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क्या बेबी पाउडर सुरक्षित है? पढ़ें इससे होने वाली बीमारियां और सावधानियां
आप रोजाना अपने बच्चे को बेबी पाउडर लगाती हैं लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि यह आपके नन्हे के लिए कितना सुरक्षित है। विदेशों में सालों से एक नामी बेबी पाउडर ब्रांड जॉन्सन एंड जॉन्सन के खिलाफ मामला चल रहा है कि यह बेबी पाउडर इस्तेमाल के लिए सही नहीं है और इसे लगाने से कई बीमारियां हो सकती हैं। अब जॉन्सन एंड जॉन्सन ने खुद यह फैसला लिया है कि अगले साल से वह अपने टैल्क बेस्ड पाउडर को बेचना बंद कर देंगे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि कौन-सा बेबी पाउडर आपके बच्चे के लिए सुरक्षित है।

टैल्कम पाउडर को लंबे समय से इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित माना जाता है। मम्मी अपने बच्चे की स्किन को ड्राय रखने के लिए और फेमिनिन हाइजीन सॉल्यूशन की तरह भी इसका इस्तेमाल करती हैं। जबकि सच्चाई तो यह है कि टैल्कम पाउडर पहले बताए गए जोखिम की तुलना में काफी अधिक खतरनाक है। आइए सिट्टा की सीईओ आकांक्षा शर्मा से यह जानते हैं कि बेबी पाउडर जिसे टैल्कम पाउडर भी कहा जाता है, वह किस तरह से खतरनाक है और बच्चों के इस्तेमाल के लिए कितना सुरक्षित है।
क्यों खतरनाक है टैल्कम पाउडर

टैल्कम पाउडर में टैल्क नामक एक इंग्रीडिएंट पाया जाता है, जिसकी वजह से इसका नाम टैल्कम पाउडर रखा गया। एस्बेसटस (Asbestos) नामक मिनरल भी उसी माइनिंग में पाया जाता है, जहां टैल्क मिलता है। एस्बेस्टस एक्सपोजर इन्हेलेशन के माध्यम से होता है, जिसे सीधे तौर पर कैंसर से जोड़ा गया है।
टैल्क से होने वाली बीमारियां
कैंसर का कारण बनता है टैल्क

टैल्क में अक्सर एस्बेस्टस, एक ज्ञात कार्सिनोजेन (carcinogen) और कैंसर पैदा करने वाला एजेंट पाया जाता है। टैल्क एक बार अंदर जाने के बाद शरीर में बहुत लंबे समय तक बना रह सकता है। यह एक इंफ्लेमेट्री रिएक्शन या लगातार जलन पैदा कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसीलिए, कई टैल्कम पाउडर में पाए जाने वाले टैल्क का लंबे समय तक इस्तेमाल, यहां तक कि शिशुओं के लिए भी, कैंसर का कारण बन सकता है।
डर्मेटाइटिस का कारण बनता है टैल्क

टैल्कम पाउडर बॉडी के रोमछिद्रों को बंद कर देता है और पसीने को निकलने से रोकता है। यह मौजूदा रैश को बढ़ाने के साथ नए रैश भी पैदा कर सकता है।
सांस से जुड़े रोगों का कारण बनता है टैल्क

टैल्कम पाउडर में शामिल छोटे कण सांस लेने पर फेफड़ों में जलन पैदा कर सकते हैं। जब इसे शिशुओं की स्किन पर लगाया जाता है, तो वे इसे सांस के जरिए अंदर ले सकते हैं और बीमार हो सकते हैं। टैल्कम पाउडर को अंदर लेने से तेजी से सांस लेने, खांसी, बच्चे की स्किन का नीला पड़ जाना, डायरिया, उल्टी जैसी समस्या हो सकती है। सिर्फ यही नहीं, इससे पल्मोनरी टैल्कोसिस, अस्थमा या निमोनिया भी हो सकता है।

इसके अलावा, यह लंग (फेफड़ों) कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओवेरियन कैंसर और यूट्रिन के कैंसर का भी कारण बन सकता है।
क्या हैं टैल्क के विकल्प
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या टैल्क का कोई अन्य विकल्प भी है या सभी बेबी पाउडर में टैल्क का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसका यह जवाब है कि कि टैल्क के कई विकल्प हैं, जिनकी मदद से बेबी पाउडर को तैयार किया जाता है। ये विकल्प निम्न हैं -

कॉर्नस्टार्च

ओट केरनेल (Oat Kernel) फ्लोर

मीठा सोडा

टैपिओका (Tapioca) स्टार्च पाउडर
बच्चे के लिए बेबी पाउडर खरीदते समय बरती जाने वाली सावधानियां -
अब अगला सवाल यह है कि अपने बच्चे के लिए बेबी पाउडर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि आपका नन्हा सुरक्षित रहे। आइए जानते हैं कि बच्चे के लिए बेबी पाउडर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

इंग्रीडिएंट्स लिस्ट को ध्यान से पढ़ें। सुनिश्चित करें कि इसमें टैल्क नहीं है।

इंग्रीडिएंट्स लिस्ट में टैल्क के अन्य विकल्प हो सकते हैं, जैसे ओट केरनेल आटा या कॉर्न स्टार्च आटा।

ये ऑर्गैनिक इंग्रीडिएंट्स आपके बच्चे की स्किन को सॉफ्ट और स्मूद बनाते हैं।

ओट के आटे में एवेनेथ्रामाइड्स (Avenanthramides) और विटामिन ई जैसे प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो स्किन को हेल्दी रखने में सहायता करते हैं। साथ ही रैश और खुजली को रोकते हैं।
बच्चे को कैसे लगाएं सुरक्षित तरीके से बेबी पाउडर -
यदि बेबी पाउडर सांस के जरिए शरीर के अंदर चला गया, तो इससे सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसीलिए बच्चे को बेबी पाउडर लगाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बेबी पाउडर को सीधे प्राइवेट पार्ट्स पर लगाने से बचें। इसके बजाय, प्राइवेट पार्ट्स और पैरों के आस-पास की स्किन पर धीरे से एक हल्की लेयर लगाएं।

अपने बच्चे की आंखों में बेबी पाउडर डालने से बचें।

बेबी पाउडर को अपने चेहरे और अपने बच्चे के चेहरे से दूर लगाएं। इस तरह से यह फेफड़ों में जाने से बचेगा।

बेबी के चेहरे पर पाउडर नहीं लगाना चाहिए, गर्दन के नीचे ही लगाना चाहिए। पाउडर वहां लगाना चाहिए, जिससे नमी को सोख जा सके।

बेबी पाउडर को अपने बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

बेबी पाउडर को सीधे अपने बच्चे पर न लगाएं। एक कपड़े पर पाउडर को डालें और फिर उसी कपड़े का इस्तेमाल करके पाउडर को अपने बच्चे की स्किन पर हल्के से लगाएं।
बॉटम लाइन -

बेबी पाउडर एक ड्राय पाउडर होता है, जो पसीने को सोखता है। यदि बच्चे की स्किन से पसीना को न सोखा जाए, तो नमी से बैक्टीरिया और रैश होने की आशंका रहती है। डायपर से भी इन्फेक्शन, रैश हो सकता है, जिसे बेबी पाउडर रोकता है।

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