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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकहा जाता है कि गाय का दूध जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर होता है।
Continue reading wordpress 3 years ago hindi 0 viewsजैसा कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के साथ होता है, फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीड देना है या नहीं, यह तय करते समय कà¥à¤› चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर विचार करना पड़ता है। à¤à¤‚टीबॉडी की कमी। सà¥à¤¤à¤¨ के दूध में पाठजाने वाले कोई à¤à¥€ à¤à¤‚टीबॉडी निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ सूतà¥à¤° में नहीं होते हैं। इसलिठफारà¥à¤®à¥‚ला बचà¥à¤šà¥‡ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ और बीमारी
Continue reading wordpress 3 years ago hindi 0 viewsशिशॠके 12 महीने के होने के बाद ही उसे फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• देना बंद करना चाहिà¤
Continue reading wordpress 3 years ago hindi 0 viewsशिशॠके 12 महीने के होने के बाद ही उसे फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• देना बंद करना चाहिठऔर फà¥à¤² फैट डेयरी मिलà¥â€à¤• पिलाना शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤à¥¤
Continue reading wordpress 3 years ago hindi 0 views ​शिशॠका कब बंद करें फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤•-
जनरल रूल के हिसाब से à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का मानना है कि शिशॠके 12 महीने के होने के बाद ही उसे फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• देना बंद करना चाहिठऔर फà¥à¤² फैट डेयरी मिलà¥â€à¤• पिलाना शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को रोज 16 आउंस दूध
उमà¥à¤° के हिसाब से कितनी होनी चाहिठहाइट और वजन
उमà¥à¤° औसत वजन औसत लंबाई
à¤à¤• साल 9.2 किलो 29.2 इंच
दो
उमà¥à¤° के हिसाब से कितनी होनी चाहिठहाइट और वजन
उमà¥à¤° औसत वजन औसत लंबाई
à¤à¤• साल 9.2 किलो 29.2 इंच
दो
औसतन, बचà¥à¤šà¤¾ अपने पहले जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ के समय आसपास चलना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। इस मील के पतà¥à¤¥à¤° को 8 महीने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से लेकर 18 महीने के समय में पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सकता है।
Continue reading wordpress 3 years ago hindi 0 views वासà¥à¤¤à¤µ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को किसी à¤à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मारना या पीटना सही नहीं है। यह उनपर शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से गलत पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पीटने के नà¥à¤•सान-
1. हिंसा बढ़ सकती है
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हर छोटी-बड़ी बात के लिठपीटने से उनके मन पर गलत पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। आपको मारते
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सोफे के बगल में खड़ा करें और उसे à¤à¤• हाथ से पकड़ने दें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आप संतà¥à¤²à¤¨ के लिठउसका दूसरा हाथ पकड़ते हैं। फरà¥à¤¨à¥€à¤šà¤° के साथ-साथ धीरे-धीरे आगे-पीछे करें और चलने का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें । जलà¥à¤¦ ही वह गतिविधि का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने के लिठआपका हाथ छोड़
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