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हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए ये प्राणायाम है बेस्ट, मार्निंग रूटीन में करें शामिल
Pranayama for High BP: प्राणायाम को आप अपने डेली रूटीन में शामिल करते हैं तो इसका परिणाम कुछ ही दिनों में नजर आने लगेगा.
Pranayama for High BP: आजकल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हर आयु वर्ग के लोगों में देखने को मिल रही है. इसे हाइपर टेंशन और साइलेंट किलर भी कहते हैं. हाई बीपी वाले लोगों को हार्ट प्राॅब्लम और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है. इसे कंट्रोल में रखने के लिए आप दवाइयों के साथ रेगुलर प्राणायाम कर सकते हैं.
आयुर्वेद में योग का सबसे अहम स्थान है. इसे नियमित रूप से करने से प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है. योग व्यक्ति को निरोगी बनाने के साथ ही उसकी आयु को भी बढ़ाता है. इसलिए हाई बीपी में भी योग या प्राणायाम फायदेमंद है.
शीतली प्राणायाम
इस प्राणायाम से एसिडिटी और पेट के अल्सर में फायदा मिलता है. इसे करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है. जाहिर है इसका फायदा आपको बीपी को कंट्रोल करने में भी मिलेगा.
इसे करने का तरीका
साफ जगह पर वज्रासन अवस्था में बैठे. अपनी जीभ बाहर निकाले और पाइप की तरह आकार दें. इसके बाद जीभ के सहारे सांस लें और पेट में भरकर मुंह बंद करें. जबड़े के अगले हिस्से को छाती से लगाए. इसके बाद सांस कुछ सेकेंड के लिए रोके और गर्दन को सीधा करके नाक से सासं बाहर निकाल दें. यानि आपको जीभ के सहारे सांस को धीरे धीरे अंदर लेना है और छोड़ना है.
अनुलोम विलोम
इस प्राणायाम को रोज खाली पेट करने से फायदा मिलता है. यह फेफड़े को ताकतवर बनाता है. इतना ही नहीं यह ऑक्सीजन के प्रवाह को भी बेहतर बनाता है. ये आपके मेंटल स्ट्रेस को भी कम करता है. अगर आप इसे रोज करते हैं तो यह आपके बीपी को भी कंट्रोल में रखेगा.
कैसे करें
अनुलोम विलोम को करने के लिए किसी शांत वातावरण में बैठे. आप पद्मासन या सुखासन अवस्था में बैठ सकते हैं. अब अपने दाएं हाथ के अगुंठे से दाईं नासिक को बंद करें, बाईं नासिका से सांस लें. इसके बाद बाईं नासिका को बंद करें और दाईं नासिका से सांस छोड़ दें. आप इस प्रक्रिया को दोनों नासिका से लगातार कुछ मिनटों तक करें.
सुखासन, बालासान, भ्रामरी, शवासन और भुजंगासन भी हाई बीपी के रोगियों के लिए फायदेमंद है. आप इन प्राणायामों को रेगुलर कर हाई बीपी को कंट्रोल कर सकते हैं.
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