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जुड़वां गर्भावस्था के 20वें सप्ताह में बच्चों का विकास
आपके बच्चों के विकास के लिए गर्भावस्था का 20वां सप्ताह बहुत ज्यादा जरूरी है और इसके साथ ही डॉक्टर आपके बच्चों के बारे में कुछ आवश्यक जानकारी दे सकते हैं जो आपको आगे संबंधित निर्णय लेने में अधिक मदद कर सकता है।
इस दौरान आपके बच्चों में जो सबसे बड़ा आंतरिक बदलाव आता है वह यह है कि गर्भ में पल रहे बच्चे स्वाद के अंतर को महसूस कर सकते हैं। वे भले ही अभी इसे पहचानने में सक्षम न हुए हों या किसी एक स्वाद को भले ही न समझ पाते हों किंतु इस समय वे भिन्न स्वाद का अनुभव ले सकते हैं। इस हफ्ते तक बच्चे एमनियोटिक द्रव का सेवन करने लगते हैं जिसके द्वारा उन्हें न्यूट्रिशन प्राप्त होता है। इस द्रव का स्वाद आपके द्वारा खाए हुए भोजन के अनुसार होता है। ज्यादातर इसका स्वाद मीठा और माँ के दूध के समान होता है। इस दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे अंगूठा चूसते हैं जिसके साथ एमनियोटिक द्रव भी पीते हैं और इस प्रकार से बच्चे गर्भ में ही स्तनपान की मूल प्रक्रिया को सीख जाते हैं।
20वें सप्ताह के दौरान आपके गर्भ में पल रहे बच्चों के जननांगों (जेनिटल्स) का निर्माण होना शुरू हो जाता है। गर्भ में बालक शिशु होने पर इस दौरान उनका लिंग बनना शुरू हो जाता है और टेस्टिकल (अंडकोष) का निर्माण करने के लिए स्क्रोटल सैक (अंडकोष की थैली) नीचे की ओर आता है। यह प्रक्रिया बहुत धीमी होती है ताकि स्क्रोटम पूरी तरह से विकसित हो सके और टेस्टिस (मेल रिप्रोडक्टिव सेल) उसके अंदर जा सके। इसी प्रकार से बालिका शिशुओं के शरीर में भी पहले से ही मौजूद लगभग 5 मिलियन डिंब के साथ ओवरी बनना शुरू हो जाती है, यह डिंब बच्ची के जन्म लेने तक कम होने लगते हैं। इसी तरह से गर्भाशय का विकास होता है और साथ ही इस हफ्ते में बच्चियों की योनि नलिका (वजाइनल कैनाल) बनना शुरू हो जाती है।
बच्चों का आकार क्या होता है
पिछले सप्ताह से इस सप्ताह में ज्यादातर बच्चे लगभग 1 सेंटीमीटर तक बढ़ते हैं और यदि सिर से लेकर कूल्हों तक उनकी कुल लंबाई मापी जाए तो लगभग 15 से 16 सेंटीमीटर तक हो जाती है। इस दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे का वजन लगभग 40 से 60 ग्राम तक बढ़ता है और यदि एकाधिक गर्भस्थ बच्चों की बात की जाए तो कम भी हो सकता है। किसी भी स्थिति में 20वें सप्ताह के दौरान आपके गर्भ में पल रहे बच्चों का आकार 1 केले के समान होता है।
आम शारीरिक परिवर्तन
गर्भावस्था की लगभग आधी यात्रा पूरी होने पर शरीर शांत और स्थिर होने लगता है। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि कुछ लक्षण शरीर को बाहरी रूप के बजाय उसके आंतरिक कार्य को ज्यादा प्रभावित कर सकते हैं।
आप चाहे अपनी फिटनेस का पूरा ध्यान रखती हों या आप ऐसी महिला हों जिसका शरीर ज्यादातर फिट रहता है, गर्भावस्था के दौरान आपका बढ़ता पेट आपको अजीब लग सकता है। सामान्यतः पेट में मौजूद मांसपेशियां या एब्ज एक क्रम में रहती हैं, चाहे यह फैट बढ़ने के कारण दिखे या न दिखे। गर्भावस्था के दौरान जब गर्भाशय की वृद्धि होती है और आपका पेट आगे की ओर बढ़ने लगता है तो गर्भाशय में जगह बनाने के लिए मांसपेशियां भी आकार के अनुसार ही सिकुड़ जाती हैं। वे महिलाएं जिन्हें अपने एब्ज देखने की आदत होती है, लेटते समय या पेट को देखने पर उनके लिए यह स्थिति बहुत अजीब होती है। अपनी पहले की स्थिति को वापस पाना बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं होता, फिर भी कुछ महिलाएं इसके परिणामस्वरूप अक्सर पीठ के निचले हिस्से में दर्द की (लोअर बैक पेन) शिकायत करती हैं।
गर्भाशय के बढ़ने से सिर्फ पेट के आंतरिक अंगों की जगह ही नहीं बदलती है बल्कि यह आपके पेट के ऊपरी हिस्से को प्रभावित भी करना शुरू कर देता है। यह बदलाव आपके डायफ्राम और फेफड़ों पर असर डालता है जो साधारण रूप से आपके शरीर पर नहीं दिखेगा पर यदि आप कोई कठिन कार्य करती हैं तो आपको इसके प्रभाव दिख सकते हैं या आपके द्वारा कोई गतिविधि करने पर इसके परिणामस्वरूप आपका हार्ट रेट बढ़ सकता है। कई महिलाओं का कहना है कि कभी-कभी वे अधिक हांफने लगती हैं या वे पहले की तरह अधिक लंबी सांसें नहीं ले पाती हैं। शुक्र है इससे गर्भवती महिला को अन्य कोई गंभीर समस्या नहीं होती है परंतु देखभाल जरूरी है इसलिए आप कोई कठिन या मेहनत वाला कार्य न करें।
यद्यपि गर्भावस्था के 20वें सप्ताह में ज्यादातर बदलाव होने से आपको ऐसा लग सकता है कि यह पूरी अवधि सिर्फ असुविधाजनक बदलावों में ही बीती जा रही है किंतु इस दौरान आपके शरीर में कुछ अच्छे प्रभाव भी होते हैं, जैसे आपके अंदर अधिक एनर्जी होना जो आपको सशक्त बनाए रखता है। इस सप्ताह में मतली कम होने और गर्भ में पल रहे बच्चों के विकास से आपकी गर्भावस्था की यह अवधि अमूल्य होती है।
जुड़वां गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के लक्षण
एकाधिक गर्भावस्था के दौरान 20वें सप्ताह के लक्षण पिछले सप्ताह के लक्षणों में से कुछ अलग नहीं हैं। इनमें से ज्यादातर लक्षण बार-बार चिड़चिड़ापन या पहले से हो रही समस्याएं हैं।
वॉटर रिटेंशन, सर्कुलेशन में वृद्धि, ब्लड पूलिंग (जब पैरों की नसों के द्वारा ठीक से काम न करने पर शरीर का खून दिल तक नहीं पहुँच पाता है) और बढ़ते हुए गर्भाशय के परिणामस्वरूप शरीर के विभिन्न हिस्सों पर सूजन और ऐंठन होती है। मुख्य रूप से यह आपके पैरों और चेहरे के कुछ हिस्सों पर होती है। यह सूजन जब तक सामान्य रूप से हो रही है तब तक सुरक्षित है। इसी प्रकार से कोई भी तनाव या खिंचाव पेट या पीठ दर्द का कारण बन सकता है जो उचित प्रकार से मालिश करने पर ठीक भी हो जाता है।
भोजन को ठीक से पचाने के लिए पेट और आंतें इसके पोषण को संश्लेषित करते हैं। इनका कार्य शरीर में इनके उचित स्थान और हॉर्मोन के विभिन्न स्तर पर निर्भर करता है जो इनके कार्यों को नियंत्रित करता है। गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोन अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं इसलिए इस दौरान अपच, गैस व कब्ज जैसी समस्याएं काफी समय तक रह सकती हैं।
गर्भवती महिलाओं में चिंता का एक कारण योनि से होने वाला स्राव हो सकता है। हालांकि यह अजीब जरूर है किंतु इस अवधि में यह एक आम बात है। योनि स्राव होना एक संकेत है कि आपका शरीर उचित रूप से कार्य कर रहा है। स्राव से किसी भी तरह की दुर्गंध या इसका अजीब रंग इन्फेक्शन का लक्षण हो सकता है।
जुड़वां गर्भावस्था के 20वें सप्ताह में पेट
एक बार जब आप अपनी गर्भावस्था के 20वें सप्ताह में पहुँच जाती हैं, तो अधिकांश डॉक्टर आपका पेट मापना शुरू कर देते हैं और फिर यह गर्भावस्था के अंत तक जारी रहता है। यह आपकी गर्भावस्था में होने वाले विकास की जांच करने का एक और तरीका है। डॉक्टर आपका माप आमतौर पर पेट के सामने से विशेषकर नाभि से लेकर प्यूबिक बोन तक करते हैं।
गर्भाशय पेट से नीचे की ओर बढ़ता है और इसके साथ-साथ पेट का आकार अंत तक बढ़ता रहता है। दो या इससे अधिक बच्चों के साथ गर्भावस्था में, दबाव आपके लिए बहुत अधिक कठिन हो सकता है जिसे मैटरनिटी बेल्ट का उपयोग करके कम किया जा सकता है।
जुड़वां गर्भावस्था के 20वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड
गर्भावस्था के 20वें सप्ताह का अल्ट्रासाउंड अन्य से अधिक महत्वपूर्ण होता है।
गर्भावस्था के दौरान यदि आप नियमित रूप से जांच करवाती हैं तो आपको जल्द ही पता चलेगा कि इस अल्ट्रासाउंड में ज्यादा समय लगता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि डॉक्टर आपके बच्चों में किसी भी प्रकार के विकारों का पता लगाने के लिए गहराई से जांच करते हैं।
इसी प्रकार से स्कैन के दौरान आप अपने बच्चों को और अच्छी तरह से देखने के साथ-साथ उनके दिल की धड़कन भी सुन सकती हैं।
आहार
इस सप्ताह में भी न्यूट्रिशन की संतुलित मात्रा बनाए रखने की आवश्यकता है। एक बार में भोजन करने के बजाय दिनभर में थोड़ा-थोड़ा भोजन करके अपने नियमित आहार में बदलाव करें। अपने डाइट चार्ट की भोजन सामग्रियों की लिस्ट में उबले हुए और स्टीम किए हुए भोजन के साथ-साथ न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट भी शामिल करें। सुनिश्चित करें कि आपकी क्रेविंग यानी खाने की तीव्र इच्छा आपको स्वस्थ आहार खाने से न रोके।
देखभाल संबंधी टिप्स
हालांकि चीजें अब बदल रही हैं और इस दौरान आपको अपनी प्रेगनेंसी की देखभाल के लिए प्रभावी टिप्स की आवश्यकता हो सकती है, आइए जानते हैं कुछ जरूरी बातें;
क्या करें
चाइल्ड बर्थ क्लास में एडमिशन लें और बच्चे के जन्म से संबंधित बातों के बारे में चर्चा करें।
नियमित न्यूट्रिशन में आयरन की मात्रा हमेशा ज्यादा रखें।
क्या न करें
अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अधिक चिंतित न हों।
सही समय पर अच्छा भोजन और एक्सरसाइज का नियम बनाना न भूलें।
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