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केले पचने में आसान होते हैं, इसलिए यह बच्चे के लिए सबसे पहले भोजन के रूप में दिया जाने वाला सबसे अच्छा फल है। इस फल में फाइबर की मात्रा अधिक होती है इसलिए ये शिशुओं और बच्चों के पाचन में सुधार करने में मददगार है।

नाश्ते में दूध और केला खाने के फायदे -

1. पचाने में आसान

केले पचने में आसान होते हैं, इसलिए यह बच्चे के लिए सबसे पहले भोजन के रूप में दिया जाने वाला सबसे अच्छा फल है। इस फल में फाइबर की मात्रा अधिक होती है इसलिए ये शिशुओं और बच्चों के पाचन में सुधार करने में मददगार है। केले को स्पोर्ट्स फूड माना जाता है। पके केले में मौजूद कार्बोहाइड्रेट तुरंत एनर्जी देता है। बच्चे पूरे दिन शारीरिक रूप से काफी सक्रिय रहते हैं। वे बहुत तेजी से थक भी जाते हैं और कई गतिविधियों को करने के लिए उन्हें बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसे में अपने बच्चे के ऊर्जा स्तर को बढ़ाने के लिए उन्हें नियमित रूप से केला और दूध दे सकते हैं। पके केले एनर्जी बूस्टर होते हैं। आप उन्हें ये स्कूल से वापिस आने के बाद या शाम को एनर्जी ड्रिंक के रूप में दे सकते हैं।

2. बच्चों के विकास में

केले और दूध में बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं। ये कैल्शियम, आयरन, फोलेट, मैंगनीज, पोटेशियम आदि का एक समृद्ध स्रोत हैं। अपने बच्चों के आहार में केले को शामिल करने से उन्हें बढ़ती उम्र के लिए कई आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। इससे उनके मस्तिष्क का विकास होता है, हाईट बढ़ती है और वे फिजकली फिट रहते हैं।

3. आयरन की कमी दूर हो जाती है

केले में आयरन की भरपूर मात्रा होती है। ये शिशुओं और बच्चों में एनीमिया को रोकने में मदद करता है। इसके सेवन से शरीर में खून की कमी नहीं होती और शरीर पूरी तरह से हेल्दी रहता है। साथ ही केले में विटामिन ए भी होता है और रोजाना एक केला खाने से बच्चों की आंखों की रोशनी में सुधार होता है।

4. शिशुओं और बच्चों में कब्ज को रोकता है

केले में उच्च मात्रा में फाइबर होता है और शिशुओं और बच्चों में पाचन में सहायता करता है। अगर आपके बच्चे में कब्ज की समस्या सहती है, तो उसे हर दिन मैश किया हुआ केला शिशु आहार देना शुरू करें। यह शिशुओं और बच्चों में कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है।

5. बच्चों का वजन बढ़ाता है

अगर आप अपने बच्चे के कम वजन से परेशान हैं तो उन्हें रोज नाश्ते में केला और दूध देना शुरू करें। दरअसल, बच्चों में वजन बढ़ाने के लिए केले को एक सुपरफूड के रूप में जाना जाता है। आप केले और दूध को अलग-अलग करके दे सकते हैं या फिर आप केले और दूध को एक साथ पीस कर स्मूदी के रूप में बच्चे को दे सकते हैं।

6. हड्डियां मजबूत बनाता है

केला और दूध दोनों ही कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत है। नियमित रूप से केले और दूध को बच्चे के आहार में शामिल करने से उसकी हड्डियों को मजबूत बनाने और इनके विकास में मदद मिलती है। केला और दूध दोनों ही प्रोटीन, पोटेशियम, बी विटामिन और फास्फोरस का एक बड़ा स्रोत हैं। ये खनिज हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ मांसपेशियों के संकुचन और हेल्दी काम काज में मदद करता है।

7. इम्यूनिटी बूस्टर है

केला और दूध दोनों ही इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है। केले फाइबर, मैंगनीज, पोटेशियम और विटामिन बी 6 से भरपूर होते हैं और दूध में कुछ जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। अन्य फलों की तरह, केला विटामिन सी से भरपूर होता है, एक पानी में घुलनशील विटामिन जो कोशिका क्षति से बचाने के लिए एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में काम करता है । ये एंटीऑक्सीडेंट आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और शरीर को विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।

8. मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाता है

केला और दूध आपके बच्चे के दिमाग के लिए एक बेहतरीन ब्रेन बूस्टर फूड की तरह काम करता है। केले में मौजूद पोटैशियम ब्लड सर्कुलेशन में मदद करता है और इस तरह दिमाग को बूस्ट करता है। केला आपके बच्चे की एकाग्रता शक्ति को भी बढ़ा सकता है। आप उन्हें स्कूल में या पढ़ाई के बीच में नाश्ते के रूप में भी दे सकते हैं।

केला और दूध दोनों ही शरीर को ठंडक देने वाले तत्व होते हैं। लेकिन इन दोनों खाद्य पदार्थों का प्रभाव आपके पाचन तंत्र के साथ शरीर के बाकी अंगों पर भी होता है। ये पेट को ठंडा कर एसिडिटी से बचाता है और पेट के काम काज को बेहतर बनाता है।

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