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रूमेटाइड अर्थराइटिस में नहीं होगा सूजन और दर्द, जान लें डाइट में क्या करें शामिल, क्या नहीं
Diet Tips in Rheumatoid Arthritis: रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis), एक क्रोनिट इंफ्लेमेटरी ऑटोइम्यून बीमारी है. यह बीमारी दुनिया भर की लगभग 1% आबादी को प्रभावित करती है. इसमें रूमेटाइड अर्थराइटिस पैथोजेनेसिस (RA pathogenesis) अस्पष्ट रहता है, अनुवांशिक कारक इसके जोखिम को बढ़ाने के लिए 50-60% जिम्मेदार होते हैं, जबकि शेष में संक्रामक रोग, स्मोकिंग, आंतों में बैक्टीरिया, और न्यूट्रिशन जैसे परिवर्तनीय कारकों से जोड़ा जा सकता है. फोर्टिस हॉस्पिटल, (मुलुंड, मुंबई) के डायरेक्टर-ऑर्थोपेडिक्स एंड ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी डॉ. कौशल मल्हान कहते हैं कि डाइट ऑटोइम्यून प्रक्रिया में एक उत्तेजक भूमिका निभा सकते हैं. यह सूजन का भी कारण बन सकते हैं. कई बार अधिक वजन भी इस बीमारी को बढ़ा सकता है. अत्यधिक वसायुक्त ऊतक प्रो-इंफ्लेमेटरी साइटोकिन्स (pro-inflammatory cytokines) को अलग कर देता है, जिससे टिशू में सूजन (Inflammation) की समस्या बढ़ जाती है. शरीर का वजन बढ़ने से रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों में ज्वाइंट डैमेज होने की संभावना बढ़ जाती है. हाई फैट डाइट और प्रॉसेस्ड मीट के सेवन से इंफ्लेमेशन बढ़ जाता है. ऐसे में आपको साबुत अनाज और फलों से भरपूर डाइट का सेवन करना चाहिए. रूमेटाइड अर्थराइटिस का इलाज (Rheumatoid Arthritis treatment) मुख्य रूप से दवाओं के जरिए किया जाता है, लेकिन डाइट में कुछ बदलावों के जरिए भी इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल में रखा जा सकता है.
रूमेटाइड अर्थराइटिस में क्या खाएं, क्या नहीं
डॉ. कौशल मल्हान बताते हैं कि रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों को व्हाइट आटा, व्हाइट चीनी, सैचुरेटेड और ट्रांस फैट से भरपूर फूड्से जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ, रेड मीट, डेयरी, अंडों का सेवन नहीं करना चाहिए. ये सभी प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर होते हैं, जो इंफ्लेमेशन प्रतिक्रिया को बढ़ा सकते हैं. अध्ययनों से पता चलता है कि रूमेटाइड अर्थराइटिस से ग्रस्त लोगों के लिए मेडिटेरेनियन डाइट, फल और सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट एक हेल्दी विकल्प है.
मछली जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, उसका सेवन करने से इंफ्लेमेशन की समस्या कम होती है. अत्यधिक मछली के तेल (Fish oil Supplements) की खुराक रक्त के थक्के में हस्तक्षेप कर सकती है और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकती है, खासकर जब एस्पिरिन या नॉनस्टेरॉएडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स का सेवन किया जाए. अधिक फैश ऑयल लेने से डायरिया, पेट खराब भी हो सकता है.
मटर और बीन्स वेजिटेबल प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत हैं, जो मांसपेशियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं. इनमें फैट नहीं होता है और ये एंटीऑक्सिडेंट के भी मुख्य स्रोत होते हैं. रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों को इनका सेवन जरूर करना चाहिए.
नट्स हेल्दी मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होते हैं. रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों के लिए अखरोट सीमित मात्रा में खाना अच्छा होता है, क्योंकि ये ओमेगा-3 फैटी एसिड में भरपूर होते हैं. हालांकि, इसमें कैलोरी अधिक होता है.
रूमेटाइड अर्थराइटिस में पोषण संबंधी दिशानिर्देश
डाइट में तरह-तरह की हेल्दी चीजें शामिल करें
वजन बनाए रखें. आप जो भी खाएं उसे फिजिकल एक्टिविटी के साथ बैलेंस करें
अनाज, सब्जियों और फलों से भरपूर आहार चुनें
फैट, सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल का सेवन कम करें
डाइट में अधिक फाइबर शामिल करें
वैसी डाइट का चुनाव करें जिनमें शर्करा मॉडरेट मात्रा में हो
एल्कोहल का सेवन कम करें
ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी की खुराक लें
विटामिन सी, बी6, बी12, ई, फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम को डाइट में शामिल करें.
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