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Health Tips: लिवर खराब होने पर आजमाएं आयुर्वेदिक डॉक्टर के आसान तरीके, बच जाएगा अस्पताल का लाखों का खर्चा

फैटी लिवर की समस्या युवाओं में काफी ज्यादा देखने को मिल रही है। आयु्र्वेदिक डॉक्टर ने इस बीमारी के खतरे को कम करने के आसान तरीके बताए हैं।

मौजूदा दौर में तमाम लोग फैटी लिवर के शिकार हैं। बहुत से लोग समझते हैं कि फैटी लिवर सिर्फ शराब पीने वालों को होता है लेकिन आपको बता दें कि इसके एक नहीं बल्कि कारण हो सकते हैं। हालांकि, हम अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव कर फैटी लिवर के जोखिम से बच सकते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार (dixa bhavsar) ने हाल ही में एक नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिज़ीज (NAFLD) (non-alcoholic fatty liver) को लेकर पोस्ट में कई अहम जानकारी दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में इस बीमारी से छुकरारा पाने के आसान तरीक बताए हैं जिन्हें फॉलो कर आप अपने मेडिसिन और अस्पतालों में खर्च होने वाला हजारों या कहें लाखों का बिल बचा सकते हैं।

​बिना दवाओं के पाएं फैटी लिवर से राहत
अपने इंस्टााग्राम पोस्ट में डॉक्टर भावसार बताती हैं कि 'पिछले कुछ दशकों में विशेष रूप से युवा वयस्कों में खराब जीवनशैली के कारण NAFLD के मामले काफी बढ़े हैं। मैं हर महीने लिवर की समस्या वाले लगभग 30 मरीजों से कंसल्ट करती हूं। उनमें से ज्यादातर को हम दवाओं पर एक पैसा खर्च किए बिना जीवनशैली में सुधार करके इससे छुटकारा दिलाते हैं।' ऐसे में अगर आप भी इस समस्या को लेकर अस्पातलों और मेडिकल के चक्कर काट रहे हैं तो आयुर्वेदिक डॉक्टर की ये सलाह मान लीजिए जिनका हम आगे जिक्र कर रहे हैं।

​हाइड्रेट रहें

पानी आपके मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्याप्त पानी के बिना अपने भोजन के अणुओं (food molecules) को उनमें से इष्टतम पोषण (optimum nutrition) को अवशोषित (absorb) करने के लिए ब्रेक करना मुश्किल है। इसलिए खुद को हमेशा हाइड्रेट रखें।
​निश्चित समय पर भोजन करें

समय पर भोजन करना भी युवाओं में फैटी लिवर के एक प्रमुख कारणों में से एक है। कभी भी खाना, भूख लगने पर भोजन न करना और लंबे समय तक खाली पेट रहना, हर 2 घंटे में खाने जैसे डेली रूटीन से बचना चाहिए। आपके द्वारा खाए जाने वाले हेल्दी फूड से अगर आप अच्छा पोषण लेना चाहते हैं तो दिन में एक बैलेंस डाइट सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच लें।
​नॉन-वेज, ग्लूटेन और डेयरी पर लगाएं पाबंदी
नॉनवेज और डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइजेस्ट करना आसान नहीं होता है, क्योंकि ये खाद्य पदार्थ पचाने में काफी जोर लगाना पड़ता है। यहां तक कि जब आपका लिवर खराब हो तो कच्चे भोजन के सेवन से भी बचना चाहिए। सभी डीप फ्राई, फर्मेंटेड फूड जिसमें मुख्य रूप से उड़द की दाल और काले चने होते हैं उनके सेवन से भी बचना चाहिए। इसके अलावा रिफाइंड, मैदा, पैकेज्ड और चीनी युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से भी दूरियां बनानी चाहिए। आपको इस समस्या को कम करने के लिए आसानी से पचने योग्य खाद्य पदार्थ जैसे बाजरा, पकी हुई सब्जी, चावल और चावल-बाजरा बेस्ड फूड की डायट का सेवन करना चाहिए।
​बंद करें शराब और कैफीन का सेवन

शराब और कैफीन (चाय और कॉफी) का सेवन करने से आपकी आंत में अधिक सूजन हो सकती है। इसलिए हर्बल टी जैसे लेमनग्रास, सीसीएफ (धनिया, जीरा, सौंफ), हिबिस्कस, सिंहपर्णी, धनिया, पुदीना, अदरक आदि का सेवन करें।
​देर रात के खाने से भी बचें

यदि संभव हो तो सूर्यास्त से पहले रात का भोजन करने का प्रयास करें। अगर संभव न हो तो रात 8 बजे से पहले खा लें। रात के वक्त हमेशा लाइट डिनर का चुनाव करें। इनमें वेजिटेबल सूप, चावल, खिचड़ी, पैनकेक (अलग-अलग चीले जैसे बेसन, रागी, ज्वार, आदि), बाजरा और सब्जी रात के खाने के स्वस्थ विकल्प हैं।
​पर्याप्त नींद लें

नींद फैटी लिवर के जोखिम को कम करने में गेम चेंजर है। यदि आप रोजाना एक ही समय पर सोते हैं (रात 10 बजे तक सोने का सही समय है), तो यह आपके मेटाबॉलिज्म में सुधार करेगी। आपके हार्मोनल बैलेंस, वजन कम करने, वजन बढ़ाने में भी नींद मददगार है। आपके तनाव को कम करती है जो, बैलेंस घ्रेलिन-लेप्टिन स्राव (भूख-तृप्ति हार्मोन) जो लिवर की सेहत लिए महत्वपूर्ण है।

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