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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में केसर खाने के फायदे à¤à¥€ हैं और नà¥à¤•सान à¤à¥€, कब और कितना केसर खाना चाहिà¤, जानें
वैसे तो केसर अपने औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ की वजह से काफी फेमस है और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¥€ केसर खाने के कई फायदे हैं। लेकिन अगर आपको पता ना हो कि कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में केसर
डॉकà¥à¤Ÿà¤° अकà¥à¤¸à¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को वà¥à¤°à¤¤ न रखने की सलाह देते हैं। वà¥à¤°à¤¤ के दौरान डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, थकान, कमजोरी आदि की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के साथ उसके गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠकी सेहत पर à¤à¥€ इसका असर हो सकता है। लेकिन अगर फिर à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ वà¥à¤°à¤¤
Continue reading पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में खाली पेट कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं? डायटीशियन से जानें सà¥à¤¬à¤¹ के पहले आहार की पूरी जानकारी
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं, यह जानना बेहद जरूरी है। इससे पूरे दिन अचà¥à¤›à¤¾ अनà¥à¤à¤µ करते हैं।
मां बनना हर महिला के लिठखास अनà¥à¤à¤µ होता
3 मंथ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी डाइट चारà¥à¤Ÿà¤ªà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी आहार पà¥à¤²à¤¾à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ और कà¥à¤¯à¤¾ न खाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी) का समय किसी à¤à¥€ महिला के लिठबहà¥à¤¤ खास होता है। न सिरà¥à¤« गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला बलà¥à¤•ि उसका पूरा परिवार आने वाले मेहमान का बेसबà¥à¤°à¥€ से इंतजार कर रहा होता है। à¤à¤¸à¥‡ में इस अवधि में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के नौ महीनों को इन तरीकों से बनाà¤à¤‚ हेलà¥â€à¤¦à¥€
कंसीव करने के बाद नौ महीने की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को हेलà¥â€à¤¦à¥€ बनाठरखना किसी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ से कम नहीं होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के बाद दिमाग में बस यही आता है कि अब मà¥à¤à¥‡ कà¥â€à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, कैसे à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करनी चाहिठऔर किन
हरितालिका तीज के तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° का वà¥à¤°à¤¤ सà¥à¤¹à¤¾à¤—िनों के लिठकाफी खास होता है। पति की लंबी आयॠके लिठमहिलाà¤à¤‚ यह वà¥à¤°à¤¤ रखती हैं। मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं का अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इस दिन माता पारà¥à¤µà¤¤à¥€ और शिव की पूजा करने से विशेष लाठकी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है और सà¥à¤¹à¤¾à¤— को लंबी उमà¥à¤° मिलती
Continue reading डिलिवरी के वकà¥à¤¤ गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के खतरे के बारे में जान लें, मां और शिशॠके लिठहो सकती है मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤!
डिलिवरी के वकà¥à¤¤ गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के खतरे के बारे में जान लें, मां और शिशॠके लिठहो सकती है मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤!
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² (Umbilical cord) गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शिशॠऔर महिला को जोड़े
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बहà¥à¤¤ मायने रखती है पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा की पोजीशन, जानिठइसके पà¥à¤°à¤•ार और कौन सी पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टल पोजीशन हो सकती है शिशॠके लिठखतरनाक
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा यानि अपरा गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान विकसित होने वाला à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ अंग है। यह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ माठको उसके शिशॠसे जोड़े रखता है और शिशॠके विकास
कà¥à¤¯à¤¾ है लॉ लाइंग पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा या पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤¯à¤¾, घबराà¤à¤‚ नहीं, सबà¥à¤° से काम लें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसमें हर महिला के अनà¥à¤à¤µ अलग होते हैं. इस दौरान मिलने वाला पà¥à¤¯à¤¾à¤° और केयर à¤à¤²à¤¾ किसे पसंद नहीं. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं के लिठजीवन का यह दौर बेहद सà¥à¤–द और यादगार
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤† कà¥à¤¯à¤¾ है
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा यानी अपरा गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर विकसित होने वाली संरचना है। इससे गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠको ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पोषण मिलता है। पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के जरिठशिशॠसे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है। अधिकतर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के ऊपर या साइड से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है।
