healthplanet.net

Posted on

क्रोध आने का प्रमुख कारण व्यक्तिगत या सामाजिक अवमानना है। उपेक्षित तिरस्कृत और हेय समझे जाने वाले लोग अधिक क्रोध करते है। क्योंकि वे क्रोध जैसी नकारात्मक गतिविधी के द्वारा भी समाज को दिखाना चाहते है कि उनका भी अस्तित्व है। क्रोध का ध्येय किसी व्यक्ति विशेष या समाज से प्रेम की अपेक्षा करना भी होता है।

जब मनुष्य की कामना पूर्ण नहीं होती है, तब क्रोध उत्पन्न होता है और क्रोध बुद्धि को दिग्भ्रमित कर देता है। बुद्धि के भ्रमित होने से विवेक नष्ट हो जाता है और अंत में इस प्रकार मनुष्य का पतन होकर वह विनाश को प्राप्त होता है। इस प्रकार सिद्ध होता है कि मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु क्रोध ही है, जो काम से पैदा होता है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info