healthplanet.net

Posted on

किसी भी उम्र में हो सकता है अस्थमा,

अगर बार-बार सर्दी, खांसी या बुखार हो और भीड़-भाड़ इलाके में सांस फूले या घबराहट हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। क्योंकि ये अस्थमा के शुरुआती लक्षण हैं। सबसे ज्यादा मरीज सांस संबंधी बीमारी के हाेते हैं। डाॅक्टर प्रशांत बागरेचा का कहना है कि जिला अस्पताल में अस्थमा पीड़ित मरीज मौसम बदलने के साथ ज्यादा हो जाते हैं। अस्पताल में रोजाना 700 मरीज आते हैं। इनमें से 5 फीसदी अस्थमा पीड़ित होते हैं।

अस्थमा में जरूरी है डॉक्टर की सलाह और योग

लगातार सावधानियां रखने से अस्थमा को कभी भी हावी नहीं होने दिया। पिछले पांच साल पहले कुछ ज्यादा तकलीफ हुई थी। तब से ही ठान लिया कि डाक्टरों के बताए पूरे कायदों का पालन करेंगे। भोजन में नियम का पालन किया। रोजाना योग करना शुरू कर दिया। योग- व्यायाम से बहुत राहत मिलती है।

सांस लेने में होती है परेशानी
अस्थमा के मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है। दम फूल जाता है, खांसी आती है, वह भी बलगम वाली। यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। दमे के मरीज को रात में ज्यादा परेशानी होती है। अस्थमा के मरीज को खांसी का दौरा भी पड़ सकता है। जो कुछ घंटों तक भी जारी रह सकता है। यहां तक कि दौरे के दौरान मरीज की मौत भी हो सकती है। यह रोग किसी भी उम्र में हो सकता है, पुरुषों में इसके होने की संभावना ज्यादा रहती है, बच्चों को यह अपनी गिरफ्त में जल्दी ले लेता है।

अस्थमा नहीं होता ठीक
इस रोग को खत्म करना संभव नहीं है, हां रोग की तीव्रता कम की जा सकती है, रोगी को उपचार द्वारा सांस लेना आसान बनाया जा सकता है। दमा रोग को काबू में करने के लिए दमा के कारणों के विपरीत आचरण करें यानी धूम्रपान न करें, कोई कर रहा हो तो उससे दूर रहें, ठंड से तथा ठंडे पेय लेने से बचें, थकान का काम न करें, सांस फूलने लगे ऐसा श्रम न करें। दमा रोगी को यह समझ लेना चाहिए कि दवा के दम पर अस्थमा को नहीं हराया जा सकता, इसलिए नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार, खुली हवा में लंबी-लंबी सांस लेना लाभदायक रहता है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info