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बेबी को फीड करवा रहीं हैं, तो जानिठहर रोज कितना पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है आपके लिठजरूरी
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में ही नहीं, बलà¥à¤•ि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¥€ आपको अपने आहार और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर बहà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना है। खासतौर से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन अब आपको बढ़ाना होगा।
à¤à¤• नवजात शिशॠको अपनी पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• मां के दूध से ही मिलती है। इसलिठहर नई मां और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली महिलाओं को अपने आहार के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सदैव सचेत रहना चाहिà¤à¥¤ आपके आहार का असर आपके दूध की मातà¥à¤°à¤¾ और गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ पर à¤à¥€ पड़ता है। जिससे न सिरà¥à¤« शिशॠकी à¤à¥‚ख मिटती है, बलà¥à¤•ि उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾, रकà¥à¤¤, मांस – मजà¥à¤œà¤¾ समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। इसलिà¤, ज़रूरी है कि मां अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को शामिल करे।
कà¥à¤¯à¤¾ कहते हैं विशेषजà¥à¤ž
शिशॠà¤à¤µà¤‚ बाल रोग विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि इस समय महिलाओं को अतिरिकà¥à¤¤ कैलोरी वाला पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार लेना चाहिà¤à¥¤ जिसमें विटामिनà¥à¤¸, मिनरलà¥à¤¸, कारà¥à¤¬à¥à¤¸ शामिल हों ख़ास तौर से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¥¤ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को लंबे समय से मानव आहार में à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µ माना जाता है। इसलिठयह जरूरी है कि मांà¤à¤‚ अपने आहार में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की खà¥à¤°à¤¾à¤• का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
तो, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ है?
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ शरीर के ऊतकों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ खंड हैं। वे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ ऊतकों की मरमà¥à¤®à¤¤ और रखरखाव में मदद करते हैं। हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों सहित सà¤à¥€ अंग पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं। शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¤‚जाइम, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ अणà¥, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ और सेलà¥à¤²à¤° संदेशवाहक के रूप में à¤à¥€ काम करते हैं। इसलिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ हर शिशॠकी वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
डिलीवरी के बाद आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ इतना ज़रूरी है पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद शरीर पहले से ही काफी कमजोर होता है। साथ ही, दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ शरीर पर à¤à¤• अतिरिकà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤° डालता है। सिरà¥à¤« इतना ही नहीं, मां के शरीर में दूध बनना à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ पर ही निरà¥à¤à¤° करता है। अगर मां के अंदर पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ नहीं होगा, तो दूध नहीं बन पाà¤à¤—ा।
बढ़ते हà¥à¤ शिशॠबहà¥à¤¤ अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का उपयोग करते हैं। इसलिठआपको उनकी ज़रूरतों को पूरा करने के लिठअतिरिकà¥à¤¤ आहार पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ खाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कोशिकाओं की वृदà¥à¤§à¤¿, रखरखाव और मरमà¥à¤®à¤¤ के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
यूà¤à¤¸à¤¡à¥€à¤ आहार दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° – सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• औसत पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन 54 गà¥à¤°à¤¾à¤® है, लेकिन डिलीवरी के बाद à¤à¤• मां को पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन 70 गà¥à¤°à¤¾à¤® या अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
कई सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताà¤à¤‚ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूध पिलाने में इतनी वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ होती हैं कि वे अपने आहार, ऊरà¥à¤œà¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के बारे में à¤à¥‚ल जाती हैं।
सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ ही नहीं अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ हैं ज़रूरी
जबकि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के दौरान पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ आपके आहार के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। यह à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना ज़रूरी है कि अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिठआप अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का à¤à¥€ सेवन करें।
जैसे साबà¥à¤¤ अनाज, ताजे फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा – विशेष रूप से ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥¤ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की खà¥à¤°à¤¾à¤• को पूरा करने के लिठआप अंडा, दूध, दही, सूखे मेवे, मांस, मछली आदि ले सकती हैं।
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