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बच्चे की उम्र के अनुसार क्या आप उसे आहार की मात्रा दे रहें हैं?

बढ़ते बच्चों को देख कर पेरेंट्स बहुत खुश होते हैं और साथ ही उनकी बच्चों के विकास को लेकर उत्सुकता भी बनी रहती है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि बच्चे की उम्र के हिसाब से आप उन्हें उचित पोषण दे रहे हैं? अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए आहार की मात्रा (Dietary intake) की भी जरूरत अलग-अलग होती है। ऐसे में आपको बच्चे के सही विकास के लिए (Babies development) आहार की मात्रा के बारे में जानकारी होना भी बेदह जरूरी होता है।

दो से चार साल के बच्चे के लिए आहार की मात्रा (Dietary intake) क्या होनी चाहिए

इस उम्र के बच्चों का विकास बहुत तेजी से होता है। इसी उम्र में बच्चे चलना और बोलना सीखते हैं। ऐसे में इस उम्र के बच्चों को सभी तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। बच्चों को उनके भूख के हिसाब से ही खाना देना चाहिए। इन्फेंट एंड टॉडलर फोरम के अनुसार, दो से चार साल के बच्चे की भूख उसकी लंबाई (Height) और एक्टिविटी (Activity) पर निर्भर करती है। इस उम्र के बच्चे भूख (Hunger) को समझने लगते हैं और खुद से खाना भी मांगते हैं। लेकिन, उन्हें आहार की मात्रा का अंदाजा नहीं होता है। ऐसे में पेरेंट्स को ही बच्चों के लिए आहार की मात्रा तय करनी होती है।


बच्चे के लिए आवश्यक पोषण (Nutrients for babies)


प्रोटीन (Protein)– एक अंडा (Egg) या चार मीट की स्लाइस प्रतिदिन


डेयरी (Diary)– एक कप दूध (Milk) या आधा कप दही (Curd) प्रतिदिन

सब्जियां (Vegetables)– दो चम्मच हरी बीन्स (Beans), चार ब्रॉक्ली (Broccoli) की कलियां हर दो वक्त के भोजन में

फल (Fruits)– एक केला (Banana) या आधी किवी (Kiwi) प्रतिदिन

अनाज (Grains)– चार चम्मच आलू (Potato) दिन में एक बार

5 से 8 साल के बच्चे के लिए आहार की मात्रा

इस उम्र के बच्चों को भोजन में वैरायटी चाहिए होती है। इस उम्र के बच्चे खाने के मामले में काफी नखरे दिखाने शुरू कर देते हैं। उन्हें चटपटे भोजन ज्यादा पसंद आते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, पांच से आठ साल के बच्चों को फल और सब्जियों (Fruits and vegetables) की भरपूर मात्रा देनी चाहिए। इसके अलावा सोडा और ज्यादा शुगर वाले पेय पदार्थों (Sweet beverages) से बच्चे को परहेज करना चाहिए। साथ ही बच्चे को पानी (Water) भी ज्यादा मात्रा में पीना चाहिए। ऐसे में बच्चे के लिए आहार (Babies diet) की मात्रा तय करने के साथ-साथ यह भी देखें कि उनके आहार में जरूरी पोषण है या नहीं।


बच्चे के लिए आवश्यक पोषण (Nutrients for babies)


प्रोटीन (Protein)– दो या तीन बड़े चम्मच मीट या आधा कप पके हुए बीन्स प्रतिदिन दो बार


डेयरी (Diary)– एक कप दही या एक स्लाइड चीज़ प्रतिदिन तीन बार


सब्जियां (Vegetables)– एक कप सलाद या आधा कप पके हुए गाजर (Carrot) या ब्रॉक्ली (Broccoli) प्रतिदिन तीन बार


फल (Fruits)– एक केला या आधा कप फ्रूट जूस (Fruit juice) प्रतिदिन दो से तीन बार


अनाज (Grains)– आधा कप पका हुआ पास्ता या एक स्लाइस गेंहू की रोटी प्रतिदिन एक बार

9 से 12 साल के बच्चे को लिए आहार


इस उम्र में आते-आते बच्चे खुद से खाना खाना और अपनी भूख को समझना सीख जाते हैं। उन्हें पता होता है कि उन्हें कितना और क्या खाना है? इस उम्र के बच्चे अपने प्यूबर्टी की तरफ बढ़ रहे होते हैं। इस दौरान उनके शरीर में कई तरह के बदलाव होते रहते हैं। इसलिए पेरेंट्स को बच्चे के खानपान पर खासा ध्यान देना चाहिए और साथ ही बच्चे की जरूरतों और पसंद को समझ कर आहार की मात्रा को तय करना चाहिए।


बच्चे के लिए आवश्यक पोषण (Nutrients for babies)


प्रोटीन (Protein)– तीन बड़े चम्मच मीट प्रतिदिन दो बार


डेयरी (Diary)– दो कप दही या एक स्लाइस चीज प्रतिदिन तीन बार


सब्जियां (Vegetables)– दो चम्मच सलाद या एक कप पके हुए गाजर या ब्रॉक्ली (Broccoli) प्रतिदिन तीन वक्त के भोजन में


फल (Fruits)– एक केला प्रतिदिन दो या तीन बार


अनाज (Grains)– आधा कप पका हुआ पास्ता प्रतिदिन एक बार

13 से 18 साल के किशोर के लिए आहार की मात्रा


इस उम्र के बच्चे अब किशोर हो जाते हैं औऱ अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से खुद भोजन लेने लगते हैं। इसके अलावा इस उम्र में बच्चे ज्यादा सोते हैं और ज्यादा खाते हैं। 13 साल के ऊपर के बच्चे एक वयस्क व्यक्ति के बराबर भोजन लेने लगते हैं। लेकिन, फिर भी आपको पता होना चाहिए कि बच्चे को आहार की कितनी मात्रा देना जरूरी है। इस उम्र में बच्चे अपने हिसाब से दोस्तों के साथ अनहेल्दी फूड (Unhealthy food) खाने लगते हैं। इसके मद्देनजर आपको बच्चे को रोकना चाहिए और समझाना चाहिए कि वह अपने सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है।


बच्चे के लिए आवश्यक पोषण (Nutrients for babies)


प्रोटीन (Protein)– सात चम्मच मीट प्रतिदिन दो बार


डेयरी (Diary)– दो कप दही (Curd) या एक स्लाइस चीज़ प्रतिदिन तीन बार


सब्जियां (Vegetables)– तीन कप सलाद या एक कप पके हुए गाजर या ब्रॉक्ली (Broccoli) प्रतिदिन तीन वक्त के भोजन में


फल (Fruits)– ¼ तरबूज, प्रतिदिन दो या तीन बार


अनाज (Grains) – दो रोटियां या एक कप पका हुआ पास्ता प्रतिदिन एक बार


आहार की मात्रा (Dietary intake) तय करते समय बच्चों की जरूरतों को भी समझें


बच्चों के लिए आहार की मात्रा तय करने के लिए पेरेंट्स (Parents) को बच्चों की जरूरतों और उसके विकास के लिए जरूरी पोषण तत्वों को समझने की जरूरत होती हैं। पेरेंट्स बच्चे से बात करें कि उनको आप जो आहार की मात्रा (Dietary intake) दे रहे हैं। उससे उनकी भूख मिटती है कि नहीं साथ ही वे भूख लगने पर कैसा महसूस करते हैं। वहीं बड़े बच्चों या किशोरों के लिए आहार की मात्रा तय करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि बच्चे को वास्तव में भूख लगी है या वह बोर होने के कारण खाना खा रहा है। कई बार बच्चे हताश या उदास (Sad) होने की स्थिति में भी ज्यादा खा लेते हैं। ऐसे बच्चों को यह भी समझाएं कि अगर पेट भर गया है और प्लेट में खाना बचा है, तो भी रुक जाना चाहिए और ओवरईटिंग से भी बचना चाहिए। ओवर ईटिंग (Over eating) से भी पाचन के अलावा कई और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बच्चों के विकास के लिए (Babies development) उन्हें जरूरी पोषण देने के साथ-साथ यह भी समझें कि आहार की मात्रा भी उनकी उम्र के लिहाज से तय की जानी चाहिए।

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