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फैटी लिवर डाइट चार्ट - क्या खाएं क्या नहीं | Fatty Liver Diet in Hindi

फैटी लिवर एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में बहुत ज़्यादा फैट यानी चर्बी जमा हो जाती है। वर्तमान में फैटी लिवर काफ़ी आम हो चुका है। यदि फैटी लिवर का सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह गंभीर रूप ले सकता है। फैटी लिवर ज्यादातर ख़राब जीवनशैली और अस्वस्थ डाइट लेने के वजह से होता है। 

फैटी लिवर होने पर आप क्या खाते हैं यह काफ़ी मायने रखता है। अगर फैटी लिवर होने पर आप सही खान-पान और उचित जीवनशैली रखते हैं तो फैटी लिवर से जल्दी ठीक हो सकते हैं। तो आइये विस्तार से बात करते हैं की फैटी लिवर डाइट क्या होता है और फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए।


फैटी लिवर क्या है? - What is Fatty Liver in Hindi?
फैटी लिवर को स्टीटोसिस भी कहा जाता है। फैटी लिवर तब होता है जब मरीज के लिवर में बहुत ज़्यादा चर्बी जमा हो जाती है। आपके लिवर में थोड़ी मात्रा में चर्बी होना सामान्य है, लेकिन बहुत अधिक मात्रा में चर्बी का होना समस्या बन सकता है।

ऐसी स्थिति में लिवर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता है और फैटी लिवर के लक्षण दिखने लगते हैं। ऐसी स्थिति में फैटी लिवर का इलाज कराना काफी जरुरी हो जाता है। फैटी लिवर होने से लिवर ख़राब होने की सम्भावना बढ़ जाती है जिससे लिवर खराब होने के लक्षण और अधिक बढ़ जाता है।

आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण और संकेत पहचानना आम इंसान के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। ऐसे में अधिक लम्बे समय तक लिवर में अधिक वसा का जमा होना हानिकारक बन सकता है। आमतौर पर फैटी लिवर की समस्या ४० से ६० साल की उम्र वालें लोगों को होती है। महिलाओं की तुलना में फैटी लिवर पुरुषों में अधिक देखने को मिलता है। हालांकि अब छोटे बच्चों में भी फैटी लिवर के मामले दिखाई दे रहे हैं। फैटी लिवर होने का सबसे आम और मुख्य कारण है खराब जीवनशैली और आहार। बाहर की चीजें जैसे समोसा, पिज्जा, तली हुई चीजें, चाउमीन आदि खाने से और किसी भी तरह का शारीरिक व्यायाम न करने से लिवर में चर्बी तेजी से बढ़ता है। यही कारण है कि फैटी लिवर अक्सर लोगों में देखने को मिलता है।Healthy liver versus fatty liver
फैटी लिवर डाइट - Fatty Liver Diet in Hindi

फैटी लिवर अधिक मोटापा और ख़राब जीवनशैली के अलावा हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और हाई शुगर लेवल होने के वजह से भी हो सकता है। फैटी लिवर के मरीज़ों को अपने डाइट पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। फैटी लिवर को अगर नजरअंदाज करे तो लिवर सिरोसिस होने का खतरा भी बढ़ जाता है। डाइट में सुधार लाने से फैटी लिवर की समस्या और अधिक नही बढ़ती है और इसे ठीक होने में कम समय लगता है। फैटी लिवर डाइट में आप अपने डाइट में क्या क्या शामिल कर सकते है:
फैटी लिवर में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है I

कॉफी: लिवर में जमी चर्बी को कम करने में कॉफी मददगार होती है। शरीर को इससे ऊर्जा भी मिलती है। कॉफी में भी आप दूध वाली कॉफी पीने से बचें; इसके बजाय ब्लैक कॉफी पिएं और चीनी की मात्रा कम रखें। कॉफी के अलावा मरीज ग्रीन-टी पी सकते हैं।
मछली: चर्बी और सूजन के लेवल को कम करने के लिए अपने आहार में मछली शामिल करें। ऐसी मछलियां लेने से बचें जिनमे मर्करी या अन्य हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं।
मेवा: सूजन को कम करने में मेवा काफ़ी मददगार साबित हो सकता है। अखरोट विशेष रूप से ओमेगा -3 फैटी एसिड में उच्च होते हैं और फैटी लीवर रोग वाले लोगों के लिए लाभ प्रदान कर सकते हैं।
हल्दी: फैटी लिवर में हल्दी फायदेमंद होता है। इसमें एंटी - ऑक्सीडेंट होते हैं जो लिवर को स्वस्थ रखते हैं। हल्दी को आप दूध (कम वसा वाले) के साथ ले सकते हैं।
सूरजमुखी के बीज: शरीर में एंटी- ऑक्सीडेंट की पूर्ति करने के लिए सूरजमुखी के बीजों का सेवन करें। ये बीज विटामिन ई में उच्च होते हैं, जो लीवर को और नुकसान से बचाने में मदद करते हैं, और भोजन के बीच में सूरजमुखी के बीज का सेवन करना एक स्वस्थ नाश्ता हैं।


फैटी लिवर में निम्नलिखित नट्स का सेवन करना चाहिए I
अखरोट: नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर के जोखिम को कम करने में अखरोट मददगार साबित हो सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट, पॉलीफेनॉल, विटामिन-ई और सेलेनियम मौजूद होते हैं। 
बादाम: आमतौर पर मेवे और विशेष रूप से बादाम में विटामिन ई और अनसेचुरेटेड फैट से भरपूर होते हैं। यह शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं।
मूंगफली: मूंगफली पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट प्रदान करती है। इसे संतुलित मात्रा में लेने से फैटी लिवर से ठीक होने में मदद मिल सकती है।

फैटी लीवर में खाने के लिए फल और सब्जियां
फैटी लिवर में फ़लों का सेवन करें - Best Fruits for Fatty Liver in Hindi

लिवर से जुड़े रोग और समस्याओं से बचने के लिए ताज़े फ़लों का सेवन किया जा सकता है। फैटी लिवर डाइट में आप ताज़े फल और हरी सब्ज़ियां भी अपने डाइट में शामिल कर सकते है। फैटी लिवर के मरीज को निम्नलिखित फ़लों का सेवन करना चाहिए:

केला: सिरोसिस और फैटी लिवर के जोखिम को कम करने में केला बड़ी भूमिका निभा सकता है। केले में अनसेचुरेड फैट, पेक्टिन, ओमेगा-३, मोनोअनसैचुरेटेड फैट, पोटेशियम और सोडियम मौजूद होता है। ये सभी ज़रूरी चीजें फैटी लिवर की समस्या को दूर करने और लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
अंगूर: अंगूर में पर्याप्त मात्रा में पानी और रफ़ेज मौजूद होता है जो लिवर के स्वास्थ्य के लिए काफी जरुरी होता हैं। साथ ही अंगूर एंटी- ऑक्सीडेंट और विटामिन सी से भरे होते हैं जो लिवर से विषैले पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं। 
पपीता: पपीता में पर्याप्त मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जिससे लिवर में सूजन कम होता है। इसके अलावा पपीता में पर्याप्त मात्रा में एंटी- ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो लिवर को स्वस्थ रखते हैं। 
चकोतरा: चकोतरा यानी ग्रेपफ्रूट फैटी लीवर के कारण हुए लीवर को हुए नुकसान को ठीक करने में मदद करते हैं। विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट का उच्च स्तर शरीर से सभी विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, इसलिए, कोशिकाओं की रक्षा करता है। ग्रेपफ्रूट आपके लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा चकोतरा खाने से लिवर के सूजन को कम कर करने में मदद मिलती है। 
सेब: सेब में पेक्टिन तत्व मौजूद होता है जो आपके डाइजेस्टिव सिस्टम में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकाल कर लिवर को साफ़ रखता है और लिवर के सूजन को कम कर करने में मदद मिलती है। 
तरबूज: तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह फैटी लिवर में लिवर की सूजन को कम करने में मददगार साबित होता है।

Fruits for fatty liver
फैटी लीवर के लिए सर्वश्रेष्ठ सब्जियां - Best Vegetables for Fatty Liver in Hindi

फैटी लिवर डाइट प्लान में निम्नलिखित सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए

ब्रोकली: यह ऐसी सब्जी है जो लिवर के फैट को तेज़ी से नियंत्रण में ला सकती है। ब्रोकली लिवर में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा को कम करने में मदद कर सकती है। 
करेला: करेला का सेवन ना सिर्फ आपका मधुमेह नियंत्रित करता है बल्कि लिवर को भी स्वस्थ रखता है। फैटी लिवर के मरीजों को करेला का सेवन करना चाहिए। 
टमाटर: टमाटर में मौजूद लाइकोपीन एक मजबूत एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-कैंसर एजेंट है जो ना सिर्फ फैटी लिवर और लिवर सूजन से बचाता है बल्कि इससे उबरने में मदद भी करता है। 
पालक: हरी पत्तेदार सब्जियों में से एक पालक भी है जिसमे पर्याप्त मात्रा में एंटी- ऑक्सीडेंट, आयरन, विटामिन, न्यूट्रीएंट्स और मिनिरल होते हैं। पालक का जूस, साग आदि फैटी लिवर के लिए काफी असरदार होता है।
मेथी का साग: मेथी के पत्तों में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं जैसे कि विटामिन ए, सी, कैल्शियम, बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन आदि। इससे फैटी लिवर में काफी सुधार होता है।
बीन्स और सोया: नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए बीन्स और सोया खाएं। सोया और बीन्स में अच्छे वसा की मात्रा अधिक है जो चर्बी घटाने के लिए मदद करता है।
लहसुन: लहसुन का सेवन करने से न सिर्फ लिवर में जमी चर्बी को कम किया जा सकता है बल्कि शरीर के वजन को भी नियंत्रित किया जा सकता है।


फैटी लिवर में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें
खराब खान-पान, मोटापा, अव्यवस्थित जीवनशैली और अधिक मात्रा में शराब का सेवन आदि कारणों से फैटी लिवर होता है। यह लिवर में होने वाली गंभीर बीमारी है जिससे कम समय में छुटकारा पाने के लिए कुछ चीजों के सेवन से परहेज़ करना चाहिए। फैटी लिवर के मरीजों को निम्नलिखित चीज़ों से परहेज करना चाहिए :

अल्कोहोल: अगर आप ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन करते हैं तो फैटी लिवर की स्थिति को और गंभीर कर सकता है। इसीलिए शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर दें।
अधिक वसा और कैलोरी युक्त पदार्थ: फैटी लिवर में उन सभी चीजों को अपने डाइट से निकाल देना चाहिए जिनमें फैट और कैलोरी की मात्रा ज़्यादा होती है।
हाई शुगर: कैंडी, डिब्बा बंद फ्रूट जूस, आइसक्रीम और मिठाइयों के ज्यादा सेवन से बचें। ज्यादा शुगर का सेवन करने से लिवर में वसा बढ़ने लगता है जो फैटी लिवर को बढ़ाता है। 
चावल: फैटी लिवर में चावल का सेवन करना चाहिए या नहीं; यह सवाल काफी आम है। फैटी लिवर में चावल का उपयोग नुकसानदायक साबित हो सकता है क्योंकि चावल एक हाई ग्लाइसेमिक फूड है जिससे शरीर में रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) बढ़ता है। रक्त शर्करा के बढ़ने से फैटी लिवर की समस्या और बढ़ती है।
एडेड शुगर: जिसमें एडेड शुगर पाया जाता है उन सभी चीजों के सेवन से मरीज को दूरी बना लेनी चाहिए। एडेड शुगर शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा को बढ़ाकर फैटी लिवर की समस्या को और बढ़ा सकता है।
तले हुए पदार्थ: फैटी लिवर में फ्राइड फूड यानि तले हुए पदार्थ खाने से परहेज करना चाहिए। तले हुए पदार्थों में चर्बी की मात्रा काफी होती है जिससे लिवर की समस्या अधिक बढ़ सकती है। 
नमक: खाने में नमक का इस्तेमाल कम से कम मात्रा में करें। नमक का ज्यादा इस्तेमाल करने से रक्तचाप ( ब्लड प्रेशर ) बढ़ सकता है जो लिवर के लिए सही नही है।
फ़ास्ट फूड: पास्ता, बर्गर आदि फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करना भी लिवर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। फास्ट फूड में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल होते हैं जो लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं।
इसके अलावा फैटी लिवर में मसालेदार चीज़े, मक्खन, घी और मलाईदार दूध के सेवन से परहेज़ करना चाहिए।

Food items to avoid
फैटी लिवर डाइट प्लान - Diet Plan for Fatty Liver in Hindi

फैटी लिवर होने पर आप अपनी दिन की शुरुवात तन्दुरुस्त आहार के साथ कर सकते है। नीचे दिए हुए फैटी लिवर डाइट को आप अपने जीवनशैली में अनुसरण कर सकते है। 
प्रभात

सुबह उठने के बाद: इच्छानुसार गुनगुना नींबू पानी पिएं। 
सुबह का नाश्ता: १ कप ग्रीन टी पिए। यदि ग्रीन टी पीने का मन नहीं है तो १ कप किसी भी फल का जूस पी सकते हैं।
इसके कुछ समय बाद एक कटोरी दूध (कम वसा वाले) में ओट्स मिलाकर इसका सेवन करें। आप चाहें तो ओट्स और दूध के बजाय कटे हुए फल जैसे केला,सेब,आदि खा सकते हैं।  

दोपहर

दोपहर का भोजन: २-३ रोटी के साथ कई सब्जियों से बना साग खाएं जो हल्के मसालों में बनी हो और बिल्कुल कम तीखी हो। 
१ कटोरी उबली हुई सब्जियों की सलाद या एक कटोरी ताजे कटे हुए फल खाएं। आप चाहें तो भोजन के बाद आधा कटोरी दही का सेवन भी कर सकते हैं।

शाम

शाम को नाश्ते में ये लें: १ कप ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।
१ कप सब्जियों का सूप या फल का जूस पी सकते हैं।

रात का खाना
रात का भोजन: १०० ग्राम ग्रिल्ड लीन मीट या मछली के साथ २ से ३ रोटी खा सकते हैं।
जो शाकाहारी हैं वो २० से २५ ग्राम पनीर की सब्ज़ी के साथ २-३ रोटी खा सकते हैं।
रात को सोने से पहले १ गिलास दूध (कम वसायुक्त) दूध पिएं। 

जीवनशैली में बदलाव करें - Make Lifestyle Changes in Hindi

अगर आपको फैटी लिवर है या फैटी लिवर से बचना चाहते हैं तो आपको अच्छी जीवनशैली को अपनाना होगा। चूंकि फैटी लिवर से लिवर कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए आपको अपने आहार का अतिरिक्त ध्यान रखने की जरूरत है ताकि आप अपने लिवर को स्वस्थ रख सकें। अच्छी जीवनशैली से न सिर्फ फैटी लिवर की समस्या ठीक होगी बल्कि आपको किसी भी प्रकार की बीमारी होने की संभावना नही रहेगी। आप अपने जीवनशैली में निम्न बदलाव ला सकते हैं: 

रोज सुबह उठकर टहलना शुरू करें। इसके अलावा आप कुछ व्यायाम या कसरत भी कर सकते हैं। इससे आपका मोटापा कम होगा और शुगर लेवल नियंत्रित होने में भी मदद मिलेगी।
बाहर की तली - भुनी चीजें खाना बंद करें। इससे आपके शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ता है। यह आपके लिवर और हार्ट के लिए बहुत नुकसानदायक साबित होता है।
अपने आहार में फलों और सब्जियों को शामिल करें और एक स्वस्थ डाइट का पालन करें।


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