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ठंडे दूध के साथ केले का सेवन करें। पपीता गैस्ट्रिक एसिड स्राव को कम करता है और एसिडिटी से राहत दिलाने में असरदार होता है। पपीते में एंजाइम पपैन होता है, जो लंबे समय से एसिडिटी की परेशानी को कम कर सकता है। अजवाइन का सेवन करने से एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या दूर होती है।

टमाटर भले ही खट्टा होता है लेकिन इससे शरीर में क्षार की मात्रा बढ़ती है और इसके नियमित सेवन से एसिडिटी की शिकायत नहीं होती।
खाने के बाद नियमित रूप से एक कप अनानास के रस का सेवन करें।
तैलीय एवं मिर्च-मसालेदार भोजन से दूर रहें, जितना हो सके सादा एवं कम मसाले वाला भोजन करें।
पेट भर भोजन के बाद तुरन्त न सोए। सोने से लगभग दो घंटे पहले ही भोजन कर लें।
भोजन करने के बाद टहलने की आदत डालें।
सुबह उठकर नियमित रूप से 2–3 गिलास ठंडा पानी पिए तथा उसके लगभग एक घंटे तक कुछ न खाए।
जंकफूड, प्रिजरवेटिव युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन बिल्कुल न करें।
चाय और कॉफी का सेवन कम से कम करें।
एक ही बार में बहुत सारा खाना खाने की बजाय कम मात्रा में 2–3 बार खाए।
अनार और आँवला को छोड़कर अन्य खट्टे फलों से परहेज करना चाहिए।
नाश्ते में पपीते के फल का सेवन करें।
योग एवं प्राणायाम करें।

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