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अब छह महीने तक करा सकेंगे गर्भपात, ये शर्त जरूरी जो महिलाएं अनचाहा गर्भ नहीं चाहती हैं उनके लिए ये खबर काम की है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 में बदलाव के बाद अब महिलाएं 20 सप्ताह (5 महीने) की बजाए 24 सप्ताह (6 महीने) तक गर्भपात करा सकती हैं। 67 अब छह महीने तक करा सकेंगे गर्भपात, ये शर्त जरूरी लखनऊ। महिलाओं के अधिकार, उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गर्भपात कराने की अधिकतम सीमा 24 सप्ताह (छह महीने) कर दी है। 24 सप्ताह के गर्भपात में एक बात महत्वपूर्ण यह है कि दो रजिस्टर्ड डॉक्टर्स की अनुमति होना चाहिए, जिसमें एक डॉक्टर का सरकारी होना जरूरी है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 में बदलाव करते हुए 29 जनवरी 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गर्भपात कराने के लिए अधिकतम सीमा 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने की अनुमति दे दी है। मोदी कैबिनेट में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (संशोधन) बिल 2020 को मंजूरी मिल गयी है। "यह फैसला महिलाओं की मांग थी, डॉक्टर्स की सिफारिश थी, कोर्ट का आग्रह था। आज कैबिनेट ने इसे पास किया है, अब ये संसद में जाएगा। ये फैसला महिलाओं को अधिकार देने का है, उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के ख्याल करने का है।" यह बात केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 में बदलाव के बाद कही।
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