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शिशु को जुकाम होने पर ना करें दवा देने की गलती, तेज काम करते हैं ये घरेलू नुस्‍खे

अब मौसम बदल रहा है और ठंड के मौसम ने भी दस्तक देनी शुरू कर दी है। शिशु को जुकाम होने पर दवा देना ज्यादा सुरक्षित नहीं माना जाता है लेकिन इस स्थिति में घरेलू नुस्‍खे आपकी मदद कर सकते हैं। इस मौसम में छोटे बच्‍चों और शिशुओं को सर्दी-जुकाम होने का खतरा है।
Home remedies for cold in babies: शिशु को जुकाम होने पर ना करें दवा देने की गलती, तेज काम करते हैं ये घरेलू नुस्‍खे
नवजात शिशु की इम्‍यूनिटी बहुत कमजोर होती है और इसलिए उन्‍हें आसानी से खांसी-जुकाम पकड़ लेता है। वैसे भी अब सर्दी का मौसम आ रहा है। इस मौसम में बच्‍चों को जल्‍दी-जल्‍दी जुकाम पकड़ लेता है लेकिन ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू नुस्‍खों की मदद से आप बच्‍चों के जुकाम को ठीक कर सकते हैं।
नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ हैल्‍थ के अनुसार बच्‍चों को साल में 6 से 10 बार जुकाम पकड़ता है। कई बच्‍चों को वायरस की वजह से जुकाम होता है इसलिए एंटीबायोटिक से इसका इलाज किया जा सकता है। अमेरिकन एकेमडमी ऑफ पीडियाट्रिक्‍स के अनुसार डॉक्‍टर के पर्चे के बिना मिलने वाली ओवर द काउंटर दवाएं 4 साल से कम उम्र के बच्‍चों के लिए सुरक्षित नहीं है। इसलिए बेहतर होगा कि आप घरेलू नुस्‍खों से ही बच्‍चों में जुकाम का इलाज करें।
​बच्‍चों के लिए भाप लेने के फायदे
नासिक मार्ग में म्‍यूकस को ढीला करने के लिए भाप लेना सबसे असरकारी तरीका है। शिशु के कमरे में फेशियल स्‍टीमर या वेपोराइजर की मदद से भाप फैला दें। 6 महीने से कम उम्र के शिशु के लिए बाथरूम में गर्म पानी को नल से बहने दें और शिशु को बाथरूम में 10 से 15 मिनट तक लेकर बैठ जाएं।

एक साल से अधिक उम्र के बच्‍चों के लिए गर्म पानी में यूकेलिप्‍टस ऑयल की कुछ बूंदें भी डाल सकते हैं।
बच्चों की सर्दी का इलाज है नमक के पानी के गरारे
दो साल से अधिक उम्र के बच्‍चे को नमक के पानी से गरारे करवाएं। इसके लिए एक कप गुनगुने पानी में आधा चम्‍मच नमक डालें और बच्‍चे को गरारे करने के लिए कहें। बच्‍चे को पहले सादे पानी से गरारे करना सिखाएं।

​शिशु को जुकाम का इलाज है गुनगुना पानी

6 महीने के शिशु को उबला हुआ पानी पिलाएं। पानी बच्‍चे के हिसाब से हल्‍का गुनगुना होना चाहिए। इससे शिशु का शरीर हाइड्रेट रहता है और शरीर से विषाक्‍त पदार्थ निकल जाते हैं। ये जुकाम से जल्‍दी राहत दिलाने का असरदार तरीका है।
​शिशु को जुकाम की दवा है सरसों का तेल
एक साल के बच्‍चे के लिए जुकाम के इलाज के लिए सरसों का तेल भी बहुत असरकारी नुस्‍खा है। एक चम्‍मच सरसों का तेल लें और उसमें 1 लहसुन की कली और लौंग डालकर एक चुटकी अजवाइन का पाउडर मिलाएं। इन सब चीजों को एक मिनट तक गर्म करें।
लहसुन जलना नहीं चाहिए। अब इसे छन्‍नी से छान लें। इस मिश्रण के गुनगुना होने पर बच्‍चे की छाती और पीठ की मालिश करें।
​नवजात शिशु जुकाम का घरेलू उपाय है शहद

शहद में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट रात में होने वाली खांसी, गले में इंफेक्‍शन और खांसी या जुकाम की वजह से बार-बार नींद टूटने का इलाज करने में मददगार होते हैं। एक साल से कम उम्र के बच्‍चे को शहद न दें। एक साल से अधिक उम्र के बच्‍चे को रात को सोने से पहले आधा चम्‍मच शहद दें।
​बच्चों में जुकाम का इलाज है अदरक
बच्‍चों में खांसी, जुकाम और कफ जमने के इलाज में अदरक बहुत असरकारी है। ये शरीर को गर्म कर के बलगम को पिघला देती है। दो साल से अधिक उम्र के बच्‍चे को अदरक की चाय पिलाएं। आधा इंच की अदरक लें और एक कप पानी में इसे 5 मिनट तक उबालें। इसके बाद पानी को छान लें और उसमें आधा चम्‍मच नींबू का रस और एक चम्‍मच शहद मिलाएं। गुनगुना बच्‍चे को पिलाएं।

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