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हाइड्रोसील का इलाज (Treatment of Hydrocele in Hindi)

हाइड्रोसील का इलाज (Hydrocele Ka Ilaj) कई तरह से किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से एस्पिरेशन और सर्जरी शामिल हैं। हाइड्रोसील की सर्जरी को हाइड्रोसिलोक्टोमी के नाम से भी जाना जाता है।

एस्पिरेशन के दौरान, डॉक्टर इंजेक्शन की मदद से अंडकोष में जमे द्रव को बाहर निकाल देते हैं। यह प्रक्रिया खत्म होने के बाद, डॉक्टर छेद को बंद करने के लिए स्क्लिरोजिंग नामक दवा को इंजेक्ट करते हैं।

ऐसा करने से दोबारा हाइड्रोसील होने का खतरा कम हो जाता है। हाइड्रोसील की सर्जरी के दौरान, डॉक्टर स्क्रोटम में छोटा सा कट लगाकर अंदर जमा हुए द्रव को बाहर निकाल देते हैं।

हाइड्रोसील की सर्जरी को पूरा होने में लगभर 20-30 मिनट का समय लगता है। सर्जरी ख़त्म होने के कुछ ही घंटों के बाद मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है।

हाइड्रोसील की सर्जरी के बाद मरीज को पूर्ण रूप से ठीक होने में लगभग 3-6 दिनों का समय लगता है।

उपचार:

अंडकोषों में पानी भर जाने पर रोगी 10 ग्राम काटेरी की जड़ को सुखाकर उसे पीस लें. फिर उसके पाउडर / चूर्ण में 7 ग्राम की मात्रा में पीसी हुई काली मिर्च डालें और उसे पानी के साथ ग्रहण करें. इस उपाय को नियमित रूप से 7 दिन तक अपनाएँ. ये हाइड्रोसील का रामबाण इलाज माना जाता है क्योकि इससे ये रोग जड़ से खत्म हो जाता है और दोबारा अंडकोषों में पानी नही भरता.

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