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बड़े काम है ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ, बीमारियों की हो जाती है जानकारी
हर साल 29 सितंबर को वरà¥à¤²à¥à¤¡ हारà¥à¤Ÿ डे मनाया जाता है। दिल हमारे शरीर का सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है। ईसीजी à¤à¤• तरह की जांच है जिसे आमतौर पर दिल से ...
डेसà¥à¤• à¤à¤¨à¤¬à¥€à¤Ÿà¥€, लखनऊ : हर साल 29 सितंबर को वरà¥à¤²à¥à¤¡ हारà¥à¤Ÿ डे मनाया जाता है। दिल हमारे शरीर का सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है। ईसीजी à¤à¤• तरह की जांच है जिसे आमतौर पर दिल से संबंधित बीमारियों का पता लगाने के लिठकिया जाता है। ईसीजी को इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® à¤à¥€ कहते हैं। कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ के जरिठहम इस बात का पता लगा सकते हैं कि दिल ठीक से काम कर रहा है या नहीं। à¤à¤• नजर-
इसलिठकरवाया जाता है ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ
ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ आमतौर पर दिल तक रकà¥à¤¤ पहà¥à¤‚चाने वाली रकà¥à¤¤ वाहिकाओं में परेशानी, ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤œà¤¨ की कमी, नसों का बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज, टिशूज की असामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, सीने में तेज दरà¥à¤¦ या सूजन, सांस लेने में तकलीफ, हारà¥à¤Ÿ अटैक के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और दिल से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का पता लगाने के लिठकिया जाता है। धमनियों और हृदय से निकलने वाली तरंगों या दिल की धड़कन के जरिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° दिल की बीमारियों को पता लगाते हैं।
ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ के बारे में कई बार लोग सोचते हैं कि ये बहà¥à¤¤ महंगी जांच है या इस जांच को करवाने में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। मगर आपको बता दें कि ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ बेहद ससà¥à¤¤à¤¾ और दरà¥à¤¦à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ है। आमतौर पर ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ 100 से 200 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ तक आसानी से हो जाते हैं।
इसलिठकरवाना चाहिठईसीजी टेसà¥à¤Ÿ
ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ करवाना सेहत के लिठजरूरी है और फायदेमंद à¤à¥€ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस आसान और बेहद ससà¥à¤¤à¥‡ टेसà¥à¤Ÿ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आप समय से पहले दिल की बीमारियों का पता लगा सकते हैं ताकि बाद में वो खतरनाक रूप न ले लें। अगर आप दिल की बीमारियों का पता ठीक समय से लगा लेते हैं, तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसानी से ठीक किया जा सकता है। आमतौर पर सà¤à¥€ हृदय असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में ये टेसà¥à¤Ÿ उपलबà¥à¤§ होता है।
कब करवाया जाता है ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ
जब लगातार हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ हो।
जब सीने में तेज दरà¥à¤¦ की शिकायत हो।
जब दिल की धड़कन असामानà¥à¤¯ हो जाठऔर लगातार घटती-बढ़ती रहे।
जब सीने और छाती में तकलीफ हो और सांस लेने में परेशानी आà¤à¥¤
जब अचानक से घबराहट हो और पसीना निकलने लगे यानि दिल की बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚।
जब डायबीटीज को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² न किया जा सके और इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ दिल पर दिखने लगे।
जब दिल तक खून पहà¥à¤‚चाने वाली धमनियां बà¥à¤²à¥‰à¤• हो जाà¤à¤‚ और हारà¥à¤Ÿ तक खून न पहà¥à¤‚चे।
जब बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की वजह से दिल तक खून न पहà¥à¤‚चे।
जब हारà¥à¤Ÿ वॉलà¥à¤µ में कोई परेशानी आती है।
जब दिल की बीमारी के गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं।
कई बार दिल पर दवाइयों के साइड इफेकà¥à¤Ÿ को जानने के लिठà¤à¥€ किया जाता है।
à¤à¤¸à¥‡ किया जाता है ईसीजी
ईकेजी का अरà¥à¤¥ होता है इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®à¥¤ इसे ईसीजी à¤à¥€ कहते हैं। ईकेजी कम समय में होने वाला, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤, दरà¥à¤¦à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ व कम खरà¥à¤š वाला टेसà¥à¤Ÿ होता है, जिसे हृदय की किसी समसà¥à¤¯à¤¾ की आशंका होने पर किया जाता है। इस टेसà¥à¤Ÿ में मरीज की छाती, à¤à¥à¤œà¤¾à¤“ं और पैरों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर छोटे इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¡ पैच लगाकर इनकी मदद से हृदय की इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ को रिकॉरà¥à¤¡ किया जाता है। इसे जांच को à¤à¤• नियमित सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जांच की तरह किया जा सकता है और हृदय की बीमारी का पता लगाने के लिठà¤à¥€à¥¤
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