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क्या आपके भी घुटनों में जकड़न रहती है ? आज से ही अपनाएं ये उपाय
जोड़ों में दर्द वर्तमान समय की जीवन शैली का परिणाम भी है। शहरी जीवन में ज्यादातर लोगों में यह समस्या देखी जा सकती है। कुछ लोगों में यह समस्या कम उम्र में ही देखी जाने लगी है। ऑफिस जॉब में लोग घंटों बैठकर काम करते हैं घुटनों पर जोर नहीं पड़ने के कारण जोड़ों में दर्द की शिकायत हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए हम यहां कुछ उपयों के बारे में बात कर रहे हैं। उपायों के साथ क्या सावधानियां रखनी चाहिए उसकी भी जानकारी होना बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं कारण, उपाय और सावधानियों के बारे में.....
घुटनों के लिए क्यों जरूरी है उठक-बैठक ?
इसका मतलब सजा से कतई जुड़ा हुआ नहीं है। असल में जोड़ों की समस्याओं से ग्रसित होने की आशंका उन लोगों को भी बहुत होती है जिनकी फिजिकल एक्टिविटी एकदम कम होती है और वे किसी प्रकार का व्यायाम भी नहीं करते। ऐसे लोगों में मसल्स कमजोर हो जाती हैं और तकलीफ पैदा हो सकती है।
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घुटनों पर न डालें
अतिरिक्त वजन आर्थराइटिस से ग्रसित ऐसे लोग जिनका वजन अधिक है, उनमें व्यायाम से वजन को कम करके जोड़ों पर पड़ने वाले वजन को घटाने में सहायता मिल सकती है। यही नहीं व्यायाम वजन को मेंटेन करने में मददगार होता है, जिससे जोड़ों को क्षति पहुंचने से बचाया जा सकता है।
व्यायाम करने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
रेंज ऑफ मोशन एक्सरसाइज यानी जोड़ों को पूरी क्षमता से विभिन्न् कोणों पर घुमा-फिरा सकने और गतिमान बनाने के लिए की गई एक्सरसाइज, जो जोड़ों की अकड़न मिटाकर उन्हें आसानी से पूरी क्षमता तक हिलने-डुलने लायक बना सकती हैं और दर्द से भी राहत दिलाती हैं। ये पैसिव और एक्टिव दो प्रकार की हो सकती है। इनमें कुछ खास मशीनों का भी प्रयोग हो सकता है।
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स्ट्रेंथ एक्सरसाइज, ये जोड़ों के इर्द-गिर्द मौजूद मांसपेशियों को मजबूत बनाती है। इसके साथ वेट ट्रेनिंग के भी शामिल होने से फायदा बढ़ जाता है। यदि एक्सरसाइज के दौरान सूजन ज्यादा हो तो एक-दो दिन का ब्रेक लें। आराम करने के बाद भी सूजन में आराम नहीं मिल रहा तो डॉक्टर से सलाह लेकर उचित इलाज कराएं।
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एरोबिक एक्सरसाइज भी बहुत लाभकारी हो सकती हैं लेकिन इनके लिए पहले डॉक्टर से मार्गदर्शन ले लें कि यह आपकी शारीरिक स्थिति के हिसाब से सही होगी या नहीं। यह एक्सरसाइज जोड़ों के साथ पूरे शरीर को लाभ पहुंचाती हैं। इनके साथ ही स्वीमिंग, साइकल चलाना (जिम वाली या सड़क पर चलने वाली, दोनों) और सुबह-शाम तेज पैदल चलना भी जोड़ों के लिए फायदेमंद व्यायाम हैं।
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