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सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ या अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€, चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ निदान (diagnostics) का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ साधन है। यह पराशà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ धà¥à¤µà¤¨à¤¿ पर आधारित à¤à¤• चितà¥à¤°à¤¾à¤‚कन (इमेजिंग) तकनीक है। चिकितà¥à¤¸à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में इसके कई उपयोग हैं जिसमें से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के बारे में जानकारी की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• जानीमानी है।
à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•ी में à¤à¤¸à¥€ तरंगो को पराशà¥à¤°à¤µà¥à¤¯
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड रिपोरà¥à¤Ÿ बॉय और गरà¥à¤² (Baby gender) कैसे पता करे इन हिंदी
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड रिपोरà¥à¤Ÿ बॉय और गरà¥à¤² कैसे पता करे इन हिंदी, baby gender अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड रिपोरà¥à¤Ÿ बॉय और गरà¥à¤² in hindi – अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने के बहà¥à¤¤ से कारण हैं. लेकिन सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारण है. गरà¥à¤ में पल रहा शिशॠगरà¥à¤² है
मà¥à¤à¥‡ तीसरी तिमाही में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की जरà¥à¤°à¤¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन करवाने का सबसे आम वजह यह पता करना होता है कि शिशॠसामानà¥à¤¯ ढंग से बढ़ रहा है या नहीं।
आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 28 से 32 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच गà¥à¤°à¥‹à¤¥ और फीटल वेलबींग सà¥à¤•ैन कराने
Pregnancy Tips: पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में इतनी बार करवाना चाहिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड, जानें कब और कैसे करवाà¤à¤‚ सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€
मां बनना किसी à¤à¥€ महिला के लिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की सबसे बड़ी खà¥à¤¶à¥€ है। इस दौरान महिलाà¤à¤‚ कई सारी मिकà¥à¤¸à¥à¤¡ फीलिंग से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है। कई महिलाओं को शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है, तो कई के
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड टेकà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ को ही सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤° कहा जाता है। पैरामेडिकल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के ये पेशेवर कà¥à¤› विशेष उपकरणों की मदद से मरीजों के रोगगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ अंगों की तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ लेते हैं। सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ रोग का पता लगाने की à¤à¤• जांच विधि है। इसके लिठजो मशीन इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाई जाती है, उससे अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚स वेवà¥à¤¸ (उचà¥à¤š
Continue reading सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ या अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€, चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ निदान (diagnostics) का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ साधन है। यह पराशà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ धà¥à¤µà¤¨à¤¿ पर आधारित à¤à¤• चितà¥à¤°à¤¾à¤‚कन (इमेजिंग) तकनीक है। चिकितà¥à¤¸à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में इसके कई उपयोग हैं जिसमें से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के बारे में जानकारी की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• जानीमानी है।
à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•ी में à¤à¤¸à¥€ तरंगो को पराशà¥à¤°à¤µà¥à¤¯
योनि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¤¼à¥€ à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ है जो योनि में शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ गà¥à¤¹à¤¾ के à¤à¥€à¤¤à¤° अंगों को देखने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड टà¥à¤°à¤¾à¤‚सडà¥à¤¯à¥‚सर (या "जांच") करती है। योनि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड योनि में डाली गई टà¥à¤°à¤¾à¤‚सडà¥à¤¯à¥‚सर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिया गया अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन होता है। यह à¤à¥à¤°à¥‚ण, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा की à¤à¤• सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ तसà¥à¤µà¥€à¤° देता है। इसे
Continue reading कैसे काम करती है अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड मशीन
कà¥à¤› सालों पहले तक मेडिकल टेकà¥â€à¤¨à¥‹à¤²à¤¾à¤œà¥€ इतनी विकसित नही थी जितनी आज के दौर में है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ को अपने मरीज का हाल चाल उसकी नबà¥â€à¤œ देख कर लेना होता था। वह अपने अनà¥à¤à¤µ से मरीज की बीमारी का पता लगा लेता था। आज मशीनो का
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में इतनी बार करवाना चाहिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड, जानें कब और कैसे करवाà¤à¤‚ सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€
हेलà¥à¤¥ डेसà¥à¤• : मां बनना किसी à¤à¥€ महिला के लिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की सबसे बड़ी खà¥à¤¶à¥€ है। इस दौरान महिलाà¤à¤‚ कई सारी मिकà¥à¤¸à¥à¤¡ फीलिंग से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है। कई महिलाओं को शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है, तो कई
लड़का पैदा होने के लकà¥à¤·à¤£, कà¥à¤¯à¤¾ सच है कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‚à¤
कहते हैं कि लड़का पैदा होगा या लड़की, इस बात के संकेत पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के नौ महीनों में ही मिल जाते हैं।
लड़का पैदा होने के लकà¥à¤·à¤£, कà¥à¤¯à¤¾ सच है कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‚à¤
कंसीव करने के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के नौ महीने पूरे होने तक
