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मेडिकल अबॉर्शन : इसमें दवाइयों की मदद से गर्भपात किया जाता है।
सर्जिकल अबॉर्शन : इसमें गर्भपात के लिए डाइलेशन और एवेक्युलेशन (D&E) प्रक्रिया अपनाई जाती है।
मैनुअल वैक्यूम एस्पिरेशन
डाइलेशन और क्यूरेटेज
डाइलेशन और इवेक्यूवेसन

भारत में गर्भपात को लेकर कड़े कानून हैं जिसमें गर्भपात समय सीमा तय की गयी है। इसके अनुसार गर्भधारण के सात हफ़्तों के अंदर महिला को बिना एडमिट किये उसका मेडिकल अबॉर्शन किया जा सकता है। इस मामले में महिला, डॉक्टर द्वारा बताई गयी दवाइयों का सेवन घर पर रहकर कर सकती है। सात हफ़्तों के बाद इसे चिकित्सकीय देखरेख में ही किया जाना चाहिए।

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