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बच्चे को आता है बहुत अधिक गुस्सा तुरंत शांत करने के लिए अपनाएं ये 7 उपाय -
अपनाएं ये तरीके
सिखाएं फीलिंग्स को एक्सप्रेस करना
जब बच्चे अपने मन की बात को सही तरीके से बता नहीं पाते तो वे आमतौर पर गुस्सैल हो जाते हैं. ऐसे में उसे मन की बातें शेयर करना सिखाएं. इसके लिए आप घर का माहौल ऐसा रखें कि वो बिना डरे अपनी बात को बता सके और आप पर भरोसा रखे कि आप उसकी बात को समझेंगे.
शांत करने के तरीके अपनाएं
जब वे नाराज हों तो चीजों को फेंकने की बजाय उन्हें सिखाएं कि वे कुछ ऐसा करें जिससे उन्हें बेहतर महसूस हो. इसके लिए वे कलरिंग कर सकते हैं, बुक पढ़ सकते हैं या अपने फेवरेट खिलौनों से खेल सकते हैं. ऐसा करने से उनका दिमाग डिस्ट्रैक्ट होगा.
गुस्से को मैनेज करना सिखाएं
बच्चे को आप गुस्सा करने के नुकसान समझा सकते हैं और कुछ टिप्स दे सकते हैं जिनकी मदद से वे अपने गुस्से को कम कर सकें. एंगर मैनेजमेंट के तरीकों के बारे में भी सिखाने से बच्चा बेहतर तरीके से खुद को शांत रखने का प्रयास करेगा. मसलन, अधिक गुस्सा आने पर गहरी सांस लें, ठंडा पानी पियें, 10 तक गिनें आदि.
कुछ मीठी चीज खानें दें
बच्चा अगर बहुत अधिक गुस्से में है तो उसे आप कुछ मीठी चीज खानें दें. आप उसे उसकी फेवरेट कैंडी या टॉफी दे सकते हैं.
गले लगाएं
बच्चोंं का दिल बहुत नाजुक होता है. थोड़ा सा गले लगाने पर उनका इमोशन बदल जाता है और वे बेहतर महसूस करते हैं. ऐसे में आप उनकी बात को पूरी तरह से सुनें और समझने का प्रयास करें.
सॉरी बोलना सिखाएं
बाद में आप उन्हें सिखाएं कि गुस्से में गलती होने पर सॉरी बोलना चाहिए. यही नहीं, उन्हें ये बताएं कि अगर कभी किसी से लड़ाई हो जाए तो बाद में सॉरी जरूर बोलना चाहिए. ऐसा करने से बच्चे को दूसरों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझ आती है.
गुस्से के नुकसान को बताएं
बच्चों को अगर ये पता हो कि ऐसा व्यवहार करने पर उन्हें हानि हो सकती है तो वो गुस्सा करने की हैबिट धीरे-धीरे छोड़ने की कोशिश करेंगे और अपनी बात को प्यार से समझाने की कोशिश करेंगे. लेकिन यह ध्यान रखें कि आप उन्हें डांटने की बजाय ये बताएं कि उनके फेकने से टूटे खिलौनों को अब ठीक कौन करेगा क्योंकि ऐसा खिलौना दोबारा नहीं खरीदा जा सकता.
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