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शिशु की मालिश कैसे करनी चाहिए? | Baby Ki Malish Kaise Kare
शिशु की मालिश करना दिखने में आसान लगता है, लेकिन इसे काफी सावधानी से करना चाहिए। नवजात शिशु का शरीर बेहद नाजुक होता है, इसलिए मालिश का सही तरीका पता रहना जरूरी है। ध्यान रहे कि शुरुआती छह महीने में तेज दबाव डालकर मालिश न करें। नीचे हम बता रहे हैं कि शिशु की मालिश कैसे करनी चाहिए।
स्टेप 1- शिशु को मालिश के लिए तैयार करें
शिशु की मालिश शुरू करने से पहले आपको उसे इसके लिए तैयार करना होगा। ऐसे में जरूरी है शिशु शांत और अच्छे मूड में रहे। इसके लिए आप शिशु की हथेलियों पर हल्का-हल्का तेल लगाएं और फिर पेट व कानों के पीछे तेल लगाएं। ऐसा करने से वो इस प्रक्रिया को समझने लगेगा। अगर इस बीच वो रोने लगे और हाथ-पैर झटकने लगे, तो समझ जाएं कि वो अभी मालिश करवाने के लिए तैयार नहीं है। वहीं, अगर इस दौरान वो शांत रहे, तो मालिश शुरू कर देनी चाहिए।
स्टेप 2- शिशु के पैरों की मालिश
जब लगे कि बच्चा मालिश के लिए तैयार है, तो सबसे पहले उसके पैरों की मालिश करें। आप अपनी हथेलियों पर थोड़ा तेल लें और उसके तलवों पर हल्के हाथों से मालिश करें। उसके पैरों की उंगलियों और एड़ियों पर मालिश करें। फिर हथेली से पैर के नीचे और ऊपर हल्का हाथ फेरें। फिर धीरे-धीरे पंजों और पैरों के नीचे अंगूठे को गोल घुमाते हुए मालिश करें।
फिर एक पैर को ऊपर उठाएं और टखने पर हल्के-हल्के हाथ फेरें। फिर हाथ को जांघों पर ले जाएं। ऐसे ही आप दूसरे पैर पर भी मालिश करें।
अब हाथों से बच्चे की जांघों को हल्के-हल्के दबाएं।
अब शिशु की टांगों को घुटने से मोड़ते हुए घुटनों को हल्के हाथों से पेट पर दबाएं। ऐसा करने से शिशु के पेट से गैस बाहर निकल जाएगी।
स्टेप 3- शिशु के हाथों की मालिश
पैरों के बाद शिशु के हाथों की मालिश करें। इसके लिए शिशु के हाथ पकड़ें और उसकी हथेलियों पर हाथ फेरें।
अब तेल से उसकी हथेलियों से लेकर उंगलियों के पोरों तक हल्की मालिश करें।
अब धीरे से बच्चे के हाथों को मोड़ें और धीरे-धीरे उसके हाथ के पिछले हिस्से से कलाई तक मालिश करें।
अब कलाई पर हाथों को गोल-गोल घुमाते हुए (जैसे चूड़ी पहनाई जाती है) मालिश करें।
स्टेप 4- शिशु के सीने और कंधों की मालिश
अब बारी आती है शिशु के सीने और कंधों की मालिश करने की। इसके लिए आप शिशु के दोनों कंधों के से सीने तक धीरे-धीरे मालिश करें।
इस प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहराएं।
फिर हल्के हाथों से सीने के बीच में हाथ रखते हुए बाहर की तरफ मालिश करें।
स्टेप 5- शिशु के पेट की मालिश
पेट काफी नाजुक होता है, इसलिए उस पर दबाव न डालें। आप सीने के नीचे से पेट की मालिश करना शुरू करें।
फिर दोनों हाथों को गोल घुमाते हुए शिशु के पेट और नाभि के पास मालिश करें।
स्टेप 6- शिशु के सिर और चेहरे की मालिश
इसके लिए आप शिशु के माथे पर तर्जनी उंगली रखें और हल्के दबाव से उसके चेहरे पर मालिश करना शुरू करें।
फिर ठोड़ी से अपनी उंगलियों को गालों की ओर ले जाते हुए सर्कुलर मोशन में मालिश करें। दो से तीन बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।
इसके बाद बच्चे के बालों की जड़ों में तेल लगाकर इस तरह मालिश करें, जैसे शैंपू करते हैं। बच्चे का सिर बेहद नाजुक होता है, इसलिए बेहद हल्के हाथों से मालिश करें।
स्टेप 7- शिशु की पीठ की मालिश
इसके लिए बच्चे को पेट के बल लिटाएं और बच्चे के हाथों को सामने की ओर रखें।
अब उंगलियों के पोरों को शिशु की पीठ के ऊपरी हिस्से पर रखें, फिर गोल-गोल घुमाते हुए नीचे की ओर लेते जाएं। इस प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहराते हुए बच्चे की पीठ की मा्लिश करें। ध्यान रहे कि रीढ़ की हड्डी पर उंगलियों को न रखें।
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