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आपके 11 महीने के शिशु का विकास

11 महीने की उम्र में शिशु क्या कर सकता है?
आपका शिशु अब आसान निर्देशों को समझने लगेगा और वह आपकी "ना" का मतलब भी समझता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है, कि शिशु सब कुछ आपके कहे अनुसार ही करेगा!

कोशिश करें कि "ना" शब्द का इस्तेमाल केवल वहीं करें जब शिशु कुछ ऐसा कर रहा हो, जिससे उसे खतरा हो। वरना आप पाएंगी कि हर समय आप शिशु को चीजों के लिए मना ही करती रहती हैं।

चटकीले और गहरे रंगों वाली किताबें शिशु को ध्यान आकर्षित करेंगी। आप स्थानीय पुस्तकालय में बच्चों के संभाग में जाकर देख सकती हैं। यहां आपको पुरानी लोकप्रिय किताबों के साथ-साथ कुछ नई किताबें भी देखनी को मिल सकती हैं।
क्या मेरा शिशु इस चरण पर और आत्मनिर्भर बनेगा?
आपका शिशु अब अपने पहले जन्मदिन से केवल एक महीने दूर है, अब वह पहले जैसा असहाय नवजात नहीं है, जो आपके बिना कुछ नहीं कर सकता।

हालांकि, उसे आपकी देखरेख और सहारे की काफी जरुरत है, मगर अब वह आत्मनिर्भर बनता जा रहा है। वह खड़ा होना, नीचे झुकना और उकड़ू बैठना सीख रहा है। वह शायद आपका हाथ थामकर चलना भी शुरु कर सकता है। कपड़े पहनाने में आपकी मदद के लिए वह अपने हाथ या टांग को भी आगे बढ़ा सकता है।

खाने के समय, आपका शिशु शायद खुद कप को पकड़कर पेय पदार्थ पी सकता है और खुद अपने हाथों से उठाकर पूरा भोजन खा सकता है। शिशु जब खुद कप से पीना शुरु कर देता है, तो शायद आपको लपक कर चीजों को पकड़ना शुरु करना होगा या फिर कभी कभार झुकर कर अपने आप को बचाना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि पेय खत्म होने पर वह खेल-खेल में कप को नीचे गिरा सकता है या अगल-बगल में फेंक सकता है!
मैं अपने 11 महीने के बच्चे की किताबों में रुचि कैसे पैदा कर सकती हूं?
अपने शिशु को किताबें पढ़कर सुनाना उसके साथ प्यार भरा समय गुजारने का अच्छा तरीका है। शिशु के विकास में यह वाकई मददगार है।

अगर, आपके घर के आसपास पुस्तकालय है, जहां बच्चों के लिए अलग संभाग हो, तो वहां से शुरुआत करना अच्छा है। आप किताबों की दुकानों पर और आॅनलाइन भी ऐसी किताबें ढूंढ सकती हैं, जो आपको बच्चे को पसंद आए।

आप स्थानीय बुक स्टोर पर पता कर सकती हैं कि क्या वे मांओं और शिशुओं के लिए विशेष बुक रीडिंग सत्र आयोजित करते हैं।

यदि आपका बच्चा क्रेश या नर्सरी जाता है, तो आप वहां पता कर सकती हैं कि अगर वे बच्चों के लिए कहानियों या कविताओं का सत्र रखते हैं, तो आप भी उसमें शामिल हा सकती हैं। इस तरह के सत्र, बच्चों का किताबों के प्रति रुझान बढ़ाने का अच्छा तरीका है।

आपके बच्चे को किताबों को देखना और उसके पन्ने पलटना अच्छा लगेगा, हालांकि वह एक-एक करके पन्ने पलटे, यह जरुरी नहीं। हो सकता है शिशु की कुछ पसंदीदा किताबें हों, जिन्हें वह बार-बार देखना चाहे।

बच्चे के साथ बैठकर किताब पढ़ें और उसे बताएं कि दिए गए चित्रों में क्या दर्शाया गया है। बच्चे को खासतौर पर ऐसी किताबें अच्छी लगेंगी जिनमें से आवाज आए, फ्लैप लगे हों, जिन्हें छूने पर अलग-अलग बनावट महसूस हो और चमकदार रंगीन चित्र बने हों।
मेरा 11 माह का शिशु किसी चीज के लिए मना करने पर मेरी बात अनसुनी क्यों कर देता है?
आपका शिशु साधारण निर्देशों को समझता है और जानता है कि "ना" का मतलब क्या है, मगर वह शायद जानबूझ कर आपकी बात को अनुसना कर देता है। आपकी "ना" का असर शिशु पर हो, इसके लिए इस शब्द का इस्तेमाल आप केवल तभी करें जब वह कुछ ऐसा कर रहा हो, जो उसके लिए खतरनाक हो सकता है।

अगर, शिशु ऐसा कुछ कर रहा है, जो आप उसे नहीं करने देना चाहतीं, तो मना करने की बजाय उसका ध्यान किसी दूसरी तरफ लगाने का प्रयास करें। अगर, आपका शिशु हर बार "ना" सुनता रहेगा, तो इसका उस पर कोई असर नहीं होगा।

उदाहरण के लिए, यदि शिशु अपने पालतू कुत्ते की पूंछ खींच रहा है, तो आप इसे रोकना चाहेंगी ताकि शिशु और कुत्ते दोनों को ही चोट न लगे। आप केवल सीमा तय कर रही हैं। अगर, शिशु कुत्ते की पूंछ खींच रहा हो, तो उसका हाथ हटाएं, और उसकी आंखों में देखें और कहें कि, "ऐसा नहीं करो, इससे कुत्ते को दर्द होता है।" इसके बाद शिशु का हाथ पकड़कर उससे कुत्ते को हल्के से थपथपाएं।

हालांकि, शिशु को शायद आपकी आज कही बात कल तक याद न रहे, मगर फिर भी आप अभी से उसकी सीमाएं तय करना शुरु कर सकती हैं।

शिशु नई चीजों को देखने-खोजने का तीव्र इच्छुक होता है, आपकी चेतावनियों पर वह इतना ज्यादा ध्यान नहीं देता है, इसलिए शिशु की सुरक्षा की और उसे सिखाने की जिम्मेदारी आपकी है। जो चीज आपको अवज्ञा या शिशु का जिद्दीपन लगता है, वह केवल उसकी चीजों को समझने की स्वाभाविक जिज्ञासा है।
मैं शब्दों को समझाने और उनके इस्तेमाल में बच्चे की मदद कैसे कर सकती हूं?
आप शायद अब शिशु की बुदबुदाहट में से कुछ शब्दों को समझ सकेंगी, और ये वे शब्द हैं जिनका इस्तेमाल वह अर्थपूर्ण ढंग से कर रहा है। आप उसे बातें करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं और उसके शब्दों और बड़बड़ाहट का जवाब देकर उसे जताएं कि आप उसे सुन रही हैं।

शिशु को दोतरफा बातचीत करने (द्विपक्षीय संचार) के बारे में सिखाने के लिए इस तरह की बातचीत महत्वपूर्ण होती है। शिशु के खिलौनों को लेकर लुका-छिपी जैसे खेल खेलने से उसकी याददाश्त को तेज करने में मदद करते हैं।

इस उम्र में आपका शिशु शायद शब्दों और आवाज के उतार-चढ़ाव के साथ-साथ आपकी हरकतों की भी नकल कर सकता है। वह आपके आसान निर्देशों का पालन भी कर सकता है, खासकर कि यदि उन्हें इशारों के साथ कहा गया हो, जैसे कि, "कृप्या मुझे गेंद लाकर दें" या "चम्मच को उठाएं"।

कोशिश करें कि अपने निर्देशों को अलग-अलग चरणबद्ध तरीके से समझाने का प्रयास करें। अगर, शिशु अभी आपके निर्देश नहीं समझ पा रहा है, तो भी चिंतित न हों, वह अगले एक या दो महीने में यह सीख जाएगा।
क्या मेरा 11 महीने का शिशु सामान्य तरीके से बढ़ रहा है?
हर शिशु अलग होता है और शारीरिक क्षमताएं अपनी ही गति से विकसित करता है। यहां सिर्फ साधारण मार्गदर्शक दिए गए हैं, जिन्हें करने की क्षमता आपके शिशु में होती है। अभी नहीं, तो कुछ समय बाद शिशु इन्हें जरुर हासिल कर लेगा।

अगर, आपके शिशु का जन्म समय से पहले (गर्भावस्था के 37 सप्ताह से पहले) हुआ है, तो आप देखेंगे कि उसे वे सब चीजें करने में ज्यादा समय लगता है, जो समय से जन्म लेने वाले बच्चे जल्दी करते हैं। यही कारण है कि समय से पहले पैदा होने वाले शिशुओं को उनके डॉक्टरों द्वारा दो उम्र दी जाती हैं:

कालानुक्रमिक (क्रोनोलॉजिकल) उम्र, जिसकी गणना शिशु के जन्म की तारीख से की जाती है

समायोजित उम्र (एडजस्टेड/करेक्टेड ऐज), जिसकी गणना आपके शिशु के पैदा होने की तय तारीख (ड्यू डेट) से की जाती है


आप अपने प्रीमैच्योर शिशु के विकास को उसकी समायोजित उम्र से देखें, उसके जन्म की वास्तविक तिथि से नहीं। अधिकांश डॉक्टर समय से पूर्व जन्म लिए बच्चे का विकास उसकी संभावित जन्म तिथि से आंकलित करते हैं और उसी अनुसार उसकी कुशलता का मूल्यांकन करते हैं।

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