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जायफल
बहती नाक को बंद करने के लिठजायफल के साथ दूध पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा है। à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी जायफल में कà¥à¤› चमà¥â€à¤®à¤š दूध डालें। इसे उबालकर हलà¥â€à¤•ा ठंडा होने दें। अब इसे शिशॠकी पीठपर लगाà¤à¤‚। ये बंद नाक से तà¥à¤°à¤‚त राहत दिलाता है।
पेटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जैली
नाक के लगातार गीले रहने की वजह
नवजात शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² हर माठकी पहली कोशिश रहती है ताकि शिशॠको किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। नयी माठके जानकारी के लिठआगे आपको विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताते है।
नà¥à¤¯à¥‚ बोरà¥à¤¨ बेबी को अचà¥à¤›à¥‡ से दूध पिलाà¤à¤‚ – माठका दूध
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ का पैर तिरछे हैं तो वह सीधा हो जाà¤à¤—ा। उकà¥à¤¤ बातें शनिवार को बैंगलà¥à¤°à¥ के चिकितà¥à¤¸à¤• डॉ. बासà¥à¤•ी वीआर ने कहीं। मौका था à¤à¤¾à¤°à¤–ंड ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के ततà¥à¤µà¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ में आयोजित तीन दिवसीय राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सेमिनार का। बिषà¥à¤Ÿà¥à¤ªà¥à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¸à¤à¤¨à¤Ÿà¥€à¤†à¤‡ पà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤·à¤¾à¤—ृह में दूसरे दिन समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि
Continue reading wordpress ago hindi 0 viewsकà¥à¤› शिशॠहर बार दूध पीने के बाद मल कर देते हैं और वहीं कà¥à¤› शिशॠदो से तीन दिन में मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं। दूध पीने के बाद हर बार मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करना वासà¥à¤¤à¤µ में इस बात का अचà¥à¤›à¤¾ संकेत है कि आपका शिशॠपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध पी रहा है। जब आपके
Continue reading wordpress ago hindi 0 views 1-पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का पहला अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड वायबेलिटी सà¥à¤•ैन के रूप में जाना जाता है, जिसे गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के 6 से 9 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में करवाने की सलाह दी जाती है।
2-दूसरा अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड, जिसका नाम नà¥à¤¯à¥à¤•ल टà¥à¤°à¤¾à¤‚सलà¥à¤¸à¥‡à¤‚सी यानी NT होता है। इसे à¤à¤• जरूरी जांच के रूप में माना जाता है और ये गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के गà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¤°à¤µà¥‡à¤‚
à¤à¤• नारà¥à¤®à¤² नà¥à¤¯à¥‚बोरà¥à¤¨ बेबी 3.5kg से 4kg का होता है। इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजनी बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होने पर वह अलग हो जाता है। यहां हम आपको दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ देशों के à¤à¤¸à¥‡ ही मामले बताने जा रहे हैं। जब 7 से 8 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® के बचà¥à¤šà¥‡ पैदा हà¥à¤à¥¤
Continue reading wordpress ago hindi 0 viewsबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बढ़ाने के लिठदूध, दही, पनीर, बटर, घी आदि देना चाहिà¤. सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं, जो à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के शारीरिक विकास के लिठबेहद जरूरी होते हैं. आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को आलू, शकरकंद, गोà¤à¥€, पालक, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खिला सकते हैं. आप
Continue reading wordpress ago hindi 0 viewsसूजी, गेंहूठका आटा, चावल, रागी, बाजरा आदि में थोड़ा सा पानी अथवा दूध का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करके दलिया बनाया जा सकता है। उपरोकà¥à¤¤ अनाज के दानो को à¤à¥‚नकर, पीसकर व पानी के साथ अचà¥à¤›à¥‡ से पका कर, चीनी तथा थोड़ी सी वसा के साथ तैयार किया जा सकता है;
Continue reading wordpress ago hindi 0 viewsपà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के 37वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले पैदा हà¥à¤ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¥€-टरà¥à¤® बेबी कहा जाता है। इन बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ लगने का खतरा रहता है और शायद ये फà¥à¤² टरà¥à¤® बेबी की तरह पूरी तरह से विकसित à¤à¥€ नहीं हà¥à¤ होते हैं। यही वजह है कि पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° बेबी को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय
Continue reading wordpress ago hindi 0 views नवजात शिशॠका वजन पà¥à¤°à¤¾à¤¯: 5.5 – 9.5 पौंड (2.5-4.3 किगà¥à¤°à¤¾.) à¤à¤µà¤‚ लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ 19-22 इंच (48 – 56 से. मी.) की होती है।
डिलीवरी के समय बचà¥à¤šà¤¾ कितने किलो का होता है?
सामानà¥à¤¯ तौर पर नवजात का वजन 2.5 से 3.5 किगà¥à¤°à¤¾ तक होता
पà¥à¤°à¤¸à¤µ कराने वाली डॉ. निलेश ठाकà¥à¤° ने बताया
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