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दिन में सोने के फायदे – Din Me Sone Ke Fayde in Hindi

वैज्ञानिक शोध में माना गया है कि कुछ हद तक दोपहर को सोने के फायदे हैं (2)। अब ये फायदे क्या हैं, उसके बारे में यहां एक-एक करके विस्तार से बताया गया है। यहां आप दिन में सोने के फायदे और नुकसान दोनों जानेंगे।

1. आराम: दिन में सोने के फायदे में सबसे पहले हम आराम के बारे में बात करेंगे। दिन में थोड़ी देर की नींद व्यक्ति की थकावट कम करने में फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, मनुष्य का शरीर सिर्केडियन क्लॉक के हिसाब से काम करता है। इसमें दोपहर के वक्त शरीर के तापमान में कमी आ जाती है, जिससे आलस व थकान महसूस होने लगती है। ऐसे में व्यक्ति को झपकी आने लगती है। इसलिए, माना जा सकता है कि दोपहर में थोड़ी देर की नींद व्यक्ति के शरीर को आराम पहुंचाने में लाभकारी हो सकती है। इसकी पुष्टि एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नॉलोजी इंफॉर्मेशन) की साइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर से होती है (3)।
सिर्केडियन क्लॉक शरीर के लिए एक प्रकार की जैविक घड़ी होती है। यह 12 घंटे दिन के और 12 घंटे रात के अनुसार काम करती है। इससे व्यक्ति को सुबह समय पर उठने और रात को समय पर सोने में मदद मिलती है।

2. तनाव: दोपहर को सोने के फायदे में तनाव से राहत पाना भी शामिल है। जापान की एक यूनिवर्सिटी के रिसर्च के अनुसार, रात में काम करने वाले लोग लंबे वक्त तक जागते हैं, इससे नींद व थकान बढ़ जाती है। इससे उनके तनाव का स्तर भी धीरे-धीरे बढ़ता है। अगर ऐसी स्थिति लंबे वक्त तक बनी रहती है, तो पुरानी थकान और बढ़ सकती है। ऐसे में इस तरह के तनाव को कम करने के लिए दिन के वक्त झपकी लेना लाभकारी हो सकता है। यह रिसर्च पेपर एनसीबीआई की साइट पर पब्लिश है (4)।

3. दिल: एक झपकी दिल को स्वस्थ रखने में भी मददगार साबित हो सकती है। कई वैज्ञानिक ऐसी नींद को कार्डियोवैस्कुलर हॉलीडे (दिल की छुट्टी) भी कहते हैं। दिन के समय सोने से दिल की धड़कन कुछ हद तक धीमी हो सकती है। इसके कई सारे फायदे हो सकते हैं। इसलिए, दिन की झपकी भी रात की नींद के बराबर हृदय के लिए लाभकारी हो सकती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि हृदय की कई बीमारियों की रोकथाम के लिए दिन में सोना फायदेमंद हो सकता है (5)।

4. कम थकान: हमारा शरीर सिर्केडियन क्लॉक को फॉलो करता है। इसमें लगभग हर 12 घंटे के अंतराल में शरीर का तापमान थोड़ा कम हो जाता है। यह मुख्य रूप से दोपहर के समय पाया जाता है। ऐसे में व्यक्ति थका हुआ महसूस कर सकता है। इसी बीच 30 मिनट से अधिक एक झपकी लेने पर व्यक्ति की थकान में काफी हद तक राहत मिल सकती है (3)।

5. सतर्कता में वृद्धि: दोपहर को सोने के फायदे में की गई कई रिसर्च में इस बात का साफतौर पर जिक्र मिलता है कि व्यक्ति की सतर्कता दोपहर के वक्त काफी कम होती है। इसे पोस्ट लंच डिप कहा जाता है। यह मुख्य रूप से 1 बजे से 4 बजे के बीच में होता है। इस समय व्यक्ति के शरीर का तापमान कुछ कम हो जाता है, जिससे व्यक्ति आलस महसूस करने लगता है और उसकी सतर्कता में कमी आ जाती है। ऐसे में 15 से 45 मिनट की एक झपकी व्यक्ति की सतर्कता में वृद्धि उत्पन्न करने में लाभकारी मानी जा सकती है (3)। यह जानकारी एनसीबीआई की साइट पर प्रकाशित एक रिसर्च पेपर में दी गई है।

6. बेहतर मूड: कई बार दोपहर के वक्त व्यक्ति चिड़चिड़ापन महसूस करता है। इसकी वजह सिर्केडियन क्लॉक भी हो सकता है। ऐसे में व्यक्ति के मूड में भी बदलाव नजर आता है। वहीं, एक रिसर्च कहती है कि दोपहर में 20 मिनट की नींद लेने से व्यक्ति के आत्मविश्वास के साथ-साथ सतर्कता में भी बढ़ोत्तरी होती है और आलस्य कम होता है। इसका सकारात्मक असर उसके मूड पर पड़ता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि दोपहर को सोने के फायदे में मूड को बेहतर करना भी शामिल है (6)।
7. अच्छी याददाश्त: दोपहर को सोने के फायदे की लिस्ट में इसे भी गिना जा सकता है। एनसीबीआई ने इस संबंध में अपनी साइट पर एक रिसर्च पेपर प्रकाशित किया है। इसमें बताया गया है कि दोपहर को झपकी लेने वाले लोगों का मेमौरी टेस्ट स्कोर, दोपहर में न सोने वाले लोगों की तुलना में बेहतर पाया गया। साथ ही सिर्फ एक झपकी सीखी गई चीजों को हमेशा के लिए याद रखने में मदद कर सकती है (7)।

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