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डिलीवरी के बाद 8 से 10 दिन नई मां को इस तरह बनाकर खिलाएं आटे का हलवा, दूर होगी कमजोरी और कब्‍ज

गर्भावस्‍था के दौरान ही नहीं बल्कि डिलीवरी के बाद भी शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं।
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डिलीवरी के बाद 8 से 10 दिन नई मां को इस तरह बनाकर खिलाएं आटे का हलवा, दूर होगी कमजोरी और कब्‍ज
डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कमजोरी आ जाती है और इस समय उनका पाचन तंत्र भी कमजोर रहता है। कई बार महिलाओं को डिलीवरी के बाद कुछ दिनों तक खाना चबाने या ज्‍यादा गरिष्‍ठ भोजन पचाने में भी दिक्‍कत आती है।

ऐसे में महिलाओं को वो चीजें खिलाई जाती हैं तो उन्‍हें ताकत दें। इसलिए आज हम आपको एक ऐसी रेसिपी के बारे में बता रहे हैं जिसे डिलीवरी के बाद खाने से कमजोरी पूरी तरह से दूर होती है।

​कैसे बनाएं

डिलीवरी के बाद आटे का हलवा खाने से शरीर की कमजोरी दूर होती है। इस हलवे को बनाने के लिए आपको एक कढ़ाई, एक छोटी कलछी घी, 250 ग्राम आटा, एक गिलास उबला हुआ पानी और 200 ग्राम चीनी या गुड़ चाहिए होगा।
​आटे का हलवा बनाने की विधि

आटे का हलवा बनाने के लिए आपको निम्‍न स्‍टेप्‍स फॉलो करने होंगें :

सबसे पहले एक कढ़ाई लें और उसे गैस पर गर्म करने के लिए रख दें।
लोह की कढ़ाई ज्‍यादा बेहतर रहेगी क्‍योंकि इसमें खाना पकाने से भोजन में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है।
कढ़ाई गर्म होने पर इसमें घी डालें और उसे भी गर्म कर लें।
घी के बाद आपको आटा डालना है।

हल्‍वा बनाने की विधि

आटे को धीमी आंच पर भून लें।
ध्‍यान रखें कि इस रेसिपी में आपको घी अच्‍छी तरह से डालना है।
आटे का हलवा बनाने का तरीका
आटे का हलवा बनाने के आगे के स्‍टेप्‍स इस तरह हैं :
जब आटे का रंग पक कर भूरा हो जाए तो इसमें पानी डालें।
पानी उबला हुआ होना चाहिए।
हलवे को इतना पकाएं कि वो गाढ़ा हो जाए।
अब इसमें चीनी या गुड़ डालें और थोड़ा पका लें।
आटे का हलवा तैयार है।


​कैसे खाएं

हलवा बनने के बाद इसे प्‍लेट या कटोरी में निकाल लें और इस पर थोड़ा घी डालें। डिलीवरी के बाद घी खाना बहुत अच्‍छा होता है। दिन और रात में दूध के साथ इस हलवे को खाएं। आपसे जितनी मात्रा में खाया जाए उतना हलवा खाएं।
​आटे के हलवे के फायदे

डिलीवरी के बाद महिलाओं का पाचन कमजोर हो जाता है और वो ज्‍यादा भारी चीजें पचा नहीं पाती हैं। आटे का हलवा आसानी से पच जाता है और इससे शरीर की कमजोरी और डिलीवरी के बाद होने वाली समस्‍याओं जैसे कि कब्‍ज से भी राहत मिलती है।

आपको डिलीवरी के बाद 8 से 10 दिन तक इस हलवे को लंच और डिनर के बाद खाना चाहिए। इससे मां के शरीर को पोषण मिलता है जो मां के दूध के जरिए शिशु तक भी पहुंचता है।


इस बात का रखें ध्‍यान

अगर आप सोच रही हैं कि इस हलवे में घी का बहुत ज्‍यादा इस्‍तेमाल किया गया है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। घी से आपको ज्‍यादा वजन नहीं बढ़ेगा बल्कि स्‍तनपान से कैलोरी खर्च होती है जिसमें घी से मिला एक्‍स्‍ट्रा फैट निकल जाएगा।

अभी आपको वजन नहीं बल्कि अपनी और अपने बच्‍चे की सेहत पर ध्‍यान देना है।

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