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इसमें कोई भी शक नहीं है कि छोटे बच्चों के लिए न्यूट्रिशन का सबसे बेस्ट सोर्स ब्रेस्टफीडिंग ही है। बच्चों के लिए ब्रेस्ट मिल्क के फायदों की तुलना किसी चीज से भी नहीं की जा सकती है। हालांकि यदि मेडिकल कारण या व्यक्तिगत समस्या के कारण आप बच्चे को ब्रेस्टफीड नहीं करा पा रही हैं तो आपको फॉर्मूला मिल्क के बारे में जरूर जानना चाहिए। पहली बार बनी मांओं के लिए फॉर्मूला मिल्क बनाना सीखने में समय लगता है। यदि आप भी हाल ही में एक माँ बनी हैं तो बच्चे के लिए फॉर्मूला मिल्क बनाते समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए इसके महत्व के बारे में आपको अच्छी तरह से पता होगा।
यद्यपि ज्यादातर फॉर्मूला दूध की प्रोसेसिंग व कैनिंग के दौरान पूरी स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है पर फिर भी बच्चे के लिए फॉर्मूला मिल्क खरीदने से पहले आपको इसके बारे में ठीक से पता होना चाहिए। कभी-कभी फॉर्मूला फूड में साल्मोनेला और क्रोनोबेक्टर सकाजकी जैसे बैक्टीरिया भी होते हैं। वैसे तो बैक्टीरिया होना मुमकिन नहीं है पर फिर भी यदि हैं तो इनका सेवन करने से बच्चे के जीवन को खतरा हो सकता है। इसलिए फॉर्मूला दूध की मैन्युफैक्चरिंग डेट चेक करना बहुत जरूरी है। बच्चे के लिए एक्सपायर्ड, या जंग लगे डिब्बे वाले प्रोडक्ट्स न खरीदें।
यद्यपि ज्यादातर फॉर्मूला दूध की प्रोसेसिंग व कैनिंग के दौरान पूरी स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है पर फिर भी बच्चे के लिए फॉर्मूला मिल्क खरीदने से पहले आपको इसके बारे में ठीक से पता होना चाहिए। कभी-कभी फॉर्मूला फूड में साल्मोनेला और क्रोनोबेक्टर सकाजकी जैसे बैक्टीरिया भी होते हैं। वैसे तो बैक्टीरिया होना मुमकिन नहीं है पर फिर भी यदि हैं तो इनका सेवन करने से बच्चे के जीवन को खतरा हो सकता है। इसलिए फॉर्मूला दूध की मैन्युफैक्चरिंग डेट चेक करना बहुत जरूरी है। बच्चे के लिए एक्सपायर्ड, या जंग लगे डिब्बे वाले प्रोडक्ट्स न खरीदें।
फॉर्मूला बनाने के लिए पानी उबालें। इसे गुनगुना होने तक लगभग 30 मिनट के लिए हल्का ठंडा होने दें। जब पानी का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस हो जाए तो दूध बनाना शुरू करें।
सही स्टेप्स और मात्रा के लिए आप मैन्युफैक्चरर के इंस्ट्रक्शन फॉलो करें।
चम्मच और बोतल के अन्य भाग, जैसे निप्पल या रिंगर को जमीन पर न रखें।
दूध को अच्छी तरह से मिलाने के लिए बोतल को हिलाएं या शेक करें।
बोतल को बहुत देर तक खुला न रहने दें।
आप दूध की एक दो बूंदें अपने हाथ पर डालकर चेक करें कि इसका तापमान सामान्य है या नहीं।
बचे हुए दूध को बहुत देर तक स्टोर न करें।
यदि आप घर से बाहर हैं तो फॉर्मूला मिल्क का उपयोग कर सकती हैं। बाहर जाते समय बच्चे की बोतल में उचित मात्रा में उबला हुआ पानी भरकर इंसुलेटेड बैग कूल पैक में रखें। इसके अलावा सही मात्रा में फॉर्मूला पाउडर अलग से रखें और जब भी बच्चे को दूध पिलाने की जरूरत पड़े तो दोनों चीजों को एक साथ मिला कर पिलाएं। इन स्टेप्स और धैर्य के साथ आप बच्चे को सुरक्षित तरीके व स्वच्छता के साथ बोतल से दूध पिला सकती हैं।
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