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1- नारियल के तेल में à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€à¤œ होती हैं जो हर तरह के इंफेकà¥à¤¶à¤¨ को दूर रखती हैं। यह सà¥à¤•िन में आसानी से अबà¥à¤œà¥‰à¤°à¥à¤¬ à¤à¥€ हो जाता है।
2- डायपर के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की सà¥à¤•िन पर रैशेज à¤à¥€ पड़ जाते हैं। इससे बचने के लिठसà¥à¤•िन पर नारियल
दसà¥à¤¤ के दौरान इनका सेवन करना चाहिà¤à¤ƒ-
अनाज: पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ शाली चावल, दलिय।
दाले: मूंग, मसूर दाल।
फल à¤à¤µà¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚: परवल, लौकी, तोरई, करेला, कददू, मौसमी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, केला, जामà¥à¤¨, अनार, बिलà¥à¤µà¥¤
कई मामलों में, आप हमेशा की तरह अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खाना खिलाना जारी रख सकते हैं। आमतौर पर बिना किसी बदलाव या उपचार के दसà¥à¤¤ समय पर चले जाà¤à¤‚गे। लेकिन, जब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दसà¥à¤¤ होते हैं, तो –
अगर बचà¥à¤šà¤¾ खाना खाने योगà¥à¤¯ है तो उसे à¤à¤•
शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ (डायरिया) किस वजह से होते हैं?
इसके संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारणों की सूची बहà¥à¤¤ लंबी है। आपके शिशॠको विषाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ (​वायरल) या जीवाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤²) इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से डायरिया हो सकता है। इसके अलावा इसके कारण कोई परजीवी à¤à¥€ हो सकता है, शिशॠने कोई à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ ली हो या
यह à¤à¤• परिणाम हो सकता है, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस, जिसे पेट का फà¥à¤²à¥‚ à¤à¥€ कहा जाता है। यह माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण पेट या आंत की सूजन के अलावा कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं है। सामानà¥à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, दसà¥à¤¤ केवल विशेष चिकितà¥à¤¸à¤¾ उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता के बिना 2-4 दिनों तक रहता है। हालांकि, गंà¤à¥€à¤°
Continue reading wordpress ago hindi 0 viewsहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहें दसà¥à¤¤ के कारण शरीर से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी निकल जाता है जिससे डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है इसलिठइसे रोकने के लिà¤, खूब पानी और अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚। शरीर में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ बढ़ाने के लिठसà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क अचà¥à¤›à¥‡ विकलà¥à¤ª हैं। आप नींबू पानी और ओआरà¤à¤¸
Continue reading wordpress ago hindi 0 views दसà¥à¤¤ डायरिया (अतिसार) कà¥à¤¯à¤¾ है?
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° से हर साल दसà¥à¤¤ के लगà¤à¤— दो बिलियन मामले सामने आते हैं। सà¤à¥€ मामलों में दसà¥à¤¤ से पीड़ित रोगी के दस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ हैं। कà¥à¤› विकासशील देशों में डायरिया से पीड़ित बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ मर सकते हैं। दसà¥à¤¤ की मूल विशेषता यह है कि इस
अकà¥â€à¤¸à¤° मांà¤à¤‚ बचà¥â€à¤šà¥‡ के छह महीने के होने के बाद सेरेलेक खिलाना शà¥à¤°à¥‚ करती हैं लेकिन à¤à¤¸à¤¾ जरूरी नहीं है कि आपको बचà¥â€à¤šà¥‡ को सेरेलेक ही खिलाना है। आप घर पर à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठसेरेलेक के पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• विकलà¥â€à¤ª तैयार कर सकती हैं। जनà¥â€à¤® के बाद छह महीने तक शिशà¥
Continue reading wordpress ago hindi 0 views शिशॠके नाखून कैसे काटें?
शिशॠके नाखून काटने के लिठउसे à¤à¤¸à¥€ जगह पर लेकर बैठें जहां परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ उजाला हो।
जब बचà¥à¤šà¤¾ सो रहा हो तो उस समय नाखून काटें।
बचà¥à¤šà¥‡ की उंगली को अपने अंगूठे और तरà¥à¤œà¤¨à¥€ उंगली से
सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अलग से पानी पीने की जरूरत नहीं होती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मां के दूध में ही 80 फीसदी से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी होता है और इसी से शिशॠको आवशà¥â€à¤¯à¤• तरल पदारà¥à¤¥ मिल जाते हैं। वहीं, बोतल से दूध पीने पर फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• से शिशॠका शरीर
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