवाओं व आवश्यक जांच कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि हर 10 मरीजों में एक डेंगू संक्रमित निकल रहा है। ऐसे में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बच्चों को फुल बाजू के कपड़े पहनाने के साथ-साथ मच्छरदानी में सुलाने की आदत डालने की जरूरत है। बदलते मौसम में लो या हाई तापमान से बच्चों को बचाएं। बोतल से दूध नहीं पिलाएं। यदि बोतल से पिलाने की मजबूरी हो तो इसे 20 मिनट गर्म पानी में खौलाएं। इसके बाद दूध पिलाएं।
: मोबाइल और टीवी से रखें दूर :
बच्चों में यह सामान्य सी आदत बनती जा रही है कि उन्हें खाने के समय मोबाइल या टीवी देखते हुए खिलाया जाता है। सोते समय मोबाइल का उपयोग या आनलाइन कक्षा में भी लगातार मोबाइल का उपयोग हो रहा है। यह भी आंखों में तनाव का कारण बन सकता है। ऐसे में बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखें।
मेरे 13 वर्ष के बेटे को बुखार है, क्या करें?
: शशि वर्णवाल, अनीसाबाद।
- तीन दिनों तक बुखार होने पर केवल पारासिटामोल का उपयोग करें। यदि तीन दिनों के बाद भी बुखार बना रहें तो आप नजदीकी शिशु रोग विशेषज्ञ की सलाह पर एंटीबायोटिक दवा का उपयोग कर सकते हैं।
बच्चे को उल्टी-दस्त हो रही है, क्या करें?
: रिकू वैशाली।
- दूषित खाना-पानी नहीं दें। ओआरएस व जिक का घोल पिलाएं। तरल पदार्थ में नारियल पानी आदि दे सकते हैं। यदि पांच दिन तक बच्चा ठीक नहीं हो रहा है या बच्चा सुस्त होने लगा है तो नजदीकी डाक्टर से मिलें।
क्या बच्चे का वायरल फीवर बड़े को भी प्रभावित कर सकता है?
: उषा पांडेय, आरपीएस मोड़।
- अमूमन घर में एक व्यक्ति को वायरल फीवर हो जाए तो अन्य लोगों को भी इसका खतरा रहता है। थोड़ी सी सतर्कता से इससे बच सकते हैं। ऐसे में विशेष सावधानी की जरूरत है।
तीन वर्ष का बच्चा है। नाक से पानी आता है थोड़ी खांसी भी होती है।
: कृष्ण प्रकाश लाल, बैरिया।
- केवल खांसी का सीरप दें। बुखार होने पर पारासिटामोल का उपयोग करें। कोई एंटीबायोटिक्स देने की जरूरत नहीं है।
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