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बच्चों में कब्ज होने के कारण क्या हैं? डाइट में ये 4 चीजें शामिल करके दूर करें उनकी ये समस्या
गुनगुने दूध के साथ केला खाने से कब्ज की समस्या हो सकती है दूर.
Constipation in kids: कब्ज की समस्या सिर्फ बड़ों को ही नहीं, बल्कि बच्चों को भी परेशान करती है. यदि आपका बच्चा टॉयलेट में जाकर काफी देर तक बैठा रहता है, तो समझ लें उसे मल त्याग करने में दिक्कत हो रही है. पेट अच्छी तरह से कई दिनों तक साफ ना हो, तो बच्चे को पेट दर्द, भूख ना लगने, पेट फूला हुआ जैसा महसूस हो सकता है. हालांकि, कब्ज की समस्या आम है, लेकिन बच्चों में सप्ताह में तीन या इससे भी कम बाउल मूवमेंट्स हो, तो इसे कब्ज कहेंगे. कब्ज होने पर स्टूल सख्त, ड्राई हो जाता है, जिससे मल त्याग करना काफी मुश्किल हो जाता है.
बच्चों में कब्ज होने के कारण
स्टाइल्सएटलाइफ डॉट कॉम में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, कब्ज की समस्या तब होती है, जब आंत में मांसपेशियों का संकुचन मल को सिस्टम से बाहर निकालने के लिए बहुत धीमा हो जाता है या फिर मल में पानी की कमी होती है, जिससे मल नर्म नहीं होते और आंतों से बाहर निकलने में समस्या होती है. कब्ज होने से मल त्याग करने में काफी समस्या आती है, कुछ वयस्कों और बच्चों को तो दर्द भी होता है. कई बार बच्चों में यह पानी कम पीने, फाइबर युक्त फूड्स के सेवन ना करने, डाइट में अत्यधिक फैट शामिल करने, एक्सरसाइज कम करने, मेडिकल कंडीशन आदि से भी होता है. हालांकि, घबराने की ज़रूरत नहीं, आप डाइट में कुछ बदलावों को अपनाकर बच्चों में कब्ज की समस्या को दूर कर सकते हैं. कई बार बच्चों में स्ट्रेस के कारण भी कब्ज होता है. स्ट्रेस कई कारणों से हो सकता है जैसे नए दोस्त बनाना, शिक्षकों से डर, नए स्कूल जाना, किसी चीज को लेकर चिंतित रहना, घर में बड़ों के बीच लड़ाई-झगड़े, भावनात्मक रूप से उतार-चढ़ाव आदि.
बच्चों में कब्ज के लक्षण
-एक सप्ताह में तीन से कम बार मल त्याग करना
-बाउल मूवमेंट्स जो सख्त, ड्राई और बाहर निकलने में मुश्किल होना.
-मल त्याग करते समय दर्द होना.
-पेट में दर्द होना.
-अंडरवियर में तरल या पेस्टी मल के निशान.
-सख्त मल की सतह पर ब्लड होना.
कब्ज होने पर डाइट में शामिल करें ये फूड्स
पानी खूब पिएं बच्चा नहीं करेगा कब्ज की शिकायत
अधिकतर बच्चे पूरे दिन में काफी कम गिलास पानी पीते हैं, जो उनके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है. बच्चों को रूटीन में पानी पीने की आदत डलवाएं. प्रतिदिन 6 से 7 गिलास पानी पीना ज़रूरी है. कब्ज होने पर मात्रा बढ़ा सकते हैं. इससे शरीर से टॉक्सिन पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाएंगे.
फाइबर से भरपूर फूड्स खाने से कब्ज होगा दूर
फाइबर युक्त फूड्स का सेवन भी बाउल मूवमेंट को सुचारू रूप से काम करने के लिए ज़रूरी होता है. आजकल बच्चे मैगी, जंक फूड्स, चिप्स, बिस्किट का बहुत ज्यादा सेवन करते हैं, जो कब्ज की वजह बनते हैं. शरीर से मल त्याग करने में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ मदद करते हैं. साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फाइबर से भरपूर फल, बीन्स, दालें ज़रूर खिलाएं.
अलसी के बीज कब्ज करे दूर
अलसी के बीज या फ्लैक्ससीड भी कब्ज दूर करने में मदद करते हैं, क्योंकि इसमें फाइबर काफी होता है. इसे आप पाउडर बनाकर जूस, स्मूदी, सलाद, दही, सूप आदि में डाल सकते हैं.
गुनगुने दूध के साथ खिलाएं केला
बच्चों को केला खाना पसंद होता है, लेकिन उन्हें केला आप गुनगुने दूध के साथ खाने के लिए दें. जब बच्चे इसे धीरे-धीरे चबाकर और गर्म दूध के साथ खाएंगे, तो ये स्टूल को आसानी से शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है.
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