Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
SGPT के स्तर को कम करने के लिए आहार में संशोधन की आवश्यकता होती है। आपके दैनिक आहार में विटामिन डी युक्त कम से कम एक फल होना चाहिए। वैकल्पिक रूप से, आप विटामिन डी प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट के लिए धूप में खड़े हो सकते हैं।
एसजीपीटी को नियंत्रित कैसे कर सकते है:-
आहार और सही जीवन शैली आपके लिवर और आपके शरीर को उनकी स्वस्थ स्थिति में रखने में मदद कर सकते हैं। लेकिन, कई बीमारियों और अन्य स्तिथियों के कारण एसजीपीटी अधिक बढ़ जाता है। एसजीपीटी लेवल बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि अनियंत्रित खान-पान, अधिक शराब और स्मोकिंग का सेवन, मोटापा, मधुमेह, एक्यूट वायरल हेपेटाइटिस ए और बी, या लिवर कैंसर आदि जैसे रोग। ऐसे में एसजीपीटी का स्तर नियंत्रित करने के लिए निम्न चीजें करें:
१. डाइट से एसजीपीटी को नियंत्रित करें
२. जीवनशैली में सुधार कर एसजीपीटी को नियंत्रित करें
३. मेडिकल उपचार लें
डाइट से एसजीपीटी को नियंत्रित करें - Control SGPT with Diet
मरीजों को पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेना चाहिए। डाइट में आर्गेनिक फूड (बिना कीटनाशक और रसायनों से पैदा हुई सब्जी और फल) शामिल करने से लिवर को कार्य करने में आसानी होती है और एसजीपीटी का स्तर सामान्य हो सकता है। आर्गेनिक फूड में एंटी-ऑक्सीडेंट, मिनरल्स और विटामिन होते हैं। इसके साथ ही आर्गेनिक फूड में वसा काफी कम होता है। इसके अलावा, विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों को अपने डायट में शामिल करें। विटामिन डी ना सिर्फ हमें लिवर डैमेज से बचाता है बल्कि एसजीपीटी स्तर को भी कम करता है। एसजीपीटी को नियंत्रित करने के लिए इन खाद्य पदार्थ का सेवन करे:
टोफू
सोया मिल्क
डेरी प्रोडक्ट्स
फोर्टीफाइड सीरियल्स
मशरूम
हरी पत्तेदार सब्जियां
क्रूसिफेरस सब्जियां - क्रूस वाली सब्जियों में ब्रसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली, फूलगोभी, केल और सरसों के साग शामिल हैं
कॉड लिवर ऑइल
फिश
अंडे
सीप
ओएस्टर
कैवियार
आप अपने खान पान में जूस का सेवन भी कर सकते है। एसजीपीटी को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित जूस फायदेमंद होगा:
चुकंदर का जूस: चुकंदर का जूस पोटैशियम, विटामिन सी, विटामिन डी और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को छानने में मदद करेगा। इसमें चुकंदर के साथ सेब, खीरा, ताजा पुदीना और कुछ हरी सब्जियां भी मिला सकते हैं।
संतरे का जूस: संतरे का जूस एक स्वस्थ पेय है जिसे आप अपने लिवर को डिटॉक्सीफाई करने के लिए अपने आहार में शामिल कर सकते है। संतरे के जूस में भरपूर मात्रा में पोटेशियम और विटामिन सी होता हैं, जो आपके लिवर की कोशिकाओं को विषाक्त (टॉक्सिक) पदार्थों से बचाता है।
नींबू का जूस: लिवर डिटॉक्सीफिकेशन (विषाक्त पदार्थों को हटाने की प्रक्रिया) के लिए सबसे सस्ता और अच्छा है नींबू। नींबू में शरीर को शुद्ध करने वाले पदार्थ ( एंटी - ऑक्सीडेंट) मौजूद होते हैं। इसलिए नींबू का जूस का सेवन लिवर को स्वस्थ रखने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। आप नींबू के रस में हल्दी मिलाकर इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों का भी लाभ उठा सकते हैं।
गाजर का जूस: गाजर आसानी से उपलब्ध होने वाली सब्जी है जो आपके लिवर को अच्छे से साफ़ करने का काम करती है। गाजर में रेटिनोइक एसिड होता है जो लिवर की रक्षा करता है। इसीलिए इसे पीना चाहिए। गाजर के जूस में गाजर, नींबू और अदरक डालने से जूस और भी फायदेमंद हो सकता है।
यदि अगर आप को फैटी लिवर की समस्या है तोह फैटी लिवर डाइट के बारे में जानने के लिए फैटी लिवर डाइट चार्ट - क्या खाएं क्या नहीं | पर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।
| --------------------------- | --------------------------- |