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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ लगाना चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में हर छोटी-बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ के पनपने का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोखिम होता है। इस समय अगर महिला के शरीर में कट लग जाता है या कही पर जल जाता है, तो इससे उसे टिटनेस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ हो सकता है। इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ का असर आने वाले शिशॠपर à¤à¥€ नजर आ सकता है। इसी वजह से टिटनेस टॉकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगवाना जरूरी होता है (3)।
वरà¥à¤²à¥à¤¡ हेलà¥à¤¥ ऑरà¥à¤—ेनाइजेशन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“) के आंकड़ों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· 200,000 से अधिक नवजात शिशà¥à¤“ं की मृतà¥à¤¯à¥ टिटनेस के कारण हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में टिटनेस टॉकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय लगाने से नवजात को टिटनेस इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचाया जा सकता है, इसलिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाना चाहिà¤à¥¤ साथ ही यह पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° यानी समय से पहले जनà¥à¤® लेने और समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ को रोकने में मदद कर सकता है (3)।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में जानिठकि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में टीटी का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ कब और कितनी बार लगाना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान टीटी का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ किस महीने में और कितनी बार लगता है ? | tt injection during pregnancy which month in hindi
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ टीकाकरण अनà¥à¤¸à¥‚ची ने गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को टिटनेस टॉकà¥à¤¸à¥‹à¤‡à¤¡ (टीटी) की 2 डोज यानी खà¥à¤°à¤¾à¤• लगाने की सलाह दी है। इसकी पहली डोज पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का पता चलते ही जलà¥à¤¦-से-जलà¥à¤¦ लगवानी चाहिà¤à¥¤ पहली डोज लगवाने के 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद दूसरा इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाया जाता है (3)।
इसके अलावा, अगर कोई महिला 3 साल बाद दूसरी बार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हà¥à¤ˆ है और उसे पहले पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में दो बार टीटी का टीकाकरण लग चà¥à¤•ा है, तो उसे इस समय सिरà¥à¤« à¤à¤• ही डोज लगेगी। इस डोज को ​बूसà¥à¤Ÿà¤° खà¥à¤°à¤¾à¤• कहा जाता है (3)।
कà¥à¤› विशेषजà¥à¤ž का यह à¤à¥€ मानना है कि टीटी की दूसरी डोज डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ तारीख से 4 हफà¥à¤¤à¥‡ पहले दी जानी चाहिà¤à¥¤ डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की मानें, तो टीटी की दूसरी डोज लगाने के 6 महीने बाद महिला को तीसरी डोज à¤à¥€ लगवाई जाà¤, तो 5 साल तक टिटनेस के जोखिम से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिल सकती है (3)।
आगे हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में टीटी इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाते वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने वाली बातें बता रहे हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान टीटी का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने योगà¥à¤¯ बातें
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को टीटी का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाते समय कई बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना जरूरी होता है। इन बातों के बारे में हम नीचे बता रहे हैं ।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को टीटी के इंजेकà¥à¤¶à¤¨ को लेकर बताठगठसà¤à¥€ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करना होगा (4)।
इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ देने वाला उसकी शीशी को अचà¥à¤›à¥‡ से हिलाकर वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ को इंजेकà¥à¤¶à¤¨ में à¤à¤°à¥‡ (4)।
वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ की शीशी बरà¥à¤« में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जमी हà¥à¤ˆ नहीं होनी चाहिठ(4)।
दूसरी डोज के लिठनिरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ दिन पर ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚। डेट को मोबाइल कैलेंडर में जोड़कर रखें।
वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगवाने के बाद उस जगह को बार-बार न छà¥à¤à¤‚ और न ही खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤à¤‚।
इसे लगाने के बाद किस तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देंगे, इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें और उन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के अलावा कोई गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
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