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15 गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ सर्दियों में रोज खाएं
“गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ” को सर्दियों के मौसम अवश्य खायें, इससे आपका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर नहीं पड़ेगा और शरीर में गर्माहट भी बनी रहेगी। इसलिए ठंडी के मौसम में अपने आहार में गर्म तासीर के फल, सूखे मेवे और सब्जियों को अधिक से अधिक शामिल करें।
आपको पता होना चाहिए, कि हमारे रोजमर्रा के खाये जाने वाले भोजन, फल और सब्जियों की तासीर गर्म या ठंडी दोनों तरह की होती है। बस हमें यह पता होना चाहिए, कि कौन से मौसम में कौन सी तासीर वाले खाद्य पदार्थ को प्रधानता दें।
मौसम के अनुसार खाद्य पदार्थों के तासीर पहचान
गर्मी में ठंडी तासीर और ठंडी में गर्म तासीर वाला खाना फायदेमंद होता है। यदि आप इसके विपरीत करते हैं, मसलन सर्दी में ठंडी तासीर और गर्मी में गर्म तासीर, तो यह आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए सर्दियों मे गर्म और गर्मी में ठंडे खाद्य पदार्थों, फल और सब्जियों की मांग बढ़ जाती है। बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जो अपनी उम्र और सेहत के हिसाब से ठंडी या गर्म तासीर वाली चीजों को चुनते हैं।
लेकिन ऐसे भी बहुत से लोग हैं, जिन्हें इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं होती है, कि यह तासीर नाम की बला आखिर होती क्या है। सर्दियों का मौसम आरंभ हो चुका है, ऐसे में गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ का सेवन आपके लिए एक बेहतर विकल्प होगा। ताकि आपकी प्रतिरक्षा शक्ति मजबूत हो और आप सर्दी या अन्य बीमारियों से बचे रहें।
आज का लेख हम इसी बात को ध्यान में रखकर लाये हैं, ताकि आप भी खाद्य पदार्थों की तासीर के बारे में जान सकें। यहाँ आपको कुछ गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ, फल सब्जियों और मसालों के बारे में बताने जा रहा हूँ, जो आप लोगों लिए काफी फायदेमंद और जरूरी जानकारी साबित होगी।
तासीर किसे कहते हैं?
जिस भोजन, फल, मेवा या सब्ज़ी को खाने से शरीर के अंदर उसका ठंडा या गर्म प्रभाव महसूस हो, उसे उस खाद्य पदार्थ की तासीर (विशिष्टता/खासियत) कहते हैं। जैसे खीरा खाने के बाद शरीर को ठंडक महसूस होती है, तो खीरे की विशिष्टता ठंडी है। जबकि अंडा खाने से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है, इसलिए कि अंडे की तासीर गर्म है।
थर्मोजेनेसिस (Thermogenesis) क्या है?
खाना खाने के बाद, जब शरीर में चयापचय प्रक्रियाएं (Metabolic processes) थर्मोडायनामिक्स अक्षमता के परावर्तन के रूप में गर्मी उत्पन्न करती है। इस प्रक्रिया को थर्मोजेनेसिस (Thermogenesis) के नाम से जानते हैं।
थर्मोजेनेसिस शरीर में गर्मी उत्पादन की प्रक्रिया को संदर्भित करता है, चयापचय के संबंध में और आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन की सीधी प्रतिक्रिया में खर्च की गई गर्मी है। आपके शरीर द्वारा जलाई जाने वाली गर्मी को कैलोरी में मापते हैं। आपके शरीर का थर्मोजेनिक प्रभाव जितना अधिक होगा, आप उतनी ही अधिक कैलोरी खर्च करेंगे।सफ़ेद प्लेट में तिल गुड़ की चिक्की के साथ विभिन्न प्रकार की चिक्की
इस समय पूरे भारत में सर्दी का मौसम पूरे शबाब पर है। गर्म कपड़े भले ही आपको बाहर से गर्म रखते होंगे, लेकिन शरीर को अंदर से भी गर्म रखना बहुत आवश्यक है।
इसलिए इस मौसम में आपके खान-पान का महत्व बहुत बढ़ जाता है। इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी, खांसी और ज़ुकाम जैसी समस्याओं के साथ-साथ अन्य बीमारियां भी परेशानी पैदा करती हैं।
सर्दियों के गर्म तासीर वाले फल, सब्जियां और खाद्य पदार्थ
हम रोज़ाना जो कुछ भी खाते हैं उसका असर हमारे शरीर की कार्य प्रणाली पर अवश्य होता है। खासकर तब जब बात शरीर में गर्माहट बनाये रखने की हो। ऐसे बहुत से खाद्य पदार्थ हैं, जो शरीर में गर्मी पैदा करने की क्षमता रखते हैं।
लेकिन उन्हें पचाने में समय अधिक लगता है, और तब शरीर के पाचनतंत्र को अधिक ऊर्जा की जरुरत होती है, ताकि गर्मी पैदा होती रहे। अधिक वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन पचते समय शरीर को गर्म करते हैं।
गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों की एक विस्तृत श्रंखला है। नीचे दिए गए कुछ गर्म तासीर वाले फल, सब्जियों और खाद्य पदार्थों को इस ठंडी के मौसम में अवश्य खायें और फर्क खुद महसूस करें ।
गुड़ (Jaggery)
गर्म तासीर की गुड़ की भेली
गुड़ एक प्रकार की अपरिष्कृत चीनी है, जो गन्ने से बनाई जाती है। इसमें कैलोरी की मात्रा चीनी के बराबर ही पाई जाती है। चीनी की तुलना में गुड़ अधिक पौष्टिक होता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी विटामिंस और मिनरल्स भी मौजूद होते हैं। गुड़ की विशेषता गरम होती है|
आप गुड़ को सर्दी और गर्मी दोनों मौसम में आराम से खा सकते हैं, लेकिन कैलोरी में उच्च होने से इसका सेवन कम मात्रा में करें। गुड़ खाने से आपके शरीर का तामपान सर्दियों में भी सही बना रहेगा। गुड़ को आप मीठे व्यंजनों जैसे खीर, चिक्की या चाय में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।
यदि आप चीनी की जगह गुड़ खा रहे हैं, तो यह एक स्वस्थ विकल्प है, इससे आपको कुछ अतिरिक्त विटामिन या खनिज और पोषक तत्व मिल सकते हैं।
बाजरा (Bajra)
खेत में बाजरे की फसल लहलहाते हुए
बाजरा गर्म तासीर होता है और यह पोषण का एक प्रमुख स्रोत है, इसीलिए इसको सर्दियों के मौसम में ज्यादा खाते हैं। बाजरे में लोहा, कैल्सियम, जस्ता, मैग्निशियम और पोटाशियम जैसे तत्व अच्छी मात्रा मे होते हैं।
सामान्य तौर पर, बाजरा प्रोटीन और कार्ब्स और फाइबर के साथ यह विटामिन और खनिजों का भी एक अच्छा स्रोत है। नियमित रूप से बाजरा जैसे साबुत अनाज खाने से हृदय रोग, मधुमेह और कुछ कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों को रोकने में मददगार साबित हो सकता है।
बाजरा के नियमित खाने से जुड़े पोषक तत्वों का अधिक सेवन कुछ संभावित स्वास्थ्य लाभ वजन घटाने, बेहतर मधुमेह प्रबंधन और स्वस्थ बाल, नाखून और त्वचा की मदद करते हैं। सर्दी के मौसम में अगर शरीर में गर्मी बनाये रखनी है, तो गर्म तासीर वाले बाजरे की रोटी, खिचड़ी और दलिया बनाकर खायें।
देशी घी (Clarified butter)
चम्मच से कांच के जार में से देशी घी निकालते हुए
सर्दियों में देशी घी जरूर खाना चाहिए। देशी घी आपके शरीर की गर्मी और तापमान को संतुलित करता है, क्योंकि देशी घी विटामिन ए, विटामिन ई, और विटामिन के से भरपूर होता है।
घी में ब्यूटिरिक एसिड होता है, जो एक कैंसर रोधी घटक है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट इसे एंटी-इंफ्लेमेटरी बनाते हैं। घी शरीर में से जहरीले और हानिकारक चीजों को बाहर करने में मदद करता है। यह सबसे सात्विक खाद्य पदार्थों में से एक है, और घी के नियमित सेवन से तनाव और चिंता के स्तर में कमी आती है।
देशी घी में ओमेगा 3 फैटी ऐसिड मौजूद होने के कारण, इसे खाने से कोलेस्टेरॉल बढ़ता नहीं बल्कि कम होता है। सर्दियों में देशी घी का रोजाना इस्तेमाल करने से इम्यूनिटी बढ़ती है, और आपका मेटाबॉल्जिम भी सही तरीके से काम करता है। साथ ही बॉडी को इन्फेक्शन और बीमारियां लगने का खतरा भी कम हो जाता है।
अंडा (Egg)
गर्म तासीर के अंडे ब्राउन में बाउल रखे हुए
अंडे उन कुछ खाद्य पदार्थों में से एक हैं, जिन्हें “सुपरफूड्स” के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। यह कुछ ऐसे पोषक तत्वों से भरे हुए हैं, जिनका आधुनिक आहार में मिलना दुर्लभ हैं। अंडे में प्रोटीन के साथ-साथ कई सारे विटामिंस भी पाये जाते है, जो सर्दियों में इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है।
अंडे सबसे अधिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से एक हैं, जिसमें आपके लिए हर आवश्यक पोषक तत्व का हिस्सा मौजूद होता है। ओमेगा -3 से समृद्ध और/या अधिक फैट वाले अंडे भी स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। अंडे में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, लेकिन अंडे खाने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
सर्दियों में अंडों की खपत बढ़ जाती है, क्योंकि यह गर्म तासीर का होता है। अंडों को एनर्जी का पावरहाउस भी कहा जाता है। इसको खाने से शरीर में गर्मी का एहसास होता है और स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक होता है।
टिप: जो लोग अपने बढ़े वजन को लेकर परेशान हैं, तो ऐसे लोगों को अंडे के पीले भाग को निकालकर खाना चाहिए।
शहद (Honey)
लकड़ी के चम्मच में से गिरता शहद
शहद के बहुत से संभावित स्वास्थ्य लाभ हैं, और यह कई घरेलू उपचारों में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हालंकि, इसमें कुछ पोषक तत्व कम मात्रा में होते हैं, लेकिन विटामिन और खनिजों का एक महत्वपूर्ण आहार स्रोत होने बावजूद अधिकांश लोग आमतौर पर पर्याप्त शहद का सेवन नहीं करते हैं।
शहद मुख्य रूप से चीनी (fructose) से बना है, कई विटामिन और खनिजों की थोड़ी मात्रा होती है, और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद पौधों के यौगिकों से समृद्ध है, और इसकी ख़ासियत गर्म होती है।
शहद में कई एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जिनमें फेनोलिक एसिड और फ्लेवोनोइड्स मुख्य हैं। शहद पोषक तत्वों, खनिजों और विटामिन का खजाना है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, राइबोफ्लेविन, नायसिन, विटामिन बी-6, विटामिन सी और एमिनो एसिड पाया जाता है|
त्वचा में निखार लाने, पाचन को ठीक रखने, इम्युनिटी बढ़ाने, वजन कम करने आदि के लिए शहद का उपयोग करते हैं। शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण भी होते हैं। सर्दियों में रोजाना शहद खाने से शरीर की रोग प्रतिकार क्षमता बढ़ती है, जिससे आप सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में खराश, रूखी त्वचा जैसी बीमारियों से बचाव होता है।
आंवला (Amla)
आंवले पेड़ पर लटकता आंवले का फल
आंवले में संतरे की तुलना में आठ गुना अधिक विटामिन सी होता है, और एंटीऑक्सीडेंट शक्ति अनार की तुलना में लगभग 17 गुना अधिक होती है। इसीलिए आंवले को सुपरफूड भी कहा जाता है, और इसका वैशिष्ट्य गर्म होता है।
आंवला नाम संस्कृत शब्द ‘अमलकी’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है “जीवन का अमृत”, जो हमें सामान्य सर्दी, कैंसर या बांझपन जैसी अनगिनत बीमारियों से बचा सकता है। आयुर्वेद के मतानुसार आंवला शरीर में तीन दोषों (कफ/वात/पित्त) को संतुलित करके कई बीमारियों के अंतर्निहित कारणों को खत्म करने में मदद कर सकता है।
आंवले में विटामिन सी अधिक मात्रा में पाया जाता है। जो हमारे बालों, स्किन और पाचनतंत्र के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और एसिडिटी को भी नियंत्रण में रखता है। सर्दी के मौसम में हमें नियमित रूप से च्यवनप्राश और आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए। इससे हमारे शरीर में गर्मी बनी रहती है और ठंड बेअसर हो जाती है।
दालचीनी (Cinnamon)
दालचीनी के टुकड़े के साथ चक्रफूल मसाला
दालचीनी एक ऐसा मसाला है, जो हजारों वर्षों से अपने बेशकीमती औषधीय गुणों के लिए जाना जाता रहा है। दालचीनी की विशिष्ट गंध और स्वाद इसके तेल में मौजूद सिनामाल्डिहाइड की उच्चता के कारण होती है, जिसे दालचीनी के अधिकांश स्वास्थ्य लाभों और चयापचय के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट में एंटी-इंफ्लामेटरी असर वाला होता है, जो आपके रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। सर्दियों में दालचीनी खाने से शरीर गर्मी पैदा होती है, जिससे आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, और साथ ही वजन भी नियंत्रित रहता है।
स्किन ड्राय हो जाने पर आप दालचीनी पाउडर को गुलाब जल के साथ मिलाकर स्किन पर लगायें स्किन मुलायम हो जाएगी। सर्दियों में दालचीनी के काढ़े का उपयोग करने से मौसमी बीमारियाँ जैसे कि सर्दी-खांसी, गले में खराश आदि फ़ौरन से राहत मिलती है।
तिल (Sesame)
लकड़ी की कटोरी में गर्म तासीर वाले तिल के बीज
तिल के बीज विटामिन और प्राकृतिक तेलों का भंडार होते है| जिसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस इत्यादि खनिज पाए जाते हैं।
सर्दी में काले और सफेद दोनों तिल व उनका तेल भी बहुत लाभदायक होता है। शरीर को गर्म रखने के लिये हमें सर्दियों में तिल के बीजों का सेवन करना चाहिये।
इसके लिए तिल की चिक्की या तिल का लड्डू बना कर खा सकते हैं। तिल का तेल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है| जो बढ़ती उम्र के असर, वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण से हमें बचाता है।
सर्दी-जुकाम होने पर तिल व इसके तेल का प्रयोग ना करें| क्योंकि यह कफ के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बढ़ा देता है।
टिप : हृदय रोगी, ब्लड प्रेशर व अस्थमा के मरीज और मोटापे से परेशान लोगों को तिल का सेवन नहीं करना चाहिए|
खजूर (Dates)
खजूर के पेड़ पर पककर लटकते खजूर
खजूर एक गर्म तासीर वाला फल है, जो अपने मीठे स्वाद के लिए जाना जाता है, और जिसे लोग सर्दियों में बड़े चाव से खाते और खिलाते हैं। खजूर में प्राकृतिक शुगर होती है, जिसके कारण इसे खाने से शरीर में गर्मी पैदा होती है।
खजूर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो कब्ज और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में फायदेमंद हो सकता है। इसमें कई प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो कुछ पुरानी बीमारियों, जैसे हृदय रोग, कैंसर, अल्जाइमर और मधुमेह के विकसित होने से रोकने में मदद कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण पोषक तत्व जैसे विटामिन बी, विटामिन सी, पोटेशियम, मैग्निशियम, कॉपर, सेलेनियम और आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। खजूर में कैलोरी की मात्रा किशमिश और अंजीर जैसे सूखे फलों के समान पायी जाती है। सर्दियों में हमें रोजाना चार से पांच खजूर जरुर खाना चाहिए।
अदरक (Ginger)
ब्राउन टेबल पर अदरक के टुकड़े के साथ कुछ कटे टुकड़े
सर्दी के मौसम में सर्दी-जुकाम या खांसी की समस्या बहुत आम होती है, जो आसानी से आपको अपनी चपेट में ले सकती है। क्योंकि, सर्द मौसम में शरीर की इम्यूनिटी कम हो जाने से बीमारी या वायरस की गिरफ्त में आने की संभावना भी बढ़ जाती है। इन संक्रमणों से बचाने में अदरक आपकी मदद कर सकती है। क्योंकि अदरक की पहचान एक गर्म मसाले के तौर पर होती है।
सर्दी में अदरक शरीर को गर्म रखने के साथ-साथ सर्दी-खांसी, गले की खराश, जुकाम, फ्लू जैसी बीमारियों से बचाती है। अदरक में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेटस जैसे तत्व होते हैं। इसका उपयोग आप विभिन्न तरीकों से कर सकते है। जैसे अदरक की चाय, चटनी या फिर मसाले के रूप में सब्ज़ी में मिलाकर खा सकते हैं।
सर्दी के मौसम में कफ की समस्या होना आम बात है। और इससे निजात पाने के लिए आप अदरक के रस में शहद को मिलाकर खायें।
हल्दी (Turmeric)
टेबल पर हल्दी की गाँठ के साथ बिखरा हल्दी पाउडर
हल्दी का उपयोग भारत में हजारों वर्षों से एक मसाले और औषधीय जड़ी बूटी दोनों के रूप में किया जाता रहा है। हल्दी सबसे अधिक गर्म तासीर वाली होती है, और इसके सारे लाभकारी गुण इसके मुख्य सक्रिय संघटक करक्यूमिन (Curcumin) से आते हैं।
हल्दी एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल जैसे गुणों से समृद्ध होती है। इसलिए हल्दी को सुपरफूड भी कहा जाता है। हल्दी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे खनिज और विटामिन पाये जाते हैं।
हल्दी कैंसर, अल्जाइमर और हृदय रोग के खतरे को कम करने में लाभकारी है। रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर हल्दी वाला दूध बनाकर पियें। इससे शरीर गर्म रहता है और अच्छी नींद भी आती है।
केसर (Saffron)
केसर फूलों के ऊपर रखी सफ़ेद प्लेट में केसर के धागे
आज हम केसर की बात करेंगे, कि सर्दी में केसर का उपयोग किस प्रकार से करें, ताकि आप इसके गुणों का पूरा फायदा उठा सकें। जैसे कमजोरी, सर्दी-जुकाम आदि होने पर, केसर का सेवन करने की सलाह दी जाती है। केसर की खुशबू और स्वाद एक स्ट्रेसबस्टर (Stressbuster) की तरह काम करता है।
सर्दियों में हमारा इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाने से सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार जैसी बीमारियां हमें आसानी से अपनी गिरफ़्त में ले लेती हैं।
इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए लोग घरेलू उपचार का काफी सहारा लेते हैं। जैसे ठंड में लोग अदरक वाली चाय पीते हैं, खजूर खाते हैं, और भी कई तरह के उपाए हैं जो सर्दी में फायदा पहुंचाते हैं।
केसर को चाय या दूध में मिलाकर पीने से ठंड और खांसी से बचने का एक रामबाण उपाय है। केसर का गर्म गुण-धर्म शरीर को गर्म रखने और खांसी को रोकने में उपयोगी होता है। एक कप दूध में 4-5 केसर के धागे उबालकर पीने से सर्दी में बहुत आराम मिलता है।
बादाम (Almond)
सफ़ेद प्लेट में और कुछ टेबल पर बिखरे बादाम
बादाम गर्म तासीर वाला एक सूखा मेवा है, जो प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर है। बादाम में विटामिन ई, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं।
ठंड के मौसम में बादाम बहुत असरकारी होता है, क्योंकि गर्म तासीर होने की वजह से इसको खाने से शरीर में गर्माहट आती है।
सर्दियों में सुबह खाली पेट चार से पांच बादाम खायें, आप बादाम शेक या बादाम का हलवा बनाकर खा सकते हैं। इससे आपके शरीर की इम्यूनिटी पावर बढ़ेगी और बीमारियां आपसे कोसों दूर रहेंगी।
सरसों का तेल (Mustard Oil)
कांच की शीशी में सरसों का तेल फूल के गुच्छे के साथ टेबल पर
सर्दियों में सरसों का तेल आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। यह न केवल आपके शरीर में गर्माहट पैदा करता है, बल्कि अपने गुणकारी फायदों के कारण इसे खाने में और औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
सरसों के तेल की खासियत गर्म होती है, इसलिए सर्दियों में इसका प्रयोग बहुत लाभकारी माना जाता है। यह तेल बंद नाक को खोलने का काम करता है, बस नाक में एक-दो बूंद तेल की डाल दें। सरसों का तेल MUFA, PUFA और विटामिन ई से समृद्ध होता है, जो सर्दियों में त्वचा की अच्छी देखभाल करता है।
सर्दी और खांसी के घरेलू इलाज के रूप में सरसों के तेल में लहसुन की दो-तीन कलियां डालकर गर्म करके छाती और पीठ पर मालिश करें। इससे शरीर की मांसपेशियां को मजबूती मिलती है, और रक्त परिसंचरण भी बेहतर होता है।
सरसों का तेल भूख को बढ़ाने में सहायता करता है, जिनको भूख कम लगती है वो इस तेल में बनाया भोजन खाना शुरू कर दें। क्योंकि सरसों का तेल पाचन, और चयापचय की प्रक्रिया को भी बढ़ावा देता है, जो रक़्तवाही (Circulatory) संबंधी समस्याओं के लिए एक शक्तिशाली उत्तेजक के रूप में कार्य करता है।
लहसुन (Garlic)
प्लेट में छीलकर रखी हुई गर्म तासीर के लहसुन की कलियां
लहसुन की भी तासीर बहुत गर्म होती है। सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसा दिल को ऑक्सीजन कम या रुकरुक कर मिलने के कारण होता है।
इसलिए, कि सर्दियों में धमनियों के कठोर हो जाने से ठीक से सिकुड़ नहीं पाती हैं, और खून का प्रवाह धीमा हो जाता है। ऐसे में लहसुन खाना हृदय रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
लहसुन की गर्म तासीर न सिर्फ ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है, बल्कि रक्त के प्रवाह को भी बेहतर बनाती है।
जैसा कि मैंने ऊपर बताया है कि गर्म तासीर वाले फल, सब्जी, भोजन और व्यंजनों की बहुत लंबी सूची है। गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ सर्दियों में आपके शरीर को अंदर से गर्म रखने का काम करते हैं, जिससे आप ठंडी से बचे रहते हैं। तो इसका अर्थ यह कदापि नहीं है, कि आप उन्हें अधिक मात्रा में खाना शुरू कर दें।
ऐसा करना आपकी सेहत के लिए सही नहीं होगा, क्योंकि इससे आपके पेट या पाचन तंत्र में समस्या हो सकती है। स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए खाने पर नियंत्रण रखना अति आवश्यक है।
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