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Pregnancy 30th Week में मूड बदलना कर सकता है परेशान
30 week Pregnancy symptoms वही होंगे जो पिछली तिमाही में थे। बस उनकी तीव्रता बढ़ गई होगी। आइए जानें इन्हें।
Pregnancy 30th Week
हर सप्ताह की तरह ये सप्ताह भी शिशु के विकास के लिए महत्वूपर्ण होगा। आपको इस समय हार्मोंस में उतार चढ़ाव की वजह से बहुत ज्यादा दुखी या डिप्रेशन महसूस हो सकता है।
आपने देखा होगा कि प्रेगनेंसी के 30वें सप्ताह में आपका पेट कभी-कभी बहुत ज्यादा टाइट हो जाता होगा। ये नकली लेबर पेन है। इस प्रक्रिया के जरिए शरीर डिलिवरी के लिए खुद को तैयार करता है। फिलहाल ऐसा एक्सरसाइज के बाद, थकान या पानी की कमी के बाद देखा जाता है। ऐसा होने पर आप बैठ जाएं या फिर अपनी करवट लेट जाएं, आराम करें और मुमकिन हो तो पानी भी पिएं। अगर पेट में मरोड़ होना न रुके तो डॉक्टर से संपर्क करे। इसी तरह के कुछ और लक्षण देखे जा सकते हैं।
प्रेगनेंट महिला के शरीर में बदलाव
अब वो समय ज्यादा दूर नहीं है जब आपका बच्चा आपकी गोद में होगा। ये आखिरी सप्ताह शिशु के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस समय वो खुद को गर्भ से बाहर आने के लिए तैयार करेगा और आपका शरीर में भी खुद को डिलीवरी के लिए तैयार कर रहा है।
इन दिनों आपको पहले से ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। सोने के लिए सही पोजीशन मिलना मुश्किल हो जाएगा।
प्रेगनेंसी में करीना कपूर को हाे रही है इस चीज की क्रेविंग, जानिए किस महीने में शुरू होती है क्रेविंग
फरवरी में प्रेगनेंट हुई एक्ट्रेस करीना कपूर खान भी इन दिनों क्रेविंग का मजा ले रही हैं। करीना दूसरी बार मां बनने वाली हैं और उनकी क्रेविंग की बात करें तो उन्होंने एक पोस्ट के जरिए इसके बारे में बताया ह
एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने एक पोस्ट शेयर की जिसमें वो घर पर डीप डिश पिज्जा बेक कर रही हैं। इस पोस्ट को देखकर आप करीना की क्रेविंग को समझ सकते हैं।
इस पोस्ट के कुछ दिनों बाद करीना ने हेल्दी खिचड़ी की पोस्ट भी शेयर की थी। ये खिचड़ी करीना के लिए उनके दोस्तों ने बनाई थी।
अब करीना को तो प्रेगनेंसी में पिज्जा खाने की क्रेविंग हो रही है लेकिन प्रेगनेंट महिलाओं के लिए यह जान लेना जरूरी है कि गर्भावस्था में पिज्जा खा सकते हैं या नहीं।
पिज्जा जंक फूड है और गर्भावस्था में इससे दूर रहने की ही सलाह दी जाती है। इसमें मौजूद कैलोरी और रिफाइंड व्हीट फलोर का मां और शिशु के शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, अच्छी क्वालिटी के इंग्रेडिएंटस से बना पिज्जा कभी कभी खा सकते हैं।
इसमें ज्यादा से ज्यादा सब्जियों का इस्तेमाल करें और चीज कम डालें। कम मात्रा में पिज्जा खाने से आपकी क्रेंविंग भी शांत हो जाएगी और पोषक तत्व भी मिल पाएंगे।
पिज्जा खाने से मूड अच्छा रहता है। अगर पिज्जा पर ताजे इंग्रीडिएंटस डालें तो इससे पिज्जा के पोषक तत्वों की मात्रा और विटामिनों को भी बढ़ाया जा सकता है।
ये आपकी क्रेविंग को भी शांत करता है जिससे महिलाएं अच्छा महसूस करती हैं। अच्छी क्वालिटी वाली पिज्जा सॉस में विटामिन ए और सी होता है जो प्रेगनेंट महिला के लिए अच्छे होते हैं।
पिज्जा को हमेशा अच्छी तरह से पका कर और गर्म ही खाना चाहिए। टॉपिंग्स में मौजूद अधिकतर बैक्टीरिया को इससे खत्म किया जा सकता है। किसी अच्छे ब्रांड का ही पिज्जा मंगवाएं। पिज्जा में मीट या फिश का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे अच्छी तरह से पकाकर ही लें।
पिज्जा पर सब्जियों की टॉपिंग करें, क्योंकि इससे गर्भवती महिला को जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं।
आपके बच्चे का विकास
30वें सप्ताह में आपके बच्चे की लंबाई लगभग 15.7 इंच होगी और उसका वजन 1.4 किलो के आसपास होगा। बच्चा पेट में इस समय जागने और सोने की प्रक्रिया में व्यस्त है। इसी बीच वह हलचल भी करता है। उसके शरीर पर बालों की परत गायब हो रही है, जन्म के कुछ समय बाद उसके कंधों या पीठ पर बालों की यह परत बाकी रह जाएगी।
प्रेगनेंसी के 30वें सप्ताह के लक्षण
आपके सामान्य लक्षण वही होंगे जो पिछली तिमाही में थे। बस उनकी तीव्रता बढ़ गई होगी। ये हैं सीने में जलन, गैस बनना, कब्ज, पेट पर स्ट्रेच मार्क्स बनना, पैरों और टखनों में सूजन, थकान, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, दुग्ध ग्रंथियों का
स्राव। नींद आने में समस्या हो सकती है।
कमर दर्द : प्रेगनेंसी में कमर दर्द होना एक आम समस्या है और गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में अधिक वजन के कारण कमर दर्द ज्यादा होता है। सही पोस्चर में बैठने और लेटने की कोशिश करें ताकि कमर दर्द को कम किया जा सके।
पैरों में बदलाव : गर्भावस्था पैरों के साइज और संरचना दोनों को प्रभावित करती है। डिलीवरी के बाद फ्लूइड रिटेंशन की वजह से आई सूजन दूर हो जाएगी। इस समय फ्लैट फुटवियर ही पहनें।
मूड स्विंग्स : प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में मूड स्विंग्स ज्यादा परेशान करती है। इस समय आपको पहले से भी ज्यादा मूड स्विंग्स की दिक्कत होगी।
ये लक्षण कम या ज्यादा मात्रा में अगले हफ्तों में भी चलते रहेंगे। ज्यादा तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आपको अब अगले हफ्तों में होने वाली डिलिवरी की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
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प्रेगनेंट महिलाएं इस समय क्या करें
गर्भाशय में संकुचन को लेकर सतर्क रहें। अभी प्रेगनेंसी को 10 सप्ताह बाकी हैं लेकिन बच्चे का जन्म उससे पहले भी हो सकता है। अगर आपको संचुकन होते समय दर्द भी हो रहा है तो ये डिलीवरी का संकेत हो सकता है। वैजाइनल ब्लीडिंग या योनि से स्राव होने पर भी डॉक्टर से तुरंत बात करें।।
बहुत ज्यादा दुख या एंग्जायटी महसूस हो रही है तो भी डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर इसे कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं।
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