ऑपरेशनके टांके कैसे काटे जाते हैं?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 08:57

ऑपरेशन के टांके कैसे काटे जाते हैं?
यह ऑपरेशन डॉक्टर करते ही तब है जब इसके सिवा कोई चारा ना हो महिला के पास। इस स्थिति तक पहुंचने के कई अलग-अलग कारण होते हैं अलग-अलग महिलाओं में ।लेकिन सामान्य कारणों के अलावा भी जो कुछ और भी कारण रहा मेरा, उनमें से है अत्यधिक दर्द सहने और उसमें भी काम करते रहने की मूर्ख बहादुरी ! जिसने ऑपरेशन के पहले मेरी हालत बिगाड़ दी। उस हालत में अपने अस्पताल यात्रा के अनुभव बताऊँ तो करुण हास्य प्रसंग बनेगा ।

तो सीधे ऑपरेशन के अनुभव पर आते हैं जो आपने पूछा है--

तो हमने अपने डॉक्टर से पहले ही कह दिया कि हम कमर पर इंजेक्शन नहीं लेंगे, हमें पूरा बेहोश किया जाए और ऐसा ही हुआ। उनके अनुसार हम इस स्थिति में थे भी नहीं । तो हम पईंया -पईंया चलकर ऑपरेशन रूम में गए जहां बहुत मशीनें लगी थी बड़े-बड़े लाइट्स ।हमें एक ऑपरेशन टेबल पर लेटने

को कहा गया ।इंजेक्शन लगा और हमारे लिए सब कुछ जड़ हो गया।

आंख खुली अपने ही कराह से। सांस नहीं ली जा रही थी ।एक नर्स खिन्न भाव से खड़ी थीऔर कहीं और देख रही थी ।मुझे सुन भी नहीं रही थी। मैंने अपना ऑक्सीजन मास्क हटाकर लगभग चिल्लाकर कहा

" मुझे सांस नहीं ली जा रही है "

मगर यह रीरियाने जैसी आवाज थी ।मुझे लगातार बहुत तेज दर्द हो रहा था पेट में चाकू चलने जैसा

" मुझे दर्द हो रहा है इंजेक्शन लगाओ सिस्टर"

" लग चुका है "

"फिर लगाओ बर्दाश्त नहीं हो रहा है"

" नहीं लग सकता"

" डॉक्टर को बुलाओ अभी प्लीज बुलाओ"

...

अभी फिर होश गायब।

फिर बीच में मुझे शिफ्ट किया जा रहा था। ऐसे ही होश आता जाता रहा और शायद शाम से मैं बिल्कुल सही होश में थी अपने रूम में। पानी और खून एक के बाद एक ड्रिप से लगता रहा।

अगले 24 घंटे मैं पीठ के बल लेटी थी फिर नर्स ने करवट बदल वाया बहुत ज्यादा दर्द हुआ पर ऐसे ही दर्द के साथ करवट बदलना होता रहा। फिर चलाया गया और अब सब ठीक था। दर्द सहने लायक था और मैं चलती रही थी।

चौथे दिन मुझे छुट्टी दे दी गई कुछ 4 तरह की दवाइयों के साथ। जिनमें वही कैल्शियम , मल्टीविटामिन ,दर्द की दवा और शायद कोई एक एंटीबायोटिक थी। 8 दिन के बाद करवट बदलने पर होने वाला दर्द भी खत्म हो गया। झुकने पर दर्द होता था ।

मुझे कोई बेल्ट नहीं दी गई थी हॉस्पिटल से और ना ही मुझे स्ट्रेचर पर नीचे लाया गया। डॉक्टर ने कहा जाओ और मैं चौथी मंजिल से सीढ़ियां उतरकर अपनी गाड़ी में बैठ गई ।

खाने में भी कोई मीठा तीखा परहेज नहीं बताया गया । बस यह कहा गया कि मुझे सुपाच्य खाना है ।ना ही मुझे बहुत आराम करने को कहा गया ।

इसलिए स्वालंबन कीड़े की काटी हुई मैं अगले दिन सुबह जग कर खुद के लिए कॉफी बना ली ,गटक ली और गली में थोड़ी दूर टहल भी आई ।हां, मैं तेज नहीं चल पा रही थी। यह अंतर था बस ।यह मेरा पांचवा दिन था ।

आठवें दिन मुझे टांके काटने और देखने के लिए बुलाया गया था वहां मेरी रिकवरी से सब बहुत खुश थे उन्होंने बताया कि अभी जो एक महिला स्ट्रेचर पर ले जाई गयी हैं। उन्होंने बहुत आराम कर लिया तो शरीर अकड़ गया था उनको दर्द हो गया है अब पूरे शरीर में हीं , हिला नही जा रहा है।

8 महीने तक सब सामान्य रहा ।मैं घर का काम भी करने लगी। सब ठीक था ऑपरेशन होने के बाद मैंने फरवरी 2020 में पूरा चेकअप करवाया सब ठीक सब बढ़िया । बल्कि मेरे

थायरायड की एमजी( दवा) कम पर आ गया। अगले 6 महीने में यह एकदम 0 हो गया ।

हॉट फ्लेशेज आते हैं और एजिंग फास्ट हो जाती है यह पढ़ रखा था तो इन सब को बहुत सामान्य हीं ले रही थी।

पर मई 2020 से मेरी हड्डियों में दर्द शुरू हो गया वह कम हुआ तो टखनों में। यूरिक एसिड नॉरमल फिर भी दर्द । हाथ पैर की उंगलियों में जकड़न। अब यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है। वजन बढ़ गया है। पाचन तंत्र गड़बड़ हो गया है। ऑपरेशन के 6 महीना बाद से ही हल्की-फुल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं।

कोई असर नहीं है एक्सरसाइज करने का भी। पहले से ज्यादा मोटी हो गई हूं। इमानदारी से बताऊं तो देखने में बेडौल और अनाकर्षक ।

टखनों में दर्द के कारण बत्तख की तरह चलती हूं(कभी कभी) एक्सरसाइज , डाइट कंट्रोल सब उपाय कर रहे हैं कुछ भी गालिबन दिल बहलाता नहीं लग रहा है ।

हमेशा ही कुछ ना कुछ लगा रहता है शरीर को। कभी सर दर्द तो कभी बदन दर्द , कभी खून की कमी तो कभी कैल्शियम की कमी। जब जैसा जो डॉक्टर बताते हैं करती हूं ऐसा अभी 3 साल और रहेगा मेरी गाईनी के अनुसार

" जीवन शैली दिनचर्या बदलना होगा रुक रुक के काम करना होगा"

एक मेरे कारण पूरे परिवार की दिनचर्या और जीवनशैली नहीं बदल सकती इसलिए ..इसलिए कभी-कभी छोटी मोटी तकलीफ भी कुछ ज्यादा बढ़ जाती हैं बस इसीलिए ही ।

बाकी तो सब ठीक है मैं अपने सभी काम कुछ फेरबदल के साथ कर लेती हूं और एक दम मस्त हूं! आपकी मम्मी शीघ्र स्वस्थ सामान्य हो जाएं उनको मेरी शुभकामना दीजिएगा ।

आप सब कम से कम डेढ़ साल तक अपने छोटे-मोटे काम स्वयं कीजिएगा और मम्मी के साथ प्यार से पेश आईएगा क्योंकि कभी-कभी बातें समझने में थोड़ा वक्त लग जाता है, जबकि बातें वही होती हैं पहले वाली हीं पर पता नहीं क्यों ऐसा होता है ..

यही मेरा अनुभव है जो मैंने आपको बता दिया।

हो सकता है किसी और का अनुभव मुझसे अलग भी हो मुझे नहीं पता पर मेरा यही अनुभव है ।

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