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माहवारी(Periods)
माहवारी क्या है?

माहवारी मासिक चक्र का वह भाग है जिसमे एक स्त्री के योनि मार्ग से कुछ दिनों के लिए रक्तस्राव होता है। अधिकांश स्त्रियों में यह हर 28 दिन के बाद होता है।

स्त्रियों के लिए इस चक्र का इस अवधि से लम्बा या छोटा होना, जैसे कि 24 या 35 दिन का हो जाना सामान्य बात है।
माहवा
री कब शुरू होती है

लड़कियों में पहली माहवारी किशोरावस्था शुरू होने के बाद होती है। यह 8 से 16 साल के बीच हो सकती है मगर अधिकांश लड़कियां सामान्यतया लगभग 12 साल की उम्र में माहवारी से होना शुरू करती हैं। आपकी माहवारी तब तक चलती रहेगी जब तक 45 से 55 की उम्र के लगभग आपकी रजोनिवृत्ति या मेनोपॉज़ न हो जाये।
मासिक चक्र

हर मासिक चक्र आपकी माहवारी के पहले दिन शुरू होता है और आपके अगले मासिक चक्र के पहले दिन तक रहता है।

माहवारी और मासिक चक्र को समझने के लिए एक स्त्री के शरीर के अंदर के जननांगों को जानने से मदद मिलती है। ये निम्न हैं :

दो ओवरीज या अंडाशय(two ovaries), जहां अंडे एकत्रित व विकसित होते हैं और बाहर भेजे जाते हैं
गर्भाशय(womb), जहां निषेचित अंडा स्थापित या प्रत्यारोपित होता है और गर्भावस्था आगे विकसित होती है
दो पतली नलिकाएं जिन्हे फैलोपियन ट्यूब्स(fallopian tubes) कहते हैं, जो अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती हैं
सर्विक्स(cervix), गर्भाशय का वह निचला भाग जो उसे योनि से जोड़ता है
योनि, मांस-पेशियों की बनी वह नलिका जो सर्विक्स को शरीर के बाहर खोलती है

प्रत्येक मासिक चक्र में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का बढ़ता हुआ स्तर ओवरीज में अंडे के विकसित होने और उसके बाहर निकलने (इस प्रक्रिया को ओव्यूलेशन कहते हैं)को शुरू करवा देता है। संभावित गर्भावस्था की तैयारी में गर्भाशय का अंतरस्तर मोटा होने लगता है।

अंडा फैलोपियन ट्यूब से नीचे जाता है और अब अगर वो किसी स्पर्म या शुक्राणु से मिल जाता है तो आप गर्भवती हो सकती हैं।

अंडा लगभग 24 घंटे तक जीवित रह सकता है। अगर इस बीच में गर्भावस्था नहीं हुई, तो यह अंडा आपके शरीर में वापस अवशोषित कर लिया जाता है। गर्भाशय का अंतरस्तर जगह छोड़ देता है और रक्त के साथ मिलकर माहवारी (मासिक धर्म का बहाव) के रूप में शरीर के बाहर आ जाता है।
गर्भवती होना

आपका वह समय जब आप उर्वर हैं (गर्भवती हो सकती हैं) को सटीक तरह से बताना मुश्किल हो सकता है। यह उस समय के आसपास होता है जब आप ओव्युलेट कर रही होती हैं, जो कि अधिकतर स्त्रियों में उनके अगले मासिक चक्र शुरू होने से 12 -14 दिन पहले होता है।

अगर कोई स्त्री ओव्युलेट नहीं करती है तो वह गर्भवती नहीं हो सकती है। गर्भनिरोधन के कुछ हॉर्मोनल तरीके, जैसे मिली-जुली गोलियां, पैच और इंजेक्शन ओव्यूलेशन को रोक कर ही काम करते हैं।
शारीरिक बदलाव

आप का शरीर अपने चक्र के अलग-अलग समय के दौरान हॉर्मोन्स की अलग-अलग मात्रा पैदा करता हैं। यह आपके शरीर और भावनाओं में परिवर्तन पैदा कर सकता है।

उदाहरण के लिए, आपके मासिक चक्र के दौरान आपका योनि स्राव पूरे समय बदलता रहता है। ओव्यूलेशन के समय यह पतला और खिंचने वाला, थोड़ाथोड़ा कच्चे अंडे की सफेदी की तरह हो जाता है।

आपको अपनी माहवारी से कुछ दिन पहले मूड स्विंग्स हो सकते हैं, या आप ध्यान देंगी कि आपके स्तन सूजे हुए और दर्द भरे हो गए हैं।

प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) (Premenstrual syndrome (PMS) उन लक्षणों की एक शृंखला है, जो औरतों को माहवारी होने के पहले दिनों में प्रभावित कर सकते हैं।



ज्यादा रक्त स्राव या भारी माहवारी होना
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माहवारी के लक्षण

अपनी माहवारी के दौरान आप अपनी योनि से कुछ दिनों के लिए रक्तस्राव करेंगी जिसमे शुरू के दो दिनों में सबसे ज्यादा रक्तस्राव होता है।

आप कितने दिन तक रक्तस्राव करती हैं यह आपके मासिक चक्र पर निर्भर करता है। आपकी माहवारी तीन से आठ दिन तक रह सकती है मगर यह अक्सर लगभग पांच दिनों तक रहती है।

आप रक्त की कितनी मात्रा खोती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी माहवारी कितनी भारी है। सामान्यतया यह लगभग पांच से बारह चाय के चम्मच भर देने जितनी मात्रा होनी चाहिए। कुछ स्त्रियां ज्यादा रक्तस्राव करती हैं, पर अगर भारी माहवारी आपके लिए एक समस्या है तो इसके लिए मदद मौजूद है। भारी माहवारी के इलाज के बारे में जानें।

आप रक्त को सोखने के लिए सैनिटरी टॉवल्स या टेम्पोंस, या रक्त को योनि के अंदर ही इकट्ठा कर लेने के लिए मेंस्ट्रुअल कप (मुलायम सिलिकॉन से बने हुए) का इस्तेमाल कर सकती हैं। टॉवल्स और टेम्पोंस डिस्पोजेबल होते हैं(फेंक दिया जाते हैं)I मेंस्ट्रुअल कप को धो कर फिर इस्तेमाल किया जा सकता है।

अगर आप टेम्पोंस इस्तेमाल करती हैं तो आपको उन्हें बराबर बदलते रहना होता है। उस पैकेट के साथ आने वाले निर्देशों का पालन करें। यह टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम, जो कि एक बहुत कम होने वाला पर गंभीर संक्रमण है जो किसी को भी हो सकता है पर टेम्पोंस इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में ज्यादा आम है, के खतरे को कम करता है I
आपकी माहवारी से पहले

आपकी माहवारी से पहले आपके शरीर में हॉर्मोन्स के बदलते हुए स्तर शारीरिक और भावात्मक बदलाव ला सकते हैं। आप महसूस कर सकती कि आपके स्तन बड़े हो गए हैं, आप फूला हुआ महसूस कर रही है या आप आसानी से रो पड़ती हैं।

आपको अपने पेट व पीठ के निचले हिस्से में दर्द या असुविधा महसूस हो सकती है। यह दर्द माहवारी के कुछ समय या पूरी माहवारी में भी रह सकता है। अगर दर्द- भरी माहवारी एक समस्या है तो मदद उपलब्ध है , इसलिए चुपचाप सहने की कोई जरूरत नहीं है। दर्द-भरी माहवारी के इलाज के बारे में और जानें।
प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस)

प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) Premenstrual syndrome (PMS), (कभी-कभी प्री-मेंस्ट्रुअल टेंशन ,पीएमटी (premenstrual tension, PMT) भी कहते हैं) शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक लक्षणों के उस समूह का नाम है जो किस स्त्री को उसकी माहवारी शुरू होने के पहले कुछ दिनों में हो सकते हैं। माहवारी से होने वाली हर स्त्री को पीएमएस नहीं होते। अगर ये आपको होते हैं, तो लक्षणों में आ सकते हैं :

चिड़चिड़ा और गुस्से में होना
मूड स्विंग्स
द्रव्यों का शरीर में रुकना और फूलना

सामान्यतया अगर आपको ये लक्षण होते हैं तो जब आपकी माहवारी शुरू होती है, ये लक्षण खुद-ब-खुद सुधर जाते हैं और कुछ दिन बाद गायब ही हो जाते हैं।

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