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आम तौर पर, हम बाएं हाथ पर ब्लड प्रेशर चेक करते हैं और रीडिंग को दिखाए गए अनुसार नोट करते हैं।
डॉक्टर से करें दोनों हाथों का बीपी चेक करने की अपील
बड़े पैमाने पर सिर्फ एक हाथ के जरिए ब्लड प्रेशर को चेक किया जाता है। जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि दोनों बाहों के ब्लड प्रेशर को मापने की प्रक्रिया का इस्तेमाल बहुत कम मामलों में होता है। लेकिन जब भी आप हॉस्पिटल में चेक कराने जाएं तो आपको हमेशा डॉक्टर से दोनों भुजाओं को मापने की अपील करनी चाहिए। साथ ही आगे की माप के लिए हाई रीडिंग वाले हाथ के जरिए बीपी की जांच होनी चाहिए।
क्यों जरूरी है दोनों हाथों के ब्लड प्रेशर को मापना?
आपको बता दें कि दोनों बाहों के बीच ब्लड प्रेशर की रीडिंग में मामूली अंतर आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है। जांच में अगर दोनों हाथों में ब्लड प्रेशर के बीच 10 मिलीमीटर (mm Hg) से अधिक पारा ठीक है लेकिन वहीं दूसरी ओर ये माप दिल की समस्याओं के लिए चेतावनी हो सकता है।
वास्तव में, दोनों बाहों की माप में अधिक अंतर से परिधीय संवहनी रोग (peripheral vascular disease), सेरेब्रोवास्कुलर रोग (cerebrovascular disease), स्ट्रोक (strokes) और दिल के दौरे से जल्दी मृत्यु भी हो सकती है। यही वजह है कि शोध में दोनों हाथों के ब्लड प्रेशर को मापने पर जोर दिया गया है।
दोनों बाहों के ब्लड प्रेशर को मापने से फायदा?
दोनों बाहों का बीपी मापने से आपको इन स्वास्थ्य समस्याओं को पहचानने में मदद मिल सकती है और समय रहते आप अपनी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार के लिए जल्द से जल्द कदम उठा सकते हैं।
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