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रूबेला या (जर्मन मीजल्स) महिलाओं में होने वाला संक्रमण है जो गर्भावस्था के पहले 8 से 10 सप्ताह के दौरान होता है। यह मूल रूप से पूरे शरीर में लाल चकत्ते की अचानक वृद्धि से निर्धारित होता है और ज्यादातर मामलों में इसके परिणामस्वरूप भ्रूण की पूर्ण क्षति या मृत्यु हो जाती है।
गर्भावस्था में रूबेला के क्या लक्षण हैं-
जितने लोगों को रूबेला होता है, उनमें से करीब आधे लोगों को तो इसके कोई शुरुआती लक्षण महसूस नहीं होते। इसलिए उन्हें शायद पता भी नहीं चलता कि उन्हें रूबेला है। जिन लोगों में लक्षण सामने आते हैं, उन्हें निम्नांकित महसूस हो सकता है:
हल्का बुखार
गर्दन के पीछे लसीका पर्व (लिम्फ नोड्स) में सूजन
सर्दी-जुकाम के लक्षण, जैसे कि बंद नाक या नाक बहना और गले में दर्द
लाल पड़ जाना और उनमें दर्द व संक्रमण (कंजक्टिवाइटिस, नेत्र शोथ)
मुंह में छोटे-छोटे दानें
शुरुआती लक्षणों के कुछ दिनों बाद, चेहरे और गर्दन पर लाल धब्बेदार चकत्ते उभरते हैं। इनमें खुजली भी हो सकती है और धीरे-धीरे ये चकत्ते शरीर में बाकी जगहों पर फैलते हैं। ये चकत्ते आमतौर पर एक सप्ताह तक रहते हैं और उसके बाद गायब हो जाते हैं।
अगर, आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आई हों जिसे रूबेला हो या आपको रूबेला होने की जरा भी आशंका हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। वे आपकी खून की जांच करवाएं ताकि रूबेला की पुष्टि हो सके।
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